Samvidhan Diwas Shayari|संविधान हमारा स्वाभिमान है

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Samvidhan Diwas Shayari|संविधान दिवस पर विशेष-26 नवंबर को पूरे देश में संविधान दिवस मनाया जाता है—वह दिन जब भारत ने अपने लोकतंत्र की नींव को शब्दों में ढाला। यह सिर्फ़ एक तारीख नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्र सोच, न्याय, समानता और स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों का उत्सव है। हमारा संविधान हमें यह याद दिलाता है कि भारत केवल भौगोलिक सीमाओं का देश नहीं, बल्कि एक विचार, विश्वास और मूल्य प्रणाली है जो हर नागरिक को जोड़ती है।

🟦 संविधान दिवस पर 
🟦 संविधान दिवस पर 

🟦 संविधान दिवस पर 
“संविधान—सिर्फ क़ानून नहीं, एक भावना है।
एक किताब नहीं, देश की आत्मा है।
भारत के हर नागरिक की आवाज़, अधिकार और पहचान—सब कुछ इसी में बसता है।”

भारत में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि किस तरह लाखों सपनों की नींव को डॉ. भीमराव अंबेडकर और उनकी ड्राफ्टिंग कमेटी ने आकार दिया।
यह सिर्फ एक पर्व नहीं—यह वो दिन है जब देश ने अपनी पहचान दुनिया के सामने तय की।

संविधान दिवस का इतिहास 
1947 में आज़ादी के बाद देश को एक ऐसे संविधान की जरूरत थी जो सभी धर्म, जाति और वर्ग को बराबरी दे सके।
29 अगस्त 1947 को संविधान ड्राफ्टिंग कमेटी बनाई गई, जिसके अध्यक्ष थे डॉ. बी. आर. अंबेडकर।
करीब 2 साल, 11 महीने, 18 दिन की मेहनत के बाद
26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया गया।
और 26 जनवरी 1950 को यह लागू हुआ, जो आज गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
2015 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर को आधिकारिक रूप से संविधान दिवस घोषित किया।

संविधान हमें क्या सिखाता है?
1. यह हमें हमारे अधिकारों की याद दिलाता है
भारत का संविधान हर नागरिक को ऐसे अधिकार देता है जो जीवन को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्वतंत्र बनाते हैं।
चाहे वह बोलने की स्वतंत्रता हो, शिक्षा का अधिकार हो, समानता का अधिकार हो या धार्मिक स्वतंत्रता—संविधान हमें यह याद दिलाता है कि हम सिर्फ नागरिक नहीं बल्कि सशक्त नागरिक हैं।
अधिकारों की यही शक्ति हमें अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने का साहस देती है और समाज में अपने स्थान को मज़बूत करती है।
संविधान कहता है कि आपका हक़—आपकी पहचान है।

2. यह हमें हमारे कर्तव्यों की ओर सजग करता है
संविधान सिर्फ अधिकारों की बात नहीं करता, बल्कि हमें हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।
देश के प्रति ईमानदारी, संविधान का सम्मान, पर्यावरण की रक्षा, महिलाओं की गरिमा बनाए रखना, भाईचारे का पालन करना—ये सभी हमारे मूल कर्तव्य हैं।
संविधान हमें यह समझाता है कि
हक़ निभाना जितना जरूरी है, फ़र्ज़ निभाना उससे भी ज़्यादा महत्वपूर्ण है।
कर्तव्य ही देश के विकास की असली नींव हैं।

3. यह लोकतंत्र को मजबूत करता है
भारत का संविधान दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की रीढ़ है।
चुनाव कैसे होंगे, सरकार कैसे चलेगी, नागरिकों की आवाज़ कैसे सुनी जाएगी—ये सब संविधान ही तय करता है।
यह सुनिश्चित करता है कि हर नागरिक की आवाज़ मायने रखती है, चाहे वह किसी भी धर्म, भाषा, जाति या वर्ग का हो।
संविधान की वजह से ही भारत में सत्ता जनता के हाथ में है और सरकार जनता के लिए, जनता द्वारा और जनता की होती है।
इसी तरह लोकतंत्र हर दिन मजबूत होता है।

