शरीफ शायरी इन हिंदी💔400+शरीफ लोग हमेशा दर्द छुपाते हैं”दिल को छू लेने वाली लाइन्स” ”शरीफ दिल की शायरी 💔 New Shayari Added (2026) – अब 400+ नई शायरी जोड़ी गई है शरीफ लोग अक्सर दिल से जीते हैं…दिल को छू लेने वाली शरीफ शायरी-शराफ़त इंसान का वो गुण है, जो उसे दूसरों से अलग और ख़ास बनाता है। ये एक ऐसा रंग है, जो किसी भी रिश्ते में इज़्ज़त और सम्मान का इज़ाफ़ा करता है। इस पोस्ट में हम लाए हैं कुछ दिल को छू लेने वाली शराफ़त शायरी, जो आपके और आपके अपनों के बीच की समझ और रिश्तों को और भी गहरा बनाएगी। तो चलिए, इस शराफ़त के सफ़र पर शायरी के माध्यम से चलते हैं।
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दिल को छू लेने वाली शरीफ शायरी2026
1.
है शराफ़त मेरे लहजे में, दिल की नर्मियों में,
वरना मेरे तेवर भी देखे हैं जमाने ने कई दफ़ा।
Hai sharafat mere lehje mein, dil ki narmiyon mein,
warna mere tewar bhi dekhe hain zamane ne kai dafa.
2.
शराफ़त से जीते हैं, शराफ़त से मरेंगे,
है आदत हमारी कि सच्चे दिल से हर किसी से मिलेंगे।
Sharafat se jeete hain, sharafat se marenge,
hai aadat hamari ki sacche dil se har kisi se milenge.
3.
शराफ़त हमारी पहचान है, मगर याद रखना,
जब दिल टूटे तो कहर बन जाती है ये शराफ़त भी।
Sharafat hamari pehchan hai, magar yaad rakhna,
jab dil toote to kahar ban jaati hai ye sharafat bhi.
4.
शराफ़त की कीमत हर कोई नहीं जान पाता,
इसे समझने का हुनर सिर्फ़ चंद लोग ही पा पाते हैं।
Sharafat ki keemat har koi nahi jaan pata,
ise samajhne ka hunar sirf chand log hi paa paate hain.
5.
हमारी शराफ़त को हमारी कमजोरी न समझना,
ये वो ताकत है जो दिलों को जीता करती है।
Hamari sharafat ko hamari kamzori na samajhna,
ye wo taqat hai jo dilon ko jeeta karti hai.
6.
शराफ़त से जो न जीत सका हमारा दिल,
वो तलवारों से क्या जीतेगा हमें।
Sharafat se jo na jeet saka hamara dil,
wo talwaron se kya jeetega humein.
7.
शराफ़त की अपनी ही एक अलग ज़ुबान है,
बातों से नहीं, दिल से समझ आती है।
Sharafat ki apni hi ek alag zubaan hai,
baaton se nahi, dil se samajh aati hai.
8.
शराफ़त का बोझ हर कोई नहीं उठा सकता,
ये वो मुकाम है जहाँ इंसानियत की परख होती है।
Sharafat ka bojh har koi nahi utha sakta,
ye wo mukaam hai jahan insaniyat ki parakh hoti hai.
9.
हमारे अंदर की शराफ़त को समझना आसान नहीं,
ये एक सच्चे दिल का आईना है, जो सबको नसीब नहीं।
Hamare andar ki sharafat ko samajhna aasan nahi,
ye ek sacche dil ka aaina hai, jo sabko naseeb nahi.
10.
शराफ़त के दामन में सादगी और इज़्ज़त है,
बस कुछ लोग इसको समझ नहीं पाते।
Sharafat ke daaman mein saadgi aur izzat hai,
bas kuch log isko samajh nahi paate
11.
