Rashtriya Press Divas par Dil Chhune Wali Shayari|प्रेस की स्वतंत्रता और समाज पर इसका प्रभाव-राष्ट्रीय प्रेस दिवस प्रत्येक साल 16 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन हमें प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र में उसकी भूमिका की याद दिलाता है। प्रेस समाज के सबसे शक्तिशाली उपकरणों में से एक है, जो लोगों को जानकारी प्रदान करता है और सरकारों और संस्थाओं को जिम्मेदार बनाता है। इस पोस्ट में हम राष्ट्रीय प्रेस दिवस की महत्ता और प्रेस की स्वतंत्रता के महत्व को समझेंगे।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस का इतिहास

राष्ट्रीय प्रेस दिवस, 16 नवंबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की स्थापना 1966 में की गई थी। इस दिन को मनाने का उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करना और मीडिया के योगदान को सम्मानित करना है।
प्रेस की स्वतंत्रता: लोकतंत्र की रीढ़
प्रेस की स्वतंत्रता का लोकतंत्र पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह सुनिश्चित करती है कि नागरिकों को बिना किसी सेंसरशिप के तथ्यपूर्ण जानकारी मिले, जो लोकतंत्र के सही संचालन के लिए महत्वपूर्ण है। यदि प्रेस स्वतंत्र नहीं होगी, तो हम सच से अनजान रहेंगे।
प्रेस के योगदान से समाज में बदलाव
प्रेस ने हमेशा समाज में जागरूकता बढ़ाई है और कई सामाजिक मुद्दों को उजागर किया है। चाहे वह भ्रष्टाचार हो या समाजिक असमानता, प्रेस ने हर बार सच्चाई को सामने लाया है और कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
1. प्रेस की स्वतंत्रता पर शायरी
1.
“प्रेस की स्वतंत्रता में है लोकतंत्र की शक्ति,
जो सच्चाई को दिखाती है, हर दिशा से मुक्त।”

2.
“जहां प्रेस मुक्त होती है, वहां हर आवाज़ को मिलता है अवसर,
यह हर समाज के लिए नयापन और ताकत का असर।”
3.
“सच को सामने लाने में नहीं डरते पत्रकार,
प्रेस की स्वतंत्रता के बिना, लोकतंत्र नहीं जी सकता।”
4.
“पत्रकारिता के बिना, दुनिया का आईना नहीं मिल सकता,
प्रेस की स्वतंत्रता से ही तो हम सच्चाई तक पहुँच सकते हैं।”
5.
“प्रेस की स्वतंत्रता हर आवाज को ताकत देती है,
दुनिया की हर सच्चाई को, यह उज़ागर करती है।”
6.
“सत्य को बयान करने में कोई डर नहीं होता,
जब प्रेस की स्वतंत्रता होती है, तब कोई नहीं रोक सकता।”
7.
“प्रेस की स्वतंत्रता, एक प्रकाश है, जो हर अंधेरे में उम्मीद की किरण देती है।”
8.
“जहां प्रेस की स्वतंत्रता है, वहां कोई चुप नहीं रह सकता,
सभी को अपनी आवाज़ मिलती है, कोई दब नहीं सकता।”
9.
“प्रेस की स्वतंत्रता, लोकतंत्र की नींव है,
बिना इसके हर व्यवस्था ढह सकती है।”
10.
“सच्चाई को सामने लाना, प्रेस की जिम्मेदारी है,
और यह जिम्मेदारी स्वतंत्र प्रेस के बिना पूरी नहीं हो सकती।”
2. प्रेस की ताकत पर शायरी
1.
“पत्रकारिता वह तलवार है, जो अंधेरे को चीर देती है,
प्रेस की ताकत से ही समाज के चुप रहने वाले मुद्दे जीवित हो जाते हैं।”

2.
“प्रेस का काम सिर्फ लिखना नहीं, हर मुद्दे पर सवाल उठाना है,
यह समाज में बदलाव की आग जलाने वाला होता है।”
3.
“प्रेस की ताकत से ही सरकारें जागती हैं,
जो भ्रष्टाचार को छुपाने में लगी होती हैं, वह बेनकाब हो जाती हैं।”
4.