4. यह बताता है कि भारत केवल एक देश नहीं, एक विचार है
भारत सिर्फ नक्शे पर बना भूखंड नहीं—यह एक विचार, एक भावना, एक संस्कार और एक दर्शन है।
सैकड़ों भाषाएँ, कई धर्म, अलग-अलग संस्कृतियाँ—फिर भी एकजुट रहने की शक्ति संविधान देता है।
यह सिखाता है कि एकता विविधता में ही बसती है।
हर संघर्ष में, हर विचार में और हर कदम पर संविधान हमें यह एहसास कराता है कि भारत एक परिवार है, और हम सभी उसकी आत्मा का हिस्सा हैं।
संविधान ही वह धागा है जो करोड़ों भारतीयों को एक सूत्र में पिरोए हुए है।

भारत के संविधान के 10 रोचक तथ्य
1. दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान
भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और विस्तृत लिखित संविधान है, जिसमें शुरुआत में ही 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियाँ शामिल थीं।

2. 2 साल 11 महीने 18 दिन में हुआ तैयार
संविधान को बनाने में लगभग 3 साल का समय लगा। यह देश के इतिहास की सबसे लंबी और विचारशील प्रक्रिया थी।

3. 166 दिनों की बैठकें
ड्राफ्टिंग कमेटी ने संविधान पर चर्चा करने के लिए कुल 166 बैठकें कीं, जिनमें प्रत्येक नागरिक की भलाई और अधिकारों पर गहराई से विचार किया गया।

4. संविधान लिखने वाले—कलम से नहीं, हाथ से लिखा गया
भारत का संविधान टाइप नहीं, बल्कि इटैलिक कैलीग्राफी में पूरी तरह हाथ से लिखा गया था।
इसे लिखने में प्रसिद्ध कलाकार प्रेम बिहारी नारायण रायजादा का योगदान रहा।

5. हर पन्ना कला का नमूना
संविधान के हर पन्ने को शांति निकेतन के कलाकारों द्वारा खूबसूरत कलाकृतियों से सजाया गया, जो आज भी एक विरासत हैं।

6. डॉ. भीमराव अंबेडकर—मुख्य शिल्पकार
डॉ. बी. आर. अंबेडकर संविधान ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन थे और उन्हें हमारा “संविधान निर्माता” कहा जाता है।

7. 26 नवंबर—अंगीकृत करने का दिन
संविधान को 26 नवंबर 1949 को स्वीकार किया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया, इसी कारण 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।

8. उधार लिया और सुधार भी किया
भारत का संविधान दुनिया के कई देशों—ब्रिटेन, अमेरिका, आयरलैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान—से प्रेरणा लेकर बनाया गया, लेकिन इसे भारत की ज़रूरतों के अनुसार पुनर्गठित व परिष्कृत किया गया।

9. दो भाषाओं में उपलब्ध—हिंदी और अंग्रेज़ी
संविधान शुरू से ही हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों भाषाओं में तैयार किया गया था।
हिंदी संस्करण को शुरुआत में हाथ से लिखा गया और बाद में प्रिंट किया गया।

10. संशोधन की विशेष शक्ति
भारत का संविधान इतना लचीला है कि समय के अनुसार इसे बदला जा सकता है।
अब तक संविधान में 100 से अधिक संशोधन हो चुके हैं, जो इसे समय के साथ विकसित बनाते हैं।

 संविधान दिवस पर  शायरी

 संविधान दिवस पर  शायरी
 संविधान दिवस पर  शायरी

1.
कागज़ की लकीरों में बस एक देश की तक़दीर है,
ये संविधान नहीं—भारत की सबसे बड़ी तस्वीर है।

2.
हक़ भी देता है, फ़र्ज़ भी सिखाता है,
संविधान हर मुश्किल में साथ निभाता है।

3.
लिखी गई जो कलम से, वो आज भी रौशन है,
भारत का संविधान—हर दिल की धड़कन है।

4.
बराबरी की राह दिखाता है, नफरत को पीछे छोड़ आता है,
जो जोड़ दे हर हिंदुस्तानी को—वो संविधान कहलाता है।

