फर्क नही पढ़ता शायरी|300+Phark Nahee Nadhata Shaayaree Hindi mein

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फर्क नही पढ़ता शायरी|300+Phark Nahee Nadhata Shaayaree Hindi mein-फर्क नहीं पड़ता” ये एक वाक्य है, जो शायद हर किसी के दिल में कभी न कभी आ ही जाता है। यह उन परिस्थितियों को दर्शाता है, जब हम किसी रिश्ते, किसी व्यक्ति, या किसी स्थिति से उम्मीदें हार चुके होते हैं। कभी-कभी हमें यह समझना पड़ता है कि जिनसे हमें उम्मीद थी, वे कभी हमारे साथ नहीं रहते। लेकिन फिर भी, दिल में एक जगह रहती है, एक छोटी सी उम्मीद कि कुछ न कुछ तो है, जो हमें हमेशा खुश रखता है। यही “फर्क नहीं पड़ता” का संदेश है – हमारे अंदर की ताकत, हमारी आत्मा, हमारी सोच, वो कभी नहीं बदलती।

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फर्क नही पढ़ता शायरी| Phark Nahee Nadhata Shaayaree Hindi mein
फर्क नही पढ़ता शायरी| Phark Nahee Nadhata Shaayaree Hindi mein

1.
जब तुमसे दूर हो जाता हूँ, दिल थोड़ा उदास हो जाता है,
पर फिर सोचता हूँ तुमको फर्क नहीं पड़ता है,

2.
वो कहते हैं, ‘प्यार में कुछ फर्क नहीं पड़ता’,
तुम्हारी हँसीतो मेरे ग़म का फर्क मिट जाता है।

3.
जब तुमसे मुलाकात नहीं होती, तो फर्क तो पड़ता है,
पर क्या करूँ, बर्दास्त करना ही पड़ता है ।

फर्क नही पढ़ता शायरी| Phark Nahee Nadhata Shaayaree Hindi mein
फर्क नही पढ़ता शायरी| Phark Nahee Nadhata Shaayaree Hindi mein

4.
वो हमें छोड़कर चले गए, यह सच है,
लेकिन क्या फर्क पड़ता है, जब दिल उन्हीं के नाम से महकता है।

5.
कभी तुमसे मिलने की तलब होती है, कभी तुम्हारी यादों की,
क्या फर्क पड़ता है, हर रास्ता तुम तक पहुँचता है।

6.
लोग कहते हैं कि समय सब कुछ ठीक कर देता है,
पर क्या फर्क पड़ता है, जब मेरी जिन्दगी मुझसे दूर है ??

7.
बिना तुम्हारे दुनिया में सब कुछ अधूरा सा लगता है,
तुम किसी और के लिए छोड़ गए मुझे फर्क पड़ता है,

8
आशा है कि तुम्हारी यादें कभी दूर नहीं जाएँगी,
क्योंकि क्या फर्क पड़ता है, जब वही यादें दिल को सुकून देती हैं।

9.
जब वो हमें समझ नहीं पाए, तो हमें फर्क नहीं पड़ा,
क्योंकि हमारी दुनिया में उनके बिना भी कुछ कम नहीं पड़ा।

10.
सच्चे रिश्ते कभी खत्म नहीं होते, बस वक्त बदल जाता है,
क्या फर्क पड़ता है, जब दिल का रिश्ता हमेशा बना रहता है।

Farq Nahi Padta Shayari – Hinglish Version


Woh kehte hain ki farq nahi padta, kya farq padta hai?
Jab dil aur jazbaaton mein farq na ho, toh kya farq padta hai?
Har rishtay mein utaar-chadhaav aate hain, yeh sach hai.
Lekin jab kisi ki yaadon se farq nahi padta, toh kya farq padta hai?

1.
Jab tumse door ho jata hoon, dil thoda udaas ho jata hai,
Par phir sochta hoon, kya farq padta hai, kyunki dil tumse hi paas ho jata hai.

2.
Woh kehte hain, ‘Pyar mein kuch farq nahi padta’,
Lekin tumhari hansi mein hi toh mere har gham ka farq mit jata hai.

3.
Jab tumse mulaqat nahi hoti, toh farq toh padta hai,
Par kya karoon, jab tumse pyar karta hoon, toh woh farq bhi pyara lagta hai.

4.
Woh humein chhodkar chale gaye, yeh sach hai,
Lekin kya farq padta hai, jab dil unhi ke naam se mehkta hai.

5.
Kabhi tumse milne ki talab hoti hai, kabhi tumhari yaadon ki,
Kya farq padta hai, har raasta tum tak pahuchta hai.

6.
Log kehte hain ki samay sab kuch theek kar deta hai,
Par kya farq padta hai, jab meri har saans mein tum ho.

7.
Bina tumhare duniya mein sab kuch adhoora sa lagta hai,
Kya farq padta hai, jab tum mere dil ke andar baste ho.

8.
Asha hai ki tumhari yaadein kabhi door nahi jayengi,
Kyuki kya farq padta hai, jab woh yaadein dil ko sukoon deti hain.

9.
Jab woh humein samajh nahi paye, toh humein farq nahi pada,
Kyuki humari duniya mein unke bina bhi kuch kam nahi pada.

10.
Sachche rishtay kabhi khatam nahi hote, bas waqt badal jata hai,
Kya farq padta hai, jab dil ka rishta hamesha bana rehta hai.