“प्रेस की ताकत उस समय और बढ़ जाती है,
जब यह समाज के सबसे कमजोर वर्ग के पक्ष में खड़ी होती है।”
5.
“सच्चाई को लिखने में न कोई डर है, न कोई रोक,
प्रेस की ताकत से ही झूठी सत्ता को हिला सकते हैं हम।”
6.
“प्रेस का सवाल सरकार के कानों में गूंजता है,
यह उसकी नीतियों को चुनौती देता है, और सिस्टम को जागता है।”
7.
“प्रेस की ताकत से ही दुनिया के सबसे घिनौने राज सामने आते हैं,
यह छिपाए गए सच को उजागर करती है, किसी डर से नहीं डरती।”
8.
“एक स्वतंत्र प्रेस वह हिम्मत है, जो सच का सामना करती है,
और कोई भी सत्ता इसके सामने टिक नहीं सकती।”
9.
“प्रेस की ताकत है, समाज के हर वर्ग को इंसाफ दिलाना,
यह कभी सच से समझौता नहीं करती, यह कभी झुकती नहीं है।”
10.
“प्रेस की ताकत, आवाज़ को मजबूत करती है,
यह समाज को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।”
3. प्रेस का योगदान पर शायरी:
1.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह सच्चाई को सामने लाती है,
और समाज को जागरूक कर सही रास्ते पर ले जाती है।”
2.
“प्रेस ने हमेशा हमें एक अलग दृष्टिकोण दिया है,
समाज के गहरे घावों को छिपने से बचाया है।”
3.
“प्रेस का योगदान न केवल जानकारी देना है,
यह लोकतंत्र को जीवित रखने का तरीका है।”
4.
“प्रेस समाज का आईना है, जो हमें सही राह दिखाती है,
यह हमारी ताकत और कमजोरी को सच्चे रूप में उजागर करती है।”
5.
“प्रेस का योगदान हमें समझाता है कि हम कहां गलत हैं,
यह हमें अपने कर्तव्यों का एहसास कराती है।”
6.
“प्रेस ने हमेशा हमें हमारे अधिकारों के बारे में बताया,
यह समाज के हर मुद्दे को सबसे पहले उठाती है।”
7.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह हमारे सामने सच्चाई लाती है,
और हमें हमारी जिम्मेदारियों का एहसास कराती है।”
8.
“प्रेस का योगदान समाज में सुधार लाने का है,
यह एक सशक्त नागरिक समाज का निर्माण करती है।”
9.
“प्रेस का योगदान समाज की आवाज़ को उठाना है,
यह कमजोरों के लिए रास्ता दिखाती है और उन्हें ताकत देती है।”
10.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह हमें कड़े सवाल पूछने के लिए प्रेरित करती है,
और समाज को सुधारने के लिए बदलाव की आवश्यकता को समझाती है।”
4. प्रेस की छिछोरी हरकतें:
1.
“आजकल प्रेस ने सच्चाई के बजाय सनसनीखेज खबरें फैलाना शुरू कर दिया है,
यह कभी-कभी समाज के बीच नफरत और भ्रम पैदा कर देती है।”
2.
“प्रेस अब कभी-कभी अपनी जिम्मेदारी भूल जाती है,
वह नफरत फैलाने वाले मुद्दों को बढ़ावा देती है।”
3.
“आजकल प्रेस की सच्चाई के बजाय टीआरपी की दौड़ में दिलचस्पी बढ़ी है,
यह संवेदनशील मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय ड्रामा पर ज्यादा ध्यान देती है।”
4.
“कुछ पत्रकार अब सिर्फ खुद को प्रसिद्ध करने के लिए,
सच्चाई से ज्यादा झूठ फैलाने में जुटे हुए हैं।”
5.
“वर्तमान में प्रेस कभी-कभी सच्ची खबरों को हंसी-मजाक में बदल देती है,
और इस तरह समाज की सच्चाई छुपाई जाती है।”
6.
“आजकल प्रेस की कहानियां ड्रामा और विवादों पर आधारित होती हैं,
सच्चाई से कम और मसालों से ज्यादा दिखती हैं।”
7.