5.
आज़ादी के बाद की सबसे बड़ी पहचान,
भारत की शान—हमारा महान संविधान।

6.
न कोई बड़ा, न कोई छोटा—सबको बराबर मान,
यही तो देता है हमें—संविधान महान।

7.
जहाँ हर आवाज़ की कद्र हो—वो देश भारत है,
जहाँ हर अधिकार की ढाल हो—वो संविधान भारत है।

8.
ये हक़ भी है, ये सम्मान भी है,
संविधान ही हमारा हिंदुस्तान भी है।

9.
अधिकारों की रोशनी, कर्तव्यों की छाया,
भारत का संविधान—हर दिल का सच्चा साया।

10.
समानता की राह दिखाता है, न्याय की गाथा गाता है,
संविधान ही वो दीप है जो अंधेरों से बचाता है।

11.
धर्म, जाति, भाषा से ऊपर उठकर जो पहचान दे,
वही तो संविधान है जो हर दिल में सम्मान दे।

12.
कानून के सामने सब बराबर—ये खूबसूरत विचार,
भारत ने पाया जब बना संविधान—दुनिया ने कहा “अद्भुत उपहार।”

13.
आज़ादी को मजबूती दी, लोकतंत्र को आवाज़,
संविधान ने सजाया हर भारतीय का इतिहास।

14.
फर्ज़ निभाओ, हक़ को समझो—बस यही संदेश,
संविधान ने हमें सिखाया—क्यों खास है ये देश।

15.
लिखावट में सादगी, अर्थों में गहराई,
भारत का संविधान—शक्तियों की परछाई।

16.
एक किताब नहीं, करोड़ों सपनों का पुल है,
संविधान से ही भारत आज इतना बुलंद-ए-अफज़ल है।

17.
संविधान सबका, सबके लिए—यही है इसकी खूबी,
इसी ने मिटा दी मन में छायी हर दूरी।

18.
लोकतंत्र की नींव है ये, भारत की अस्मिता,
संविधान ने ही बनाई आज की यह एकता।

19.
कानून बना, अधिकार मिले—भारत हुआ महान,
संविधान की बदौलत ही चमका हिंदुस्तान।

20.
सदियों की सोच और जनमानस का सार,
संविधान ने दिया हमें बराबरी का उपहार।

21.
जब भी कोई अन्याय हो, संविधान बनता ढाल,
इसका सम्मान करना ही है भारत का कमाल।

22.
अधिकारों की छत है ये, कर्तव्यों की नींव,
संविधान ने रचा है भारत का सबसे सुंदर जीव।

23.
सीख देता है “हम” बनो, “मैं” से ऊपर उठो,
संविधान के रास्ते पर चलो, और नई रोशनी में जियो।

24.
भारत की धड़कन में इसकी आवाज़ बसी,
संविधान नहीं—ये खुद आज़ादी की हँसी।

25.
शब्दों में समंदर, विचारों में आसमान,
संविधान ने सजाया—मेरा प्यारा हिंदुस्तान।

26.
जो जोड़ दे सबको—वही तो है पहचान,
संविधान ही बनाता है भारत को महान।

27.
न्याय, स्वतंत्रता, समानता—ये सिर्फ शब्द नहीं,
ये संविधान का दिल है, किसी काग़ज़ की पंक्ति नहीं।

28.
हर नागरिक की आवाज़ है, हर सपने का आधार,
संविधान से ही चमकता है “भारत महान” का संसार।

29.
मजबूत नींव जिस पर लोक की सरकार खड़ी हुई,
वो संविधान है—जो लाखों कुर्बानियों से गढ़ी हुई।

30.
भारत का भविष्य, भारत का मान,
संविधान है हमारी आज़ादी की असली पहचान।

⭐ Samvidhan Diwas Quotes 
32.
“संविधान सिर्फ किताब नहीं,
ये हर नागरिक की पहचान है;
जो इसके हक़ को समझ ले,
वही असली हिन्दुस्तान है।”

33.
“न्याय की राह दिखाता है,
अधिकार का मान बढ़ाता है;
संविधान हर भारतीय को,
बराबरी का सम्मान दिलाता है।”

34.
“26 नवंबर का दिन है ख़ास,
कानून देता हमें नई आस;
संविधान की रोशनी में चलकर,
भारत बने हर दिन उजास।”

35.
“अधिकार और कर्तव्य का संगम,
यही देश की असली परिभाषा है;
संविधान का हर एक शब्द,
भारत की पावन भाषा है।”

36.
“न्याय–समता–स्वतंत्रता का दीप,
हर दिल में जलाए रखना;
संविधान दिवस पर वचन दो,
भारत को सदैव आगे रखना।”

37.
“संविधान सिर्फ नियम नहीं,
जीवन का अनुशासन भी है;
ये हमें इंसान बनाता है,
और देशभक्ति का अर्थ भी है।”

38.
“26 नवंबर याद दिलाता है,
हमारी ताकत हमारी एकता है;
संविधान की रक्षा करना,
हर भारतीय की जिम्मेदारी पक्का है।”

39.
“जो देश से प्यार करता है,
वो संविधान का आदर करता है;
कानून की राह पर चलकर ही,
भारत अपना उज्ज्वल कल गढ़ता है।”

40.
“बराबरी का अधिकार जहाँ हो,
वही असली लोकतंत्र कहलाता है;
संविधान का पाठ पढ़ाना,
हर भारतीय का फ़र्ज़ बन जाता है।”

41.
“देश तभी महान बनेगा,
जब संविधान का सम्मान रहेगा;
नफरत को दूर हटाकर ही,
भारत आगे बढ़ता रहेगा।”

42.
“हमारी आज़ादी का प्रहरी,
हमारे अधिकारों का रखवाला;
संविधान भारत की आत्मा है,
जो हर पल दे रहा उजाला।”

32.
“संविधान सिर्फ किताब नहीं,
ये हर नागरिक की पहचान है;
जो इसके हक़ को समझ ले,
वही असली हिन्दुस्तान है।”

33.
“न्याय की राह दिखाता है,
अधिकार का मान बढ़ाता है;
संविधान हर भारतीय को,
बराबरी का सम्मान दिलाता है।”

34.
“26 नवंबर का दिन है ख़ास,
कानून देता हमें नई आस;
संविधान की रोशनी में चलकर,
भारत बने हर दिन उजास।”

35.
“अधिकार और कर्तव्य का संगम,
यही देश की असली परिभाषा है;
संविधान का हर एक शब्द,
भारत की पावन भाषा है।”

36.
“न्याय–समता–स्वतंत्रता का दीप,
हर दिल में जलाए रखना;
संविधान दिवस पर वचन दो,
भारत को सदैव आगे रखना।”

37.
“संविधान सिर्फ नियम नहीं,
जीवन का अनुशासन भी है;
ये हमें इंसान बनाता है,
और देशभक्ति का अर्थ भी है।”

38.
“26 नवंबर याद दिलाता है,
हमारी ताकत हमारी एकता है;
संविधान की रक्षा करना,
हर भारतीय की जिम्मेदारी पक्का है।”

39.
“जो देश से प्यार करता है,
वो संविधान का आदर करता है;
कानून की राह पर चलकर ही,
भारत अपना उज्ज्वल कल गढ़ता है।”

40.
“बराबरी का अधिकार जहाँ हो,
वही असली लोकतंत्र कहलाता है;
संविधान का पाठ पढ़ाना,
हर भारतीय का फ़र्ज़ बन जाता है।”

41.
“देश तभी महान बनेगा,
जब संविधान का सम्मान रहेगा;
नफरत को दूर हटाकर ही,
भारत आगे बढ़ता रहेगा।”

42.
“हमारी आज़ादी का प्रहरी,
हमारे अधिकारों का रखवाला;
संविधान भारत की आत्मा है,
जो हर पल दे रहा उजाला।”

43.
“संविधान हर मुश्किल में,
रास्ता दिखाने आता है;
कानून का पालन करने वाला ही,
सच्चा नागरिक कहलाता है।”

44.
“26 नवंबर का पावन दिन,
कर्तव्यों की याद दिलाता है;
अधिकार तभी खूबसूरत लगते हैं,
जब हर दिल इंसाफ़ निभाता है।”

45.
“विचारों की स्वतंत्रता हो,
समानता की हवा बहती रहे;
संविधान की ये नींव मजबूत,
भारत को ऊँचाइयाँ देती रहे।”

46.
“जो नफरतें मिटा दे दिल से,
वही संविधान की राह पे है;
कानून सबके लिए बराबर,
भारत की यही सच्ची चाह है।”

47.
“संविधान दिवस याद दिलाता,
हक़ और फ़र्ज़ का संगम है;
जब दोनों साथ निभाए जाएँ,
तभी भारत महान बनेगा हर दम है।”

48.
“कानून का आदर करना,
हर नागरिक की पहचान है;
इसी से देश सजेगा–संवरेगा,
यही संविधान की शान है।”

49.
“26 नवंबर की इस सुबह में,
नया संकल्प जगाते हैं;
संविधान की रक्षा करके,
हम देश को आगे ले जाते हैं।”

50.
“भारत की सबसे सुंदर रचना,
संविधान कहलाती है;
ये सिर्फ किताब नहीं जनाब,
ये देश की सांसें बताती है।”

1.
“मैं किसी समुदाय की प्रगति को महिलाओं ने जो प्रगति हासिल की है उससे मापता हूँ।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

डॉ. अंबेडकर के प्रेरणादायक विचार

डॉ. अंबेडकर के प्रेरणादायक विचार
डॉ. अंबेडकर के प्रेरणादायक विचार

2.
“जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

3.
“शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।”
— डॉ. भीमराव अंबेडकर

4.
“मन की गुलामी किसी भी गुलामी से बदतर होती है।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

5.
“हम बराबरी की बात तब तक ही कर सकते हैं जब तक समाज में भेदभाव की कोई जगह न हो।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

6.
“राजनीतिक लोकतंत्र तभी सफल होगा जब सामाजिक लोकतंत्र भी स्थापित होगा।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

7.
“न्याय हमेशा समानता के स्वरूप में होना चाहिए।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

8.
“संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज़ नहीं है, यह जीवन का मार्गदर्शक है।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

9.
“मनुष्य महान पैदा नहीं होता—उसके कर्म उसे महान बनाते हैं।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

10.
“धर्म व्यक्तिगत विषय है, लेकिन समाज समानता पर खड़ा होना चाहिए।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

11.
“किसी भी कीमत पर अपने अधिकारों को मत छोड़ो, वरना आने वाली पीढ़ियाँ कभी क्षमा नहीं करेंगी।”
— डॉ. भीमराव अंबेडकर

12.
“जो लोग इतिहास नहीं जानते, वे इतिहास नहीं बना सकते।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

13.
“स्वतंत्रता का अर्थ केवल राजनीतिक आज़ादी नहीं—यह सामाजिक और आर्थिक स्वतंत्रता भी है।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

14.
“अगर हम एक—एक कदम आगे बढ़ाएँ, तो समाज सौ कदम आगे बढ़ेगा।”
डॉ. भीमराव अंबेडकर

15.
“शिक्षा वह तलवार है जिससे कोई भी व्यक्ति अपनी किस्मत काटकर बदल सकता है।”
— डॉ. भीमराव अंबेडकर