6.
तुमने जो कहा था, मैं कभी भूल नहीं पाई,
लेकिन अब तुम्हारी यादों से, मुझे फर्क नहीं पड़ता, यही सच्चाई।

7.
कभी सोचा था, तुम्हारे बिना क्या करूँगा,
पर अब एहसास हुआ, मुझे फर्क नहीं पड़ता,

8.
तुमसे दूर होने के बाद, मैंने खुद को फिर से पाया,
अब मैं जो हूं, वह मैं ही हूं, और मुझे फर्क नहीं पड़ता किसी ने क्या कहा।

9.
कभी डर लगता था, अकेले जीने से,
अब सुकून मिलता है, मुझे फर्क नहीं पड़ता किसी से।

10.
जो मेरे थे, वो अब नहीं रहे पास,
लेकिन फिर भी मेरी दुनिया में, मुझे फर्क नहीं पड़ता किसी की खामोशी या अहसास।

11.
वो जो ख्वाब हमने देखे थे, वो टूट गए थे एक दिन,
लेकिन अब इन टूटे ख्वाबों में, मुझे फर्क नहीं पड़ता किसी की नफरत या अफवाहों से।

12.
जिन्हें हमने कभी अपना माना, वो अब दूर हो गए,
लेकिन अब मुझे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मैं खुद के पास हूँ।

13.
कभी लगता था, बिना तुम कुछ अधूरा हूँ,
पर अब मैं जान चुका हूँ, मुझे फर्क नहीं पड़ता, मैं खुद में पूरा हूँ।

14.
खुद से ही मिले हैं इतने रंग,
अब मुझे फर्क नहीं पड़ता, दुनिया के किसी रंग से।

15.
तुम्हारे बिना जो जिया, वो अब मेरा हिस्सा बन गया,
मुझे फर्क नहीं पड़ता, मैं खुद से बहुत प्यार करने लगा।

16.
तुमसे मिलने की अब कोई ख्वाहिश नहीं रही,
मैंने अपने दर्द को अपनी ताकत बना मुझे फर्क नहीं पड़ता।

17.
जो कभी तुम्हारी यादों में खो जाता था,
अब मैं उन यादों से बाहर आ गया हूँ, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

18.
कभी लगता था, तुम बिन सब खत्म हो जाएगा,
लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता।

19.
जो हमें छोड़कर चले गए थे, अब वो लौट के आए,हैं
लेकिन मैं अब खुद के साथ हूँ, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

फर्क नही पढ़ता शायरी| Phark Nahee Nadhata Shaayaree Hindi mein
फर्क नही पढ़ता शायरी| Phark Nahee Nadhata Shaayaree Hindi mein

20.
वो जो कभी कहते थे, तुम मेरे बिना कुछ नहीं,
अब ]कहता हूँ, मुझे फर्क नहीं पड़ता, मैं खुद ही सब कुछ हूँ।

21.
तुमसे जुड़ी वो छोटी-छोटी बातें अब फीकी लगने लगीं,
क्योंकि अब मुझे खुद की मौजूदगी में, सुकून मिलने लगा है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

22.
तुम्हारी यादें जो दिल में कहीं छुपी थीं,
अब वही यादें मेरे ताकत का हिस्सा बन गईं, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

23.
जो कभी सब कुछ था, अब वो कुछ नहीं है,
क्योंकि अब मैं खुद को समझ चुका हूँ, और मुझे फर्क नहीं पड़ता।

24.
वो दिन थे जब तुम्हारे बिना सब खाली सा लगता था,
अब वो ही खालीपन मेरी पूरी दुनिया बन गया है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

25.
तुमसे दूर होने के बाद, मैंने खुद को पाया,
अब मैं खुद में ही खुश हूँ, और मुझे फर्क नहीं पड़ता।

26.
तुम्हारी हंसी अब दिल को न हंसाती है,
अब मेरी तन्हाई में, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

27.
जो कभी मेरी वजह से रोते थे, अब वो खुश हैं कहीं,
पर अब मुझे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मैं खुद के लिए जी रहा हूँ।

28.
वो बातें जो कभी हमें बहुत खास लगती थीं,
अब वे साइलेंट हो गईं, और मुझे फर्क नहीं पड़ता।

29.
तुमसे जुड़ी हर याद अब धुंधली हो गई,
लेकिन अब मेरी यादें खुद के साथ हैं, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

30.
जो एक वक्त में मेरे जीने का कारण थे,
अब वो ही वजहें, मेरे जीने की रुकावट नहीं, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

31.
वो दिल जो कभी तुम्हारे लिए धड़कता था,
अब खुद की धड़कन से मेरा रिश्ता है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

32.
कभी तुम्हारे बिना जीने की सोच भी नहीं सकता था,
अब खुद से प्यार करना सीखा है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

33.
जो तुम थे वो अब नहीं हो, ये बात समझी है मैंने,
अब खुद से बेहतर कोई नहीं, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

34.
तुमसे उम्मीदें थीं, तुमसे प्यार था बहुत,
लेकिन अब कोई उम्मीद नहीं, क्योंकि मुझे फर्क नहीं पड़ता।

35.
राहें बदल गईं, और रुक गए वो साथ,
लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता, मैंने खुद से जोड़ा है साथ।

36.
दूसरों की सोच, उनकी बातें अब बेकार लगने लगीं,
क्योंकि अब मुझे फर्क नहीं पड़ता, खुद की खामोशी में मैं जीने लगा हूँ।

37.
कभी दिल में उम्मीदें थीं कि तुम वापस आओगे,
अब दिल में सिर्फ एक अहसास है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

38.
जो कभी मेरे थे, वो अब किसी और के हैं,
लेकिन अब मुझे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि मैं खुद को अपना मानने लगा हूँ।

39.
तुमसे दूर हो कर मैं सशक्त हुआ,
अब मुझे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि अब मेरी पहचान खुद से है।

40.
जो कभी सबसे जरूरी थे, अब वो अपनी राहों में खो गए,
लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता, मैं खुद की राह पर चल पड़ा हूँ।

41.
तुमसे मिलने की अब कोई चाहत नहीं,
अब मेरी चाहत खुद से ही जुड़ी है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

42.
जो कभी मेरे दिल में था, अब वो सर्द हो गया,
लेकिन अब मुझे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि खुद को समझना आसान हो गया।

43.
तुम्हारी बातों में जो कभी ताकत थी, वो अब फीकी लगती है,
अब मेरी आवाज़ में खुद की ताकत है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

44.
वो जो हमेशा पास रहते थे, अब नहीं दिखते,
अब मैं अपनी दुनिया में हूँ, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

45.
जो कुछ खो गया था, वो अब भुला दिया है,
अब जो मेरे पास है, वही असली है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

46.
हमेशा एक उम्मीद थी कि सब कुछ ठीक हो जाएगा,
लेकिन अब मैं जानता हूँ, खुद को सही बनाना ही सबसे जरूरी है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

47.
जो कभी मेरे साथ थे, वो अब अपने रास्ते पर चल पड़े,
अब मैं खुद के रास्ते पर हूँ, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

48.
तुम्हारी यादें कभी ताजगी देती थीं, अब वो धुंधली हो गईं,
अब मेरी ज़िन्दगी में खुद की मुस्कान है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

49.
तुमसे जुड़ी बातें अब अपनी ही यादों में खो गईं,
अब मेरा ध्यान अपने सपनों पर है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

50.
वो जो मेरे बिना जीने की बात करते थे,
अब मैं उन्हीं के बिना पूरी दुनिया जी रहा हूँ, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

51.
वो जो एक वक्त था, कभी बिना देखे नहीं जीते थे,
अब खुद को देखता हूँ, और मुझे फर्क नहीं पड़ता।

52.
तुमसे मिले बिना भी जीने का अब तरीका ढूँढ़ लिया,
तुमसे दूर रहकर अब खुद से प्यार करना सीख लिया है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

53.
जो कभी मेरी खुशियाँ तुम्हारे पास होती थीं,
अब वो खुशियाँ मेरी अपनी हैं, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

54.
कभी तुम्हारी बातें दिल में गूंजती थीं,
अब अपनी बातों से दिल को संतुष्ट किया है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

55.
वो जो अब दूर हो गए हैं, वो अब तकलीफ नहीं देते,
क्योंकि अब खुद के साथ खुश हूँ, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

56.
जो कभी मेरी उम्मीद थे, अब वो मेरी तलाश नहीं,
अब मैं खुद से उम्मीद करता हूँ, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

57.
तुम्हारी यादें अब थोड़ी धुंधली हो गई हैं,
अब तो खुद की मुस्कान ही ज्यादा प्यारी है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

58.
जो कभी मेरी दुनिया थे, वो अब सिर्फ एक याद रह गए,
अब मैं खुद को अपनी दुनिया बना चुका हूँ, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

59.
तुमसे जुड़ी हर एक बात अब स्याही बन चुकी है,
अब वो स्याही मेरी अपनी किताब में है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।

60.
कभी सब कुछ तुम्हारे लिए करता था, अब खुद के लिए जीता हूँ,
मुझे फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि अब खुद से ही प्रेम करता हूँ।

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खुद को भी न पाया मैंने।

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62
दिल की हर बात कह नहीं सकते,
कुछ दर्द बस जी लिया करते हैं।

63
हर पल तुझे याद किया मैंने,
कुछ आंसू भी अपने लिए बहाए।

64
मुस्कान में भी छुपा दर्द है,
दिल के कोने में तेरी याद है।

65
चुप रहकर भी कुछ कह जाते हैं,
इन खामोशियों में दिल जलता है।

66
तू पास नहीं मगर हर पल है,
तेरी यादों में ही दिल बसता है।

67
हर धड़कन में तेरा नाम लिया,
दिल की तन्हाई में खुद को पाया।

68
तेरे बिना अधूरी हर ख्वाहिश है,
फिर भी दिल में तुझे सजाया।

69
आँखों में तेरी तस्वीर बसी है,
लबों तक तू हमेशा साथ है।

70
तेरी यादों का सफर लंबा है,
दिल की हर धड़कन में तू चलता है।

71
छुपा लिया है दर्द हँसी में,
पर तेरे बिना अधूरी ये ज़िन्दगी है।

72
हर पल तुझे पाकर भी खोया हूं,
तेरी यादों में ही खुद को पाया।

73
दिल की हर धड़कन तेरा नाम लेती,
तेरी कमी में ही मेरी दुनिया बसती।

74
कुछ लोग दूर होते हैं मगर पास लगते हैं,
तेरी यादों में ही दिल हर पल सजते हैं।

75
तेरी हँसी की खनक अब भी सुनाई देती,
हर याद में बस तू ही दिखाई देती।

76
तेरी तन्हाई में खुद को पाया मैंने,
कुछ पल तेरे बिना भी जी लिया मैंने।

77
दिल की हर दास्तां तुझ तक जाती,
तेरी यादें मेरी रूह तक सजती।

78
तेरी याद में हर रात कटती है,
हर सुबह तेरी हँसी सजती है।

79
कुछ बातें बस दिल में रह जाती हैं,
तेरी यादों में ही खुशी मिल जाती है।

80
तेरे बिना अधूरी हर कहानी है,
पर तेरी यादों में मेरी जवानी है।

2: क्या फर्क पड़ता है कहां कितना गवा दिया

: क्या फर्क पड़ता है शायरी हिंदी में
क्या फर्क पड़ता है जिंदगी में हमने क्या खोया


81
क्या फर्क पड़ता है कितना खोया,
जो किस्मत में है वही पाया।

82
हर ग़म को मैंने छोड़ दिया,
जो सच है उसे अपना लिया।

83
खोया जो कभी, फिर न पाया,
फर्क नहीं, बस जी लिया।

84
जो गुजर गया, उसे भूल गया,
फर्क नहीं, खुद को संभाल गया।

85
गया जो रास्ता, लौट कर न आया,
फर्क नहीं, आगे बढ़ चला गया।

86
जो खोया, उसे याद न किया,
फर्क नहीं, खुद को हँसाया।

87
जो पल बर्बाद हुए, उन्हें छोड़ दिया,
फर्क नहीं, नया रास्ता चुन लिया।

88
जो गया, उसे जाने दिया,
फर्क नहीं, खुद से मिल लिया।

89
जो खो गया, वही सिखाया,
फर्क नहीं, दिल को संभाला।

90
ग़म जो भारी थे, उन्हें हल्का किया,
फर्क नहीं, खुद पर भरोसा रखा।

91
जो दिल में था, उसे जी लिया,
जो बाहर था, उसे भूल गया।

92
हर बुरा वक्त बस गुजर गया,
फर्क नहीं, अब खुशियों का दौर आया।

93
जो खोया, वही सीख बन गया,
फर्क नहीं, अब डर से दूर गया।

94
जो पल रुला गया, उसे छोड़ दिया,
फर्क नहीं, अब हँसी में खो गया।

95
जो प्यार अधूरा रहा, उसे समेटा,
फर्क नहीं, अब खुद से मिला।

96
जो यादें दर्द देती थीं, उन्हें भूल गया,
फर्क नहीं, हर सुबह मुस्कान ले आया।

97
जो खोया, वही छूटा नहीं,
फर्क नहीं, बस जीने का तरीका बदला।

98
जो बिखरा, उसे जोड़ लिया,
फर्क नहीं, जीवन को संवार लिया।

99
जो गया, वही सिखाया,
फर्क नहीं, अब दिल को सजाया।

100
जो खोया, वही याद दिलाता,
फर्क नहीं, अब हर पल मुस्काता।

 3: खुद के लिए दो लाइन शायरी

खुद के लिए दो लाइन शायरी
खुद से प्यार करने वाली शायरी


101
खुद को जानो, यही सबसे बड़ा सुख है,
बिना खुद के जीना सबसे बड़ा दुख है।

102
जो दिल में है, वही अपनाओ,
दूसरों की सोच पर मत रोओ।

103
अपने लिए जियो, दूसरों के लिए नहीं,
खुद को समझो, यही सबसे बड़ी जीत है।

104
जो खोया है, उसे मत सोचो,
जो है उसे अपनाओ और बढ़ो।

105
अपने आप से प्यार करो,
दूसरों की राय पर मत हारो।

106
जो पल खुद के लिए जियो,
हर खुशी खुद के लिए बनाओ।

107
खुद की खुशियों को अहमियत दो,
दूसरों की नज़र में मत खो जाओ।

108
जो तुम बनना चाहते हो, वही बनो,
दूसरों की इज़्ज़त की चिंता मत करो।

109
अपने सपनों के लिए लड़ो,
दूसरों की आलोचना से मत डराओ।

110
जो दिल से सच है, उसे अपनाओ,
बिना डर के अपने लिए जीओ।

111
खुद की ताकत पहचानो,
हर मुश्किल आसान हो जाएगी।

112
अपने लिए मुस्कुराओ,
दूसरों की सोच मत समझो।

113
जो खुद के लिए मेहनत करता है,
वो हमेशा सफल होता है।

114
खुद की आवाज सुनो,
दूसरों की नहीं।

115
अपने दिल की सुनो,
हर राह आसान लगेगी।

116
खुद से प्यार करो,
दुनिया की चिंता छोड़ दो।

117
जो तुम हो, वही खास हो,
खुद की अहमियत जानो।

118
खुद के लिए समय निकालो,
बिना अपने नहीं जी सकते।

119
खुद की सफलता पर भरोसा रखो,
दूसरों के शब्दों से मत डराओ।

120
खुद के लिए जियो, दूसरों के लिए नहीं,
यही सबसे बड़ी सीख है जीवन की।

 4: जीवन पर 2 लाइन की शायरी

जीवन पर 2 लाइन की शायरी हिंदी
जीवन की सच्चाई बताने वाली शायरी


121
जिंदगी एक किताब है, हर पन्ना सिखाता है,
हर मुस्कान और आंसू कुछ बतलाता है।

122
हर दिन एक नया सबक लेकर आता है,
जिंदगी में कभी हार नहीं दिखाता है।

123
वक्त बदलता है, लोग बदलते हैं,
पर अनुभव सदा हमारे साथ रहते हैं।

124
जिंदगी की राहों में कभी ठोकर खाओ,
हर गिरावट से खुद को संभालना सीख जाओ।

125
हर पल एक नई उम्मीद जगाता है,
जिंदगी का हर लम्हा कुछ सिखाता है।

126
जो खो गया, उसे पीछे छोड़ दो,
आगे बढ़ो और खुद को सुधारो।

127
खुशियाँ छोटी हों या बड़ी,
जिंदगी में हर पल कीमती होती है।

128
दुख भी सिखाता है, हँसी भी सिखाती है,
जिंदगी का हर रंग हमें आगे बढ़ाती है।

129
जो खोया उसे याद मत रखना,
जो पाया उसे जीना सीखना।

130
हर सुबह एक नई शुरुआत है,
हर रात एक नई सीख के साथ आती है।

131
जिंदगी में कभी हार मत मानो,
हर मुश्किल के बाद जीत का पैगाम है।

132
वक़्त कभी भी रुकता नहीं,
जिंदगी की राहों में आगे बढ़ना है यही।

133
जो पल बुरा लगे, उसे भुला दो,
खुशियों की तलाश में खुद को मिला दो।

134
हर अनुभव हमें मजबूत बनाता है,
जिंदगी का हर लम्हा सीख सिखाता है।

135
जो खोया वह बस याद बन जाता है,
जो पाया वही सच में साथ निभाता है।

136
हर दुख में छुपा सुख ढूँढो,
जिंदगी के हर रंग को अपनाओ।

137
जीवन एक यात्रा है, मंज़िल तक जाना है,
हर कदम खुद को पहचानना है।

138
जिंदगी की हर सीख अनमोल है,
जो समझे वही सफल है बोल है।

139
जो पल जिए बिना गुजर गए,
वो जिंदगी के सबसे बड़े सबक हैं।

140
खुद से प्यार करना सीखो,
जिंदगी में यही सबसे बड़ी जीत है।

5: Fark nahi padta shayari on life

: fark nahi padta shayari on life
life attitude fark nahi padta shayari


141
फर्क नहीं पड़ता, जो खो गया वह गया,
जो है वही अब हमारा साया।

142
जो बीत गया उसे भूल जाना,
फर्क नहीं, आगे बढ़ जाना।

143
दुनिया कहे जो, सुनना जरूरी नहीं,
जो सही है वही अपनाना सही है।

144
जो दिल में है वही निभाना,
दूसरों की बातें हमें रोक नहीं सकती।

145
फर्क नहीं पड़ता, आलोचना से डरना,
जो सच है वही जीवन में भरना।

146
जो खोया उसे याद मत करना,
फर्क नहीं, नए सपने चुनना।

147
दुनिया की राय में मत उलझो,
जो सही है वही अपनाओ और बढ़ो।

148
जो बीत गया, उसे पीछे छोड़ दो,
फर्क नहीं, अब नई राह पकड़ो।

149
जो मन को सुकून देता है वही करो,
दूसरों की सोच में मत खो जाओ।

150
फर्क नहीं पड़ता, जिनसे नफ़रत है,
हमेशा प्यार को ही अपनाना।

151
जो हुआ, उसे समझो और छोड़ दो,
फर्क नहीं, जीवन में आगे बढ़ो।

152
जो कहें लोग, उनकी सुनो मत,
फर्क नहीं, अपनी राह खुद बनाओ।

153
जो दिल कहे वही करना,
दूसरों की आलोचना से मत डरना।

154
फर्क नहीं पड़ता, जो खोया वह बीत गया,
जो पाया है वही जीवन में जीत गया।

155
जो खोया वह बस सीख बन गया,
फर्क नहीं, अब खुशियाँ अपना लिया।

156
दुनिया की परवाह मत करो,
जो सही है वही अपने लिए करो।

157
जो दुख है उसे छोड़ दो,
फर्क नहीं, खुशियों का स्वागत करो।

158
जो बीत गया वह बस याद है,
फर्क नहीं, अब अपने पथ पर चलो।

159
जो दिल में है वही अपनाओ,
दूसरों की सोच से मत डर जाओ।

160
फर्क नहीं पड़ता, जो खोया वह गया,
जो है वही अब हमारा साया।

6: फर्क नहीं पड़ता मुझे कि दुनिया क्या कह ती है

फर्क नहीं पड़ता दुनिया क्या कहती है शायरी
मुझे फर्क नहीं पड़ता दुनिया क्या कहती है


161
दुनिया चाहे जो कहे, मैं वही करूँ जो सही लगे।
162
जो दिल कहे, वही अपनाओ, बाकी की बातों में मत उलझो।
163
दुनिया की आलोचना से डरना नहीं, खुद पर भरोसा रखो।
164
जो सही है, वही निभाओ, दुनिया की राय पर मत भरोसा करो।
165
जो लोग नापसंद करें, उनकी परवाह मत करो।
166
जो बीत गया उसे पीछे छोड़ दो, आगे बढ़ने में फर्क नहीं पड़ता।
167
दूसरों की सोच को मत अपनाओ, खुद की राह खुद बनाओ।
168
जो दिल में है, वही करो, दुनिया की बातें सिर्फ हवा हैं।
169
जो खो गया उसे याद मत करना, भविष्य की ओर देखो।
170
दुनिया कहे जो, उसे सुनो पर उस पर मत रुक जाओ।
171
जो रास्ता चुनो, वही सही है, दूसरों की सलाह में मत फँसो।
172
जो तुम हो वही जियो, बाकी की बातों का फर्क नहीं।
173
जो कहें लोग, वही करोगे तो खुश नहीं रहोगे।
174
जो सही लगे, वही करो, दुनिया की आलोचना को नजरअंदाज करो।
175
जो बीत गया, उसे भुला दो, नया रास्ता अपनाओ।
176
जो दिल कहे वही करना, दूसरों की सोच से मत डरना।
177
जो खो गया, उसे पीछे छोड़ दो, आगे बढ़ना सीखो।
178
दुनिया चाहे जो कहे, तुम अपनी सच्चाई मत छोड़ो।
179
जो सही लगे, वही निभाओ, बाकी की बातों को छोड़ दो।
180
जो हो चुका है, उसे याद मत करो, आगे का रास्ता अपना बनाओ।

7: फर्क नहीं पड़ता in English

: fark nahi padta in english meaning
fark nahi padta ka english matlab


181
It doesn’t matter what the world says, I follow my heart.
182
The opinions of others don’t define my path.
183
What I choose is mine; criticism cannot touch me.
184
What happened is past; the future is mine to create.
185
I do what feels right, the rest is just noise.
186
The world may judge, but I walk my own way.
187
No one’s words can stop me from moving forward.
188
I follow my heart, not the crowd.
189
The past is behind, today is mine to live.
190
Criticism is temporary, self-belief is eternal.
191
I live for myself, not for the approval of others.
192
What others say doesn’t matter, my actions speak louder.
193
I make my choices, not the world.
194
The world talks, I walk silently on my own path.
195
The opinions of others can’t change my truth.
196
I live my life my way, and nothing else matters.
197
Past mistakes are lessons, not burdens.
198
I follow my dreams, ignoring the naysayers.
199
The world is free to speak, I am free to act.
200
I live today for myself, not for the world’s approval.

8: मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता शायरी

मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता शायरी
attitude shayari ghanta fark nahi padta


201
मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता, जो लोग कुछ भी कहें।
202
जो दिल में है वही करूँ, बाकी सब हवा है।
203
दुनिया की बातें मुझे छू नहीं सकतीं।
204
जो खो गया उसे पीछे छोड़ दो, मुझे फर्क नहीं।
205
जो लोग नापसंद करें, उनकी परवाह मुझे नहीं।
206
जो सही लगे, वही अपनाओ, बाकी की सुनो मत।
207
दुनिया चाहे जो कहे, मैं अपनी राह चुनूँ।
208
जो बीत गया वह याद मत करो, मुझे फर्क नहीं।
209
दूसरों की आलोचना से डरना नहीं, खुद पर भरोसा रखो।
210
जो खोया वह बस सीख है, मुझे फर्क नहीं पड़ता।
211
जो सही है, वही करो, बाकी की परवाह मत करो।
212
जो लोग हँसते हैं, मुझे फर्क नहीं पड़ता।
213
जो दिल कहे वही करूँ, दुनिया की बातें भूल जाओ।
214
जो रास्ता चुनो, वही सही है, मुझे फर्क नहीं।
215
दुनिया कहे जो, उसे सुनो लेकिन खुद मत खोओ।
216
जो खोया वह बीत गया, मुझे फर्क नहीं पड़ता।
217
जो दिल में है वही करना, दूसरों की सोच मत अपनाओ।
218
जो सही लगे, वही निभाओ, बाकी को छोड़ दो।
219
जो हुआ वह बीत गया, मुझे फर्क नहीं पड़ता।
220
मैं अपनी दुनिया में खुश हूँ, बाकी की बातों में फर्क नहीं।

9: क्या फर्क पड़ता है हम कैसे हैं Shayar

क्या फर्क पड़ता है हम कैसे हैं शायरी
हमें फर्क नहीं पड़ता हम जैसे हैं वैसे ही सही

221
दुनिया कहे जो, हमें क्या फर्क पड़ता है।
222
हम जैसे हैं, वैसे ही सही हैं।
223
जो खोया उसे पीछे छोड़ो, हमें क्या फर्क पड़ता है।
224
जो बीत गया वह याद मत करो, हम आगे बढ़ते हैं।
225
दूसरों की सोच में उलझना, हमें क्या फर्क पड़ता है।
226
जो सही लगे वही करना, बाकी को छोड़ देना।
227
जो खुश हैं, वही सच में जीते हैं।

228
दुनिया चाहे जो कहे, हमें क्या फर्क पड़ता है।
229
जो दिल कहे वही करो, बाकी की बातें हवा हैं।
230
हम अपनी राह खुद चुनते हैं, और यही सही है।
231
जो बीत गया उसे भुला दो, हमें फर्क नहीं पड़ता।
232
दूसरों की आलोचना से डरना नहीं, हम अपने हैं।
233
जो सही लगे वही निभाओ, बाकी की सुनो मत।
234
हम जैसे हैं, वैसे ही खुश हैं, बाकी की परवाह नहीं।
235
जो खो गया वह सबक है, हमें फर्क नहीं पड़ता।
236
जो लोग नापसंद करें, उनकी परवाह हमें नहीं।
237
जो दिल में है वही करो, बाकी की बातें छोड़ दो।
238
जो बीत गया वह बीत गया, हम आगे देख रहे हैं।
239
जो सही लगे वही अपनाओ, दुनिया की बातें भूल जाओ।
240
हम खुश हैं, यही हमारी दुनिया है, बाकी का क्या फर्क।

💔 अब फर्क नहीं पड़ता शायरी
241.
अब तेरे जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता,
दिल ने दर्द से समझौता कर लिया है।
Ab tere jaane se koi fark nahi padta,
Dil ne dard se samjhauta kar liya hai.

242.
पहले तेरी हर बात चुभती थी,
अब कुछ भी हो, फर्क नहीं पड़ता।
Pehle teri har baat chubhti thi,
Ab kuch bhi ho, fark nahi padta.

243.
जिसे खोने का डर था कभी,
अब उसके बिना भी फर्क नहीं पड़ता।
Jise khone ka darr tha kabhi,
Ab uske bina bhi fark nahi padta.