“प्रेस कभी-कभी जनता के मुद्दों को हल्के में लेती है,
यहां तक कि सच्चाई को छिपाने की कोशिश करती है।”
8.
“आजकल पत्रकारिता से ज्यादा राजनीति का प्रभाव है,
यह सच्चाई को तौलने से ज्यादा प्रचारित करने में लगी रहती है।”
9.
“कुछ मीडिया हाउसेस अब समाज की सच्चाई नहीं,
बल्कि केवल विवादों को बढ़ावा देते हैं।”
10.
“प्रेस को समाज का आईना होना चाहिए, लेकिन आजकल यह अपनी चकाचौंध में खो चुकी है,
जो उसे अपने कर्तव्यों से भटका देती है।”
1. प्रेस की स्वतंत्रता पर कोट्स
1.
“प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की ताकत है, जो समाज को सच्चाई दिखाती है।”
2.
“प्रेस वह ताकत है, जो सत्ता के सामने सवाल खड़ा करती है, और लोकतंत्र को सशक्त बनाती है।”
3.
“जब प्रेस स्वतंत्र होती है, तो हर नागरिक को अपने अधिकारों का एहसास होता है।”
4.
“प्रेस की स्वतंत्रता वही दीवार है, जो लोकतंत्र को हर खतरे से बचाती है।”
5.
“जो प्रेस स्वतंत्र नहीं होती, वह समाज में अंधकार फैला देती है।”
6.
“प्रेस का हर सवाल, सत्ता की नींव को हिला सकता है, यही उसकी स्वतंत्रता का असली रूप है।”
7.
“प्रेस की स्वतंत्रता से ही हम सच्चाई को जान पाते हैं, और उसी से हमारी सोच और समझ बढ़ती है।”
8.
“प्रेस की स्वतंत्रता, समाज में हर झूठ को बेनकाब करने का अधिकार है।”
9.
“प्रेस को दबाने का मतलब है, समाज को चुप करा देना।”
10.
“सच को सामने लाने के लिए, प्रेस की स्वतंत्रता से बड़ा कोई हथियार नहीं हो सकता।”
11.
“प्रेस की स्वतंत्रता, वह उजाला है जो अंधेरे में रौशनी डालती है।”
12.
“जहां प्रेस स्वतंत्र होती है, वहां कोई भी दमन नहीं कर सकता, सच हमेशा सामने आता है।”
13.
“प्रेस की स्वतंत्रता, लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी है, जो समाज के हर मुद्दे पर निगाह रखता है।”
14.
“प्रेस की स्वतंत्रता ही वह ताकत है, जो सत्ता से लेकर आम आदमी तक को सशक्त बनाती है।”
15.
“प्रेस ने कभी नहीं झुकी, क्योंकि यह सच्चाई के लिए खड़ी रहती है, चाहे कितना भी दबाव हो।”
16.
“प्रेस के सवाल, समाज के जागरण का कारण बनते हैं, यही स्वतंत्रता की असली पहचान है।”
17.
“प्रेस की स्वतंत्रता, समाज के हर कदम की निगरानी करती है, और उसे सही दिशा दिखाती है।”
18.
“प्रेस की स्वतंत्रता ने ही हमें सच का सामना कराया है, बिना इसके हम अंधेरे में होते।”
19.
“जब प्रेस स्वतंत्र होती है, तब हर नागरिक को बिना किसी डर के सच बोलने का अधिकार मिलता है।”
20.
“प्रेस की स्वतंत्रता, वह शक्ति है जो समाज में सच को स्थापित करती है और झूठ को नष्ट करती है।”
2. प्रेस की ताकत पर कोट्स

“प्रेस की ताकत में वह सच्चाई है, जो किसी भी सत्ता को चुनौती दे सकती है।”
21.
“प्रेस की ताकत में वह सच्चाई है, जो किसी भी सत्ता को चुनौती दे सकती है।”
22.
“प्रेस की ताकत केवल शब्दों में नहीं, बल्कि उन शब्दों से पैदा होने वाली कार्रवाई में है।”
23.
“प्रेस की ताकत से ही सरकारें जागती हैं और सत्ता का दुरुपयोग नहीं हो पाता।”
24.
“प्रेस ने समाज को जागरूक किया है और सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई है, यही उसकी असली ताकत है।”
25.
“प्रेस की ताकत यह है कि यह चुप नहीं रहती, यह हमेशा हर मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठाती है।”
26.
“एक स्वतंत्र प्रेस समाज के सबसे कमजोर वर्ग के पक्ष में भी खड़ा होता है, यही उसकी ताकत है।”
27.
“प्रेस के सवाल, सत्ता से ज्यादा असरदार होते हैं, क्योंकि ये समाज को जगाते हैं।”
28.
“पत्रकारिता केवल खबरें नहीं देती, बल्कि यह समाज की दिशा तय करती है।”
29.
“प्रेस की ताकत से ही, जो सच है, वह कभी छुप नहीं सकता।”
30.
“प्रेस की ताकत यह है कि वह सिर्फ सच्चाई को नहीं दिखाती, बल्कि उसे समाज के हर कोने तक पहुंचाती है।”
31.
“प्रेस की ताकत यह है कि यह किसी से डरती नहीं, यह केवल समाज के हित में काम करती है।”
32.
“प्रेस का काम न केवल खबर देना है, बल्कि उस खबर से बदलाव लाना है।”
33.
“प्रेस की ताकत हर आवाज को सुनने में है, यह समाज की समस्याओं को उजागर करती है।”
34.
“प्रेस की ताकत वह अजीब शक्ति है, जो सत्ता को अपनी जगह पर रखती है।”
35.
“प्रेस का सवाल ही समाज को जागरूक करता है, और यह सत्ता को जवाबदेह बनाता है।”
36.
“प्रेस की ताकत से हर झूठ कभी ना कभी बेनकाब हो जाता है।”
37.
“प्रेस की ताकत यह नहीं कि वह क्या दिखाती है, बल्कि यह कि वह कितने असली मुद्दों को सामने लाती है।”
38.
“प्रेस की ताकत यह है कि वह समाज की हकीकत को बिना किसी संकोच के दिखाती है।”
39.
“जब प्रेस बोलती है, सत्ता सुनती है, यही उसकी असली ताकत है।”
40.
“प्रेस की ताकत यही है कि वह किसी दबाव में नहीं आती, बल्कि सच्चाई को लेकर खड़ी रहती है।”
3. प्रेस का योगदान पर कोट्स
41.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह हमें सच के साथ जोड़ती है, और हमें समाज की सच्ची तस्वीर दिखाती है।”
42.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह हमेशा सही और गलत में फर्क बताती है, और समाज को रास्ता दिखाती है।”
43.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह हमें हमारे अधिकारों का अहसास कराती है, और हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।”
44.
“प्रेस ने कभी भी सच को छुपाया नहीं, इसने हमेशा समाज को जागरूक करने का काम किया है।”
45.
“प्रेस का योगदान समाज की सच्चाई को सामने लाना है, और समाज को नीतियों और नियमों के बारे में जागरूक करना है।”
46.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह हमें सोचने पर मजबूर करती है, और हमें अपने कर्तव्यों का एहसास कराती है।”
47.
“प्रेस का योगदान केवल खबर देना नहीं है, यह समाज के प्रति जिम्मेदारी का पालन भी है।”
48.
“प्रेस ने समाज को जागरूक किया है और उसकी खामियों को उजागर किया है, यही इसका असली योगदान है।”
49.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह हमें उन मुद्दों के बारे में बताती है, जिन्हें हम नज़रअंदाज कर देते हैं।”
50.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह हमें खुद से सवाल पूछने के लिए प्रेरित करती है।”
51.
“प्रेस का योगदान समाज की आवाज़ को उठाना है, यह हर नागरिक को बराबरी का हक दिलाने में काम करती है।”
52.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह गलतफहमियों को दूर करती है और समाज को सही दिशा दिखाती है।”
53.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह सही को गलत से अलग करती है और समाज में निष्पक्षता कायम करती है।”
54.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह हमारे दिलों और दिमागों को नई दिशा देती है।”
55.
“प्रेस ने कभी नहीं डरते हुए सच्चाई को सामने लाया, यही इसका सबसे बड़ा योगदान है।”
56.
“प्रेस का योगदान यह है कि यह हमें हमारे समाज के मुद्दों के बारे में सोचने के लिए बाध्य करती है।”
57.
**”प्रेस का योगदान यह है कि यह हमें आज की दुनिया की सच्ची तस्वीर दिखाती है, और हमें बदलाव के लिए प्रेरित करती
4. प्रेस की छिछोरी हरकतों पर कोट्स
58.
“आजकल कुछ मीडिया हाउसेस अपनी टीआरपी के लिए समाज के संवेदनशील मुद्दों का मजाक बनाती हैं।”
59.
“प्रेस की जिम्मेदारी सच को दिखाने की है, न कि विवादों और नफरत को फैलाने की।”
60.
“मीडिया ने अब खबरों को मसालेदार बनाने के लिए सच्चाई को छुपाना शुरू कर दिया है।”
61.
“कुछ पत्रकार अब केवल सनसनी फैलाने के लिए सच्चाई से समझौता करने लगे हैं।”
62.
“प्रेस का उद्देश्य समाज को जागरूक करना है, न कि हर मुद्दे पर राजनीति खेलना।”
63.
“वर्तमान में कुछ प्रेस संस्थान सत्ता के पक्ष में खड़े होने के बजाय, केवल स्वार्थपूर्ण नीतियों को बढ़ावा दे रहे हैं।”
64.
“प्रेस ने कभी अपने कर्तव्यों को हल्के में लिया होता, तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता। आजकल कुछ मीडिया संस्थान इसे हल्के में ले रहे हैं।”
65.
“कभी-कभी मीडिया की बढ़ती हड़बड़ी से सच्चाई की अनदेखी हो जाती है, और यह समाज के लिए हानिकारक साबित होता है।”
66.
“आजकल प्रेस के रिपोर्ट्स में सिर्फ उत्तेजना और विवाद ही मिलते हैं, सच्चाई को अक्सर नजरअंदाज किया जाता है।”
67.
“मीडिया ने समाज के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटा दिया है और केवल ड्रामा और नफरत फैलाने वाली खबरों को प्रमुखता दी है।”
68.
“प्रेस की गलत हरकतों के कारण कभी-कभी समाज में एक गलत तस्वीर बन जाती है, और यह प्रेस की जिम्मेदारी को खारिज करता है।”
69.
“कभी-कभी प्रेस अपनी खबरों को केवल दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए तोड़-मरोड़कर पेश करती है, जिससे समाज में भ्रम फैलता है।”
70.
“प्रेस की छिछोरी हरकतों के कारण जनता में सही जानकारी का आभाव होता है, और यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।”
71.
“आजकल प्रेस खबरों को गंभीरता से प्रस्तुत करने के बजाय, उन्हें मनोरंजन का हिस्सा बना देती है।”
72.
“प्रेस का काम केवल खबरों को फैला देना नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से और निष्पक्ष रूप से जनता तक पहुंचाना है।”
73.
“मीडिया अब कभी-कभी समाज की समस्याओं को हल्के में लेती है, जबकि वह उन पर गंभीरता से विचार करने का वक्त है।”
74.
“प्रेस की गलतियों के कारण कई बार समाज में गलत सूचना फैलती है, जो लोगों को गुमराह करती है।”
75.
“आजकल के मीडिया हाउस सच्चाई से ज्यादा साज़िश और विवादों को बेचते हैं, जिससे समाज में तनाव बढ़ता है।”
76.
“कुछ पत्रकार अब खबरों में दिखावे और शोरगुल को बढ़ाते हैं, जबकि उन्हें सच्चाई को सामने लाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।”
77.
“प्रेस का काम जनता के बीच सच्चाई का प्रचार करना है, लेकिन अब कई बार वह सिर्फ सनसनी फैलाने में लगी होती है।”
78.
“कभी-कभी मीडिया अपने निजी फायदे के लिए पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों से समझौता कर देती है।”
79.
“मीडिया ने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जिससे उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।”
80.
“प्रेस की छिछोरी हरकतें लोकतंत्र की नींव को कमजोर करती हैं, क्योंकि यह जनता को सही जानकारी नहीं देती।”
**National Press Day Shayari / Quotes
81.
सच की डोर थामे चलता, हर हाल में सच्चा रहता है,
कलम का सिपाही कभी डरता नहीं, वही असली पत्रकार कहलाता है।
82.
जो सच को आईना दिखाए, वही असली प्रेस कहलाए,
राष्ट्र की आवाज़ बनकर, हर दर्द को दुनिया तक पहुँचाए।
83.
न डर कलम को रोक पाया, न कोई सत्ता झुका पाई,
पत्रकार की ये पहचान है—सच कहना उसकी सच्ची कमाई।
84.
सवाल पूछना गुनाह नहीं, ज़िम्मेदारी होती है,
प्रेस लोकतंत्र का दिल है, उसकी आज़ादी बहुत ज़रूरी होती है।
85.
खतरे राह में कितने हों, पर सच लिखना छोड़ें नहीं,
पत्रकार वो दीप है जो अंधेरों में भी बुझते नहीं।
86.
समाज का आईना है प्रेस, सच का पहरेदार है,
हर आवाज़ को जोड़कर, देश को मजबूत करता है।
87.
जो आवाज़ों को आवाज़ दे, वही असली पत्रकार है,
सत्ता से नहीं, जनता से उसका सच्चा प्यार है।
88.
फर्ज़ निभाते चलते हैं, दबाव में झुकते नहीं,
कलम को हथियार बनाकर, सच से डरते नहीं।
89.
राष्ट्र की धड़कन बनकर, हर मुद्दे को उठाते हैं,
प्रेस वाले यूं ही नहीं, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहलाते हैं।
90.
सच बोलने का साहस जिनमें, वो ही पत्रकार कहलाते,
झूठ के अंधेरे में ये लोग उम्मीद की लौ जलाते।
91.
बिना आवाज़ के समाज अधूरा, बिना प्रेस के लोकतंत्र अधूरा,
कलम की ताकत सबसे बड़ी, यही मंत्र है, यही नूरा।
92.
पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, एक पवित्र सेवा है,
सच लिखने का साहस ही इसे महान बनाता है।
93.
जहाँ सवाल उठते रहते हैं, वहीं सच ज़िंदा रहता है,
प्रेस दिवस हमें याद दिलाता—सच हमेशा महत्वपूर्ण रहता है।
94.
राजनीति हो या समाज—हर मुद्दे पर रोशनी डालते,
पत्रकार हर दिन देश की तस्वीर को साफ़ बनाते।
95.
कलम की धार तलवार से तेज़, पर उपयोग हमेशा सत्य के लिए,
राष्ट्र का मार्गदर्शन करती है, ये शक्ति प्रेस के लिए।
96.
सहमी हुई आवाज़ों को मंच देने वाला प्रेस ही है,
जिनकी कोई नहीं सुनता, उनकी उम्मीद ये बनता है।
97.
सच की खोज में निकलना ही पत्रकार का धर्म है,
इस यात्रा में जोखिम बहुत, पर उद्देश्य महान है।
98.
प्रेस दिवस याद दिलाता है—कदम-कदम पर चुनौतियाँ हैं,
पर लोकतंत्र की रक्षा में पत्रकार ही असली सेनानियाँ हैं।
99.
हर खबर के पीछे मेहनत, सच्चाई और जिम्मेदारी छिपी होती है,
पत्रकारिता एक कला नहीं—एक पवित्र साधना होती है।
100.
झूठ की भीड़ में सच को पहचान दिलाना ही प्रेस का काम है,
आज राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर, हर पत्रकार को सलाम है।
FAQराष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक शुभकामनाएंNational Press Day Wishes
101.
राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
सच की राह पर चलने वाले हर पत्रकार को सलाम।
102.
आज का दिन उन कलम योद्धाओं के नाम,
जो देश में सच की लौ जलाए रखते हैं।
हैप्पी प्रेस डे!
103.
सत्य की आवाज़ को दुनिया तक पहुँचाने वालों को प्रणाम।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस मुबारक!
104.
लोकतंत्र की ताकत—स्वतंत्र प्रेस।
आपको राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुभकामनाएं!
105.
हर खबर में मेहनत, हर शब्द में ज़िम्मेदारी।
प्रेस दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
106.
सच बोलने का हौसला ही पत्रकारिता की पहचान है।
Happy National Press Day!
107.
जो सवालों से डरते नहीं, वही असली प्रेस कहलाते हैं।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुभकामनाएं।
108.
अपनी कलम से समाज को दिशा देने वालों को शत-शत नमन।
Happy Press Day!
109.
सत्ता के नहीं, सत्य के साथी—यही है प्रेस की आत्मा।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस की बधाई।
110.
पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, एक पवित्र दायित्व है।
Press Day की हार्दिक शुभकामनाएं!
111.
सच दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है, और प्रेस उसकी आवाज़।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस मुबारक।
112.
राष्ट्र निर्माण में प्रेस की भूमिका अमूल्य है।
Happy National Press Day!
113.
कलम की धार से बड़ा कोई हथियार नहीं।
प्रेस दिवस की शुभकामनाएं!
114.
सच की रक्षा करने वालों को हम सलाम करते हैं।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक बधाई।
115.
जो हर मुद्दे को उजाले में लाते हैं, वही असली पत्रकार हैं।
Happy Press Day!
116.
बिना प्रेस के लोकतंत्र अधूरा है।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुभकामनाएं।
117.
न्याय, सत्य और स्वतंत्रता—इन्हीं पर टिकी है पत्रकारिता।
Press Day की हार्दिक बधाई।
118.
सच्ची खबर ही समाज का आईना है।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस मुबारक!
119.
जो लोगों की आवाज़ को दुनिया तक पहुँचाते हैं,
उन सभी पत्रकारों को सलाम। Happy Press Day!
120.
साहस, सच्चाई और सेवा—प्रेस की तीन ताकतें।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस की मंगलकामनाएं।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय प्रेस दिवस इसलिए मनाया जाता है ताकि देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार प्रेस के महत्व को सम्मान दिया जा सके।
यह दिन Press Council of India की स्थापना का स्मरण है, जो देश में प्रेस की स्वतंत्रता बनाए रखने और पत्रकारिता में नैतिकता की रक्षा करने के लिए काम करता है।
3 मई को कौन सा दिवस मनाया जाता है?
3 मई को ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस (World Press Freedom Day)’ मनाया जाता है।
यह दिन वैश्विक स्तर पर प्रेस की आज़ादी, पत्रकारों की सुरक्षा और मीडिया की स्वतंत्र भूमिका को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।
भारत में प्रेस के जनक कौन थे?
भारत में प्रेस के जनक ‘जेम्स ऑगस्टस हिकी (James Augustus Hicky)’ को माना जाता है।
उन्होंने 1780 में भारत का पहला समाचारपत्र Hicky’s Bengal Gazette शुरू किया था।
राष्ट्रीय पत्रकार दिवस कब मनाया जाता है?
भारत में राष्ट्रीय पत्रकार दिवस हर साल 16 नवंबर को मनाया जाता है।
यह दिन पत्रकारों की कड़ी मेहनत, समर्पण और समाज में उनकी भूमिका को सम्मान देने के लिए समर्पित है।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस कब मनाया जाता है?
राष्ट्रीय प्रेस दिवस हर साल 16 नवंबर को मनाया जाता है।
Rashtriya Press Divas kab manaya jata hai?
Rashtriya Press Divas 16 November ko manaya jata hai.
अंतरराष्ट्रीय प्रेस दिवस (Antarrashtriya Press Divas) क्या है?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रेस दिवस को दो प्रकार से जाना जाता है:
1️⃣ World Press Freedom Day – 3 May
(विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस)
2️⃣ International Day to End Impunity for Crimes Against Journalists – 2 November
(पत्रकारों के खिलाफ अपराधों में दण्ड मुक्ति समाप्त करने का दिवस)