 संविधान दिवस   स्लोगन

ये पढ़ें

 संविधान दिवस   स्लोगन
 संविधान दिवस   स्लोगन


🔥 1.
संविधान हमारा सम्मान, यही है नए भारत की पहचान।

🔥 2.
अधिकार भी हमारा—कर्तव्य भी हमारा, यही संविधान का प्यारा सहारा।

🔥 3.
संविधान बोले—सब बराबर! यही है भारत का सबसे बड़ा आधार।

🔥 4.
न्याय, स्वतंत्रता, समानता—यही है हमारी असली पहचान।

🔥 5.
जहाँ संविधान का सम्मान, वहीं भारत महान।

🔥 6.
भारत एक देश नहीं—एक विचार है, जिसे संविधान ने आकार दिया है।

🔥 7.
लोकतंत्र की धड़कन—भारत का संविधान।

🔥 8.
हक़ भी देगा, फर्ज़ भी सिखाएगा—संविधान भारत को आगे बढ़ाएगा।

🔥 9.
संविधान की रोशनी में—भारत चमकता है।

🔥 10.
एक किताब नहीं—125 करोड़ सपनों का धड़कता दिल है संविधान।

🔥 11.
संविधान है तो हम हैं, हमारे अधिकार हैं।

🔥 12.
विविधता में एकता—भारत की महानता, संविधान की खूबसूरती।

🔥 13.
संविधान: आज़ादी को नियमों का सुंदर उपहार।

🔥 14.
हमारा संविधान—हमारी ताकत, हमारा भविष्य।

🔥 15.
न्याय का दीपक, समानता की शपथ—संविधान है भारत की असली शक्ति।

🔥 16.
संविधान का सम्मान, देश का अभिमान।

🔥 17.
लोकतंत्र चलता है—संविधान संभालता है।

🔥 18.
संविधान—शक्ति भी है, संस्कृति भी, और सुरक्षा भी।

🔥 19.
भारत जिए संविधान के साथ, बढ़े कर्तव्यों के साथ।

🔥 20.
हमारा अधिकार, हमारा फर्ज़—दोनों की नींव: भारत का संविधान।

⭐ 21.
संविधान—भारत की आत्मा, भारत की शक्ति।

⭐ 22.
जहाँ संविधान की इज्ज़त, वहीं लोकतंत्र की मजबूती।

⭐ 23.
हम सब एक हैं—क्योंकि संविधान एक है।

⭐ 24.
संविधान सबको साथ, सबको अधिकार देता है।

⭐ 25.
संविधान—आज़ादी की दिशा और समानता की नींव।

⭐ 26.
भारत लिखता है भविष्य—संविधान के पन्नों में।

⭐ 27.
संविधान को मानो, कर्तव्यों को जानो।

⭐ 28.
संविधान ने हमें जोड़ा—हमने भारत को गढ़ा।

⭐ 29.
संविधान की शक्ति—हर नागरिक की रक्षा।

⭐ 30.
संविधान: एक देश, एक सोच, एक संकल्प।

⭐ 31.
हक़ मिले तभी नहीं, फर्ज़ निभे तभी देश चमकेगा।

⭐ 32.
संविधान—आम आदमी की सबसे बड़ी ताकत।

⭐ 33.
समानता का सबसे सुंदर रूप—भारत का संविधान।

⭐ 34.
संविधान: लोकतंत्र की धरोहर, भारत की गौरव-गाथा।

⭐ 35.
संविधान कहता है—सबको बराबर मौका।

⭐ 36.
संविधान है तो आज़ादी सुरक्षित है।

⭐ 37.
संविधान—भारत की दिशा, भारत की उम्मीद।

⭐ 38.
भारत की पहचान—संविधान का सम्मान।

⭐ 39.
संविधान: न्याय, स्वतंत्रता और समानता का पुल।

⭐ 40.
संविधान हमें जोड़ता है, लोकतंत्र को मोड़ता है।

संविधान दिवस की शुभकामनाएँ

संविधान दिवस की शुभकामनाएँ
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ


1️⃣
अधिकारों की शक्ति और कर्तव्यों की जिम्मेदारी,
यही है हमारे संविधान की सबसे बड़ी महानता।
गौरवान्वित भारतीय बनें—सोच में, व्यवहार में, संस्कार में।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

2️⃣
एक किताब नहीं, पूरा भारत लिखा है इसमें,
हर पन्ने में जनता की ताकत बसती है।
आइए, इसे सम्मान देना सीखें।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

3️⃣
हम एक हैं, क्योंकि हमारा संविधान एक है।
हम मजबूत हैं, क्योंकि इसकी नींव मजबूत है।
लोकतंत्र को दिल से अपनाएँ।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

4️⃣
जहाँ संविधान का आदर होता है,
वहीं सभ्यता और विकास जन्म लेते हैं।
आइए, संविधान को सिर्फ पढ़ें नहीं—जीएँ।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

5️⃣
भारत का संविधान—जनता का विश्वास,
जनता की आवाज़, जनता का प्रकाश।
यही हमें आगे बढ़ाता है।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

6️⃣
अधिकार हमें आज़ाद बनाते हैं,
कर्तव्य हमें महान।
दोनों का संतुलन ही भारत की पहचान।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

7️⃣
लोकतंत्र की असली ताकत कागज़ में नहीं,
उसे मानने वालों के चरित्र में होती है।
आइए, संविधान की मर्यादा रखें।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

8️⃣
समानता, स्वतंत्रता और न्याय—
ये सिर्फ शब्द नहीं, भारतीय आत्मा की पहचान हैं।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

9️⃣
संविधान हमें जोड़ता है,
सिखाता है, संभालता है।
यह भारत की सबसे बड़ी धरोहर है।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

🔟
एक सपने की तरह लिखा गया,
एक संकल्प की तरह स्वीकारा गया—
यही है हमारा गौरव: भारतीय संविधान।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

1️⃣
अधिकार मिलते हैं जब संविधान का मान करते हैं,
भारत महान बनता है जब हम कर्तव्य निभाते हैं।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

2️⃣
भारत की पहचान है इसका महान संविधान,
इसी से उज्ज्वल होता है देश का हर नागरिक।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

3️⃣
लोकतंत्र की धड़कन है हमारा संविधान,
यह हमें जोड़ता है एक सूत्र में।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

4️⃣
समानता, स्वतंत्रता और न्याय—यही इसकी शान,
भारत का संविधान है हर भारतीय की जान।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

5️⃣
संविधान सिर्फ किताब नहीं, देश की आत्मा है,
यही हमें शक्तिशाली और जिम्मेदार बनाता है।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

6️⃣
अधिकारों की रक्षा और कर्तव्यों की सीख,
यही देता है हमें संविधान का दीपक।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

7️⃣
संविधान ने हमें एक बनाया,
और एकता ने भारत को महान।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

8️⃣
हमारी आज़ादी की सबसे बड़ी ढाल—संविधान,
हमारी प्रगति का सबसे बड़ा रास्ता—संविधान।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

9️⃣
भारत की नींव भारत का संविधान,
हर नागरिक के सपनों का सम्मान।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

🔟
अधिकारों से ताकत, कर्तव्यों से पहचान,
यही सिखाता है हमें भारत का संविधान।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

1️⃣1️⃣
समझो, अपनाओ, निभाओ—यही है सार,
संविधान करता है हर भारतीय को तैयार।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

1️⃣2️⃣
जो संविधान को मानता है, वही सच्चा भारतीय कहलाता है।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

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संविधान का आदर ही लोकतंत्र की जीत है,
इसे निभाना हर नागरिक की ज़िम्मेदारी।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

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भारत एक विचार है, संविधान उसका प्रकाश,
इसी से जगमगाता है हमारा हर प्रयास।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

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न्याय, स्वतंत्रता और समानता का संदेश,
यही है संविधान का पवित्र वेश।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

FAQ-🟦 1. संविधान दिवस पर भाषण 

आदरणीय शिक्षकगण, सम्मानित अतिथिगण और प्रिय साथियों,
आप सभी को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

आज का दिन हम सभी भारतीयों के लिए अत्यंत गर्व का दिन है, क्योंकि इसी दिन हमारे देश की पहचान, हमारी स्वतंत्रता की सुरक्षा और हमारे अधिकारों की नींव रखने वाली महान रचना—भारतीय संविधान—को स्वीकार किया गया था। यह सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि 135 करोड़ भारतीयों की आशाओं, भावनाओं और सपनों का दस्तावेज़ है।

हमारा संविधान हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता देता है। यह हमें बताता है कि भारत केवल भूमि का टुकड़ा नहीं, बल्कि एक ऐसा विचार है जो सभी को साथ लेकर चलता है।

संविधान के निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा था—
“संविधान सिर्फ वादों का पन्ना नहीं, यह राष्ट्र की दिशा तय करता है।”

आज के दिन हमें सिर्फ अधिकार नहीं, अपने कर्तव्यों को भी याद रखना चाहिए, क्योंकि अधिकार तभी सुरक्षित होते हैं जब नागरिक अपना कर्तव्य निभाते हैं।