244.
अब ना शिकायत है, ना गिला है,
जो था वो था, अब फर्क नहीं पड़ता।
Ab na shikayat hai, na gila hai,
Jo tha wo tha, ab fark nahi padta.

245.
तेरे बदल जाने का दुख था कभी,
अब तू जैसा भी है, फर्क नहीं पड़ता।
Tere badal jaane ka dukh tha kabhi,
Ab tu jaisa bhi hai, fark nahi padta.

246.
दिल ने सीख लिया है अकेले जीना,
अब किसी के साथ से फर्क नहीं पड़ता।
Dil ne seekh liya hai akele jeena,
Ab kisi ke saath se fark nahi padta.

247.
अब तेरी यादें भी सता नहीं पाती,
वक्त ने ऐसा बना दिया कि फर्क नहीं पड़ता।
Ab teri yaadein bhi sata nahi paati,
Waqt ne aisa bana diya ki fark nahi padta.

248.
जिसके लिए रोते थे रातों में,
आज उसके लिए भी फर्क नहीं पड़ता।
Jiske liye rote the raaton me,
Aaj uske liye bhi fark nahi padta.

249.
अब दर्द भी अपना लगने लगा है,
इसलिए किसी से फर्क नहीं पड़ता।
Ab dard bhi apna lagne laga hai,
Isliye kisi se fark nahi padta.

250.
जिसे चाहा वो मिला नहीं,
अब जो मिले, फर्क नहीं पड़ता।
Jise chaha wo mila nahi,
Ab jo mile, fark nahi padta.

251.
अब उम्मीदों का बोझ नहीं उठाते,
इसलिए किसी बात से फर्क नहीं पड़ता।
Ab umeedon ka bojh nahi uthate,
Isliye kisi baat se fark nahi padta.

252.
दिल को समझा लिया है हमने,
अब किसी के जाने से फर्क नहीं पड़ता।
Dil ko samjha liya hai humne,
Ab kisi ke jaane se fark nahi padta.

253.
पहले तुझे खोने से डर लगता था,
अब तुझे पाने से भी फर्क नहीं पड़ता।
Pehle tujhe khone se darr lagta tha,
Ab tujhe paane se bhi fark nahi padta.

254.
अब ना तेरा इंतजार है, ना शिकायत,
जो भी है, फर्क नहीं पड़ता।
Ab na tera intezaar hai, na shikayat,
Jo bhi hai, fark nahi padta.

255.
दिल अब इतना मजबूत हो गया है,
कि टूटे भी तो फर्क नहीं पड़ता।
Dil ab itna majboot ho gaya hai,
Ki toote bhi to fark nahi padta.

256.
अब तेरे बिना भी मुस्कुरा लेते हैं,
क्योंकि हमें फर्क नहीं पड़ता।
Ab tere bina bhi muskura lete hain,
Kyunki hume fark nahi padta.

257.
जो चला गया उसे जाने दिया,
अब पीछे मुड़कर फर्क नहीं पड़ता।
Jo chala gaya use jaane diya,
Ab peeche mudkar fark nahi padta.

258.
अब खुद को ही अपना बना लिया है,
इसलिए किसी और से फर्क नहीं पड़ता।
Ab khud ko hi apna bana liya hai,
Isliye kisi aur se fark nahi padta.

259.
अब दिल को आदत हो गई है दर्द की,
इसलिए किसी बात से फर्क नहीं पड़ता।
Ab dil ko aadat ho gayi hai dard ki,
Isliye kisi baat se fark nahi padta.

260.
अब तेरे होने या ना होने से,
मेरी जिंदगी में फर्क नहीं पड़ता।
Ab tere hone ya na hone se,
Meri zindagi me fark nahi padta.

😎 attitude फर्क नहीं पड़ता शायरी
261.
मुझे फर्क नहीं पड़ता लोग क्या सोचते हैं,
मैं वही करता हूँ जो मुझे सही लगता है।
Mujhe fark nahi padta log kya sochte hain,
Main wahi karta hoon jo mujhe sahi lagta hai.

262.
हम जैसे हैं वैसे ही ठीक हैं,
किसी को फर्क पड़े या ना पड़े।
Hum jaise hain waise hi theek hain,
Kisi ko fark pade ya na pade.

263.
दुनिया क्या कहेगी ये सोचकर नहीं जीते,
हमें फर्क नहीं पड़ता।
Duniya kya kahegi ye sochkar nahi jeete,
Hume fark nahi padta.

264.
जो हमें समझे वही अपने हैं,
बाकियों से फर्क नहीं पड़ता।
Jo hume samjhe wahi apne hain,
Baakiyon se fark nahi padta.

265.
हम अपनी ही दुनिया में खुश हैं,
किसी की सोच से फर्क नहीं पड़ता।
Hum apni hi duniya me khush hain,
Kisi ki soch se fark nahi padta.

266.
मुझे गिराने की कोशिश बहुत हुई,
पर अब मुझे फर्क नहीं पड़ता।
Mujhe giraane ki koshish bahut hui,
Par ab mujhe fark nahi padta.

267.
जो लोग पीछे बातें करते हैं,
उनसे हमें फर्क नहीं पड़ता।
Jo log peeche baatein karte hain,
Unse hume fark nahi padta.

268.
हम अपनी पहचान खुद बनाते हैं,
दुनिया से हमें फर्क नहीं पड़ता।
Hum apni pehchaan khud banate hain,
Duniya se hume fark nahi padta.