शराफ़त का जाम हमने यूँ ही नहीं पिया,
हर छल को दिल से समझकर भी ख़ामोशिया सहे।
Sharafat ka jaam humne yun hi nahi piya,
har chal ko dil se samajhkar bhi khamoshiya sahe.
12.
हमने शराफ़त से अपना मकाम बनाया है,
वरना नफरत से तो दुनिया कब की जीत चुके होते।
Humne sharafat se apna mukaam banaya hai,
warna nafrat se to duniya kab ki jeet chuke hote.
13.
दिल में शराफ़त और आँखों में शराफ़त,
यही तो वो सच्चा आईना है, जो इंसानियत की पहचान है।
Dil mein sharafat aur aankhon mein sharafat,
yahi to wo saccha aaina hai, jo insaniyat ki pehchaan hai.
14.
शराफ़त है मेरी पहचान, बस इसी का सहारा है,
जिन्हें दिल की भाषा नहीं आती, उनसे कोई क्या गिला करे?
Sharafat hai meri pehchan, bas isi ka sahaara hai,
jine dil ki bhaasha nahi aati, unse koi kya gila kare?
15.
हम शराफ़त की चादर ओढ़े खामोश रहते हैं,
दिल में बसा दर्द किसी पर जाहिर नहीं करते।
Hum sharafat ki chaadar odhe khamosh rahte hain,
dil mein basa dard kisi par zahir nahi karte.
16.
शराफ़त की अपनी एक अदा है, जो समझे वो खुद भी निखर जाए,
वरना ये ऐसा साया है, जो सबको नजर नहीं आता।
Sharafat ki apni ek ada hai, jo samjhe wo khud bhi nikhar jaaye,
warna ye aisa saaya hai, jo sabko nazar nahi aata.
17.
दिल के आइने में शराफ़त झलकती है,
क्योंकि हमने इसे अपने जज्बातों से तराशा है।
Dil ke aaine mein sharafat jhalakti hai,
kyunki humne ise apne jazbaaton se tarasha hai.
18.
शराफ़त में भी क्या खूबियाँ हैं, सोचो जरा,
जो दिलों को जीत लेती है, बिना कोई आवाज़ उठाए।
Sharafat mein bhi kya khoobiyaan hain, socho zara,
jo dilon ko jeet leti hai, bina koi aawaaz uthaye.
19.
शराफ़त से हम किसी को रुलाते नहीं,
मगर कोई हमें रुला दे, तो हम बदला भी नहीं लेते।
Sharafat se hum kisi ko rulate nahi,
magar koi hume rula de, to hum badla bhi nahi lete.
20.
हमें शराफ़त के उसूल विरासत में मिले हैं,
वरना ये जमाना हमें भी कुछ और बना देता।
Hume sharafat ke usool viraasat mein mile hain,
warna ye zamaana hume bhi kuch aur bana deta.
21.
दिल से उठती आवाज़ है ये शराफ़त,
जो किसी के ग़म में भी मुस्कुराना सिखाती है।
Dil se uthi awaaz hai ye sharafat,
jo kisi ke gham mein bhi muskurana sikhati hai.
22.
शराफ़त से बढ़कर कोई हुनर नहीं,
क्योंकि ये वो दौलत है जो हर किसी के पास नहीं।
Sharafat se badhkar koi hunar nahi,
kyunki ye wo daulat hai jo har kisi ke paas nahi.
23.
शराफ़त का मोल आज़माने वाले बहुत मिलेंगे,
मगर इसे निभाने वाले बहुत कम।
Sharafat ka mol aazmane wale bahut milenge,
magar ise nibhaane wale bahut kam.
attitude शरीफ शायरी
24.
हमारी शराफ़त को हमारी कमजोरी न समझ लेना,
ये वो जज्बा है जो किसी को नीचा दिखाना नहीं जानता।
Hamari sharafat ko hamari haya na samajh lena,
ye wo jazba hai jo kisi ko neecha dikhana nahi jaanta.
25.