आइए, हम संकल्प लें कि संविधान में लिखी हर बात को न केवल पढ़ेंगे, बल्कि उसे अपनी जिंदगी में उतारेंगे।
इसी में है सच्चा देशप्रेम।

धन्यवाद।
संविधान दिवस की शुभकामनाएँ।

🟦 2. पहला संविधान दिवस कब मनाया गया?
पहला संविधान दिवस 26 नवंबर 2015 को मनाया गया था।
इसे मनाने की घोषणा भारत सरकार ने 2015 में की, जिसके बाद यह हर वर्ष राष्ट्रीय महत्व का दिवस बन गया।

🟦 3. संविधान दिवस कब मनाया जाता है और क्यों?
संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है।

इसे इसलिए मनाया जाता है क्योंकि
26 नवंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने भारतीय संविधान को आधिकारिक रूप से अपनाया (Adopt) था।

यह दिन हमें संविधान के महत्व, हमारे अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है।

🟦 4. संविधान दिवस क्यों मनाया जाता है?
संविधान दिवस मनाए जाने के मुख्य कारण—

संविधान के मूल्य, अधिकार और कर्तव्यों को याद करने के लिए।
डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान निर्माताओं के योगदान को सम्मान देने के लिए।
नागरिकों में लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने के लिए।
भारत की एकता, अखंडता और न्याय व्यवस्था की नींव को समझने के लिए।

🟦 5. संविधान दिवस पर निबंध
संविधान दिवस: भारत की आत्मा का उत्सव

भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे विस्तृत लिखित संविधान है। यह सिर्फ कानूनों का संग्रह नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और विचारधारा का प्रतीक है। प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को देशभर में संविधान दिवस मनाया जाता है, जिसे “संविधान स्वीकृति दिवस” भी कहा जाता है। इस दिन 1949 में संविधान को औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया था।

भारतीय संविधान का निर्माण 2 साल 11 महीने और 18 दिनों में हुआ। इसके निर्माण में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने मुख्य भूमिका निभाई, जिन्हें संविधान का शिल्पकार कहा जाता है। उन्होंने समाज के सबसे कमजोर वर्गों की आवाज को संविधान में स्थान दिलाया। उनकी दूरदर्शिता ने ही भारत को एक मजबूत लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाया।

संविधान हमें चार मूलभूत स्तंभ प्रदान करता है—
न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता।

इन्हीं सिद्धांतों पर चलकर भारत आज एक मजबूत, विविधतापूर्ण और संवैधानिक राष्ट्र के रूप में खड़ा है।

संविधान दिवस मनाना इसलिए भी आवश्यक है, क्योंकि यह हमें हमारे अधिकारों की याद दिलाता है—जैसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता का अधिकार, जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार आदि। लेकिन साथ ही यह हमें हमारे कर्तव्यों की भी ओर ध्यान दिलाता है, जैसे राष्ट्र की एकता को बनाए रखना, राष्ट्रीय ध्वज और प्रतीकों का सम्मान करना, सभी नागरिकों के प्रति सद्भाव रखना आदि।

वर्तमान समय में जब समाज कई चुनौतियों से गुजर रहा है, संविधान हमें सही दिशा दिखाता है। यह सुनिश्चित करता है कि हर नागरिक बिना भेदभाव के सम्मानपूर्वक जीवन जी सके। इसलिए संविधान दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उन आदर्शों का स्मरण है जिन पर हमारा देश खड़ा है।

अंत में, संविधान हमें यह संदेश देता है कि
“सशक्त नागरिक ही सशक्त राष्ट्र बनाते हैं।”

इसलिए संविधान की रक्षा और उसका सम्मान हर भारतीय का कर्तव्य है।

🟦 6. संविधान कब लागू हुआ और किसने किया?
भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ

इसे भारतीय संविधान सभा (Constituent Assembly) ने लागू किया,
और इसके निर्माण के प्रमुख शिल्पकार थे:
डॉ. भीमराव अंबेडकर।

26 जनवरी इसलिए चुना गया क्योंकि यही वह दिन था जब 1930 में पूर्ण स्वराज (पूर्ण स्वतंत्रता) का संकल्प लिया गया था।

संबिधान दिवस पर विकिपीडिया पर

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