269.
हम वही हैं जो हमें होना चाहिए,
बाकियों से फर्क नहीं पड़ता।
Hum wahi hain jo hume hona chahiye,
Baakiyon se fark nahi padta.

270.
हमारा attitude ही हमारी पहचान है,
किसी की सोच से फर्क नहीं पड़ता।
Hamara attitude hi hamari pehchaan hai,
Kisi ki soch se fark nahi padta.

271.
जो हमें छोड़ गए, उनका शुक्रिया,
अब हमें किसी से फर्क नहीं पड़ता।
Jo hume chhod gaye, unka shukriya,
Ab hume kisi se fark nahi padta.

272.
हम अपनी शर्तों पर जीते हैं,
किसी की बातों से फर्क नहीं पड़ता।
Hum apni sharton par jeete hain,
Kisi ki baaton se fark nahi padta.

273.
हमसे जलने वालों की कमी नहीं,
पर हमें फर्क नहीं पड़ता।
Humse jalne walon ki kami nahi,
Par hume fark nahi padta.

274.
जो हमें पसंद नहीं करते,
उनसे हमें फर्क नहीं पड़ता।
Jo hume pasand nahi karte,
Unse hume fark nahi padta.

275.
हम अपनी राह खुद चुनते हैं,
किसी के रोकने से फर्क नहीं पड़ता।
Hum apni raah khud chunte hain,
Kisi ke rokne se fark nahi padta.

276.
हमारी सोच अलग है,
इसलिए हमें फर्क नहीं पड़ता।
Hamari soch alag hai,
Isliye hume fark nahi padta.

277.
जो साथ नहीं हैं, उन्हें भूल गए,
अब हमें फर्क नहीं पड़ता।
Jo saath nahi hain, unhe bhool gaye,
Ab hume fark nahi padta.

278.
हम अपने अंदाज़ में जीते हैं,
दुनिया से हमें फर्क नहीं पड़ता।
Hum apne andaaz me jeete hain,
Duniya se hume fark nahi padta.

279.
हमारी खुशी हमारी है,
किसी और से फर्क नहीं पड़ता।
Hamari khushi hamari hai,
Kisi aur se fark nahi padta.

280.
हम खुद ही अपनी पहचान हैं,
दुनिया से हमें फर्क नहीं पड़ता।
Hum khud hi apni pehchaan hain,
Duniya se hume fark nahi padta.

🧠 life reality फर्क नहीं पड़ता quotes
281.

जिंदगी सिखा देती है वक्त के साथ,
कि हर चीज से फर्क नहीं पड़ता।
Zindagi sikha deti hai waqt ke saath,
Ki har cheez se fark nahi padta.

282.
हर किसी को खुश करना जरूरी नहीं,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Har kisi ko khush karna zaroori nahi,
Isliye fark nahi padta.

283.
जो समझे वही अपना है,
बाकियों से फर्क नहीं पड़ता।
Jo samjhe wahi apna hai,
Baakiyon se fark nahi padta.

284.
जिंदगी में हर चीज पर रोना जरूरी नहीं,
कुछ बातों से फर्क नहीं पड़ता।
Zindagi me har cheez par rona zaroori nahi,
Kuch baaton se fark nahi padta.

285.
हर किसी का नजरिया अलग होता है,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Har kisi ka nazariya alag hota hai,
Isliye fark nahi padta.

286.
जो चला गया वो किस्मत था,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Jo chala gaya wo kismat tha,
Isliye fark nahi padta.

287.
हर दर्द हमेशा नहीं रहता,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Har dard hamesha nahi rehta,
Isliye fark nahi padta.

288.
जिंदगी छोटी है,
इसलिए हर बात से फर्क नहीं पड़ता।
Zindagi chhoti hai,
Isliye har baat se fark nahi padta.

289.
जो मिल गया वही काफी है,
बाकियों से फर्क नहीं पड़ता।
Jo mil gaya wahi kaafi hai,
Baakiyon se fark nahi padta.

290.
हर कोई अपना नहीं होता,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Har koi apna nahi hota,
Isliye fark nahi padta.

291.
जिंदगी में बहुत कुछ बदलता है,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Zindagi me bahut kuch badalta hai,
Isliye fark nahi padta.

292.
जो होना है वो होकर रहेगा,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Jo hona hai wo hokar rahega,
Isliye fark nahi padta.

293.
हर चीज हमारे बस में नहीं होती,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Har cheez hamare bas me nahi hoti,
Isliye fark nahi padta.

294.
समय सब कुछ बदल देता है,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Samay sab kuch badal deta hai,
Isliye fark nahi padta.

295.
जो आज है वो कल नहीं रहेगा,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Jo aaj hai wo kal nahi rahega,
Isliye fark nahi padta.

296.
हर किसी की अपनी कहानी होती है,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Har kisi ki apni kahani hoti hai,
Isliye fark nahi padta.

297.
जिंदगी में आगे बढ़ना जरूरी है,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Zindagi me aage badhna zaroori hai,
Isliye fark nahi padta.

298.
जो खो गया वो वापस नहीं आता,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Jo kho gaya wo wapas nahi aata,
Isliye fark nahi padta.

299.
हर चीज का समय होता है,
इसलिए फर्क नहीं पड़ता।
Har cheez ka samay hota hai,
Isliye fark nahi padta.

300.
जिंदगी का असली मतलब समझ आ गया,
अब किसी बात से फर्क नहीं पड़ता।
Zindagi ka asli matlab samajh aa gaya,
Ab kisi baat se fark nahi padta.

Overthinking Shayari पढ़िए

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