करुणा नहीं तो धर्म कैसा?
करुणा नहीं तो धर्म कैसा? कबीर, तुलसीदास, बुद्ध और गांधी के विचारों के माध्यम से जानिए पशुओं पर अत्याचार, गरीबों के शोषण और भेदभाव के बीच सच्चे धर्म और इंसानियत का अर्थ। करुणा नहीं तो धर्म कैसा? धर्म की पहचान केवल पूजा-पाठ, व्रत, तीर्थ और धार्मिक वेशभूषा से नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार, दूसरों के प्रति … Read more