शराफ़त के रास्ते पर चलना आसान नहीं,
क्योंकि इसमें खुद को भी हर दिन आजमाना पड़ता है।
Sharafat ke raste par chalna aasan nahi,
kyunki ismein khud ko bhi har din aazmana padta hai.
26.
हमारी शराफ़त को हमारा हौसला मत समझ लेना,
ये वो बला है जो खुद में आग जलाए बैठी है।
जो सही के साथ है वही अपना है,
बाकी का हिसाब, वक्त आने पर खुद चुकता करती है।
Hamari sharafat ko hamara hausla mat samajh lena,
ye wo bala hai jo khud mein aag jalaaye baithi hai.
Jo sahi ke saath hai wahi apna hai,
baaki ka hisaab, waqt aane par khud chukta karti hai.
27.
हमारी शराफ़त हमारे वजूद का गहना है,
मगर कोई इसे कमजोरी समझने की भूल न करे।
दिलों को जीतना आता है हमें इस अंदाज़ में,
जो दिखती है मगर किसी को कमज़ोर नहीं करती।
Hamari sharafat hamare wajood ka gehna hai,
magar koi ise kamzori samajhne ki bhool na kare.
Dilon ko jeetna aata hai humein is andaaz mein,
jo dikhti hai magar kisi ko kamzor nahi karti.
28.
शराफ़त का हाथ थामा है, तो समझ जाओ,
हम हर मोड़ पर सच्चाई के साथी रहेंगे।
मगर धोखा देकर लौटने की गलती मत करना,
हमारे भीतर का सैलाब तब बेकाबू हो उठेगा।
Sharafat ka haath thaama hai, to samajh jao,
hum har mod par sachchai ke saathi rahenge.
Magar dhokha dekar lautne ki galti mat karna,
humare bheetar ka sailaab tab bekaabu ho uthega.
29.
शराफ़त की राह पर चलते हैं इसलिए खामोश हैं,
वरना हमारी नज़रें भी कई राज़ खोल सकती हैं।
इज्जत से पेश आते हैं हम सभी से,
पर जो इसे न समझे, उसे माफ भी नहीं करते।
Sharafat ki raah par chalte hain isliye khamosh hain,
warna hamari nazrein bhi kai raaz khol sakti hain.
Izzat se pesh aate hain hum sabhi se,
par jo ise na samjhe, use maaf bhi nahi karte.
30.
हमारी शराफ़त की नींव सच्चाई पर है,
जो उसे चुनौती दे, वो ज़रा संभलकर चले।
दिलों में रहना हमें आता है प्यार से,
लेकिन हदें लांघने वाले को जवाब भी देना जानते हैं।
Hamari sharafat ki neev sachchai par hai,
jo use chunauti de, wo zara sambhalkar chale.
Dilon mein rehna humein aata hai pyaar se,
lekin hadein langhne wale ko jawab bhi dena jaante hain.
31.
हमारी शराफ़त को कमजोर मत समझो,
दिल में तहज़ीब है, पर गरूर भी रखते हैं।
हम उन लोगों में से हैं जो चुप रहकर जीतते हैं,
जो हक़ में नहीं हैं, उन्हें पीछे छोड़ देते हैं।
Hamari sharafat ko kamzor mat samjho,
dil mein tahzeeb hai, par guroor bhi rakhte hain.
Hum un logon mein se hain jo chup rehkar jeette hain,
jo haq mein nahi hain, unhe peeche chhod dete hain.
32.
हमारी नज़रें झुकी हुई हैं अदब से,
पर ये मतलब नहीं कि डर गए हैं किसी से।
हम शराफ़त में भी एटीट्यूड रखते हैं,
दिलों में जगह, पर हदें भी कायम रखते हैं।
Hamari nazrein jhuki hui hain adab se,
par ye matlab nahi ki dar gaye hain kisi se.
Hum sharafat mein bhi attitude rakhte hain,
dilon mein jagah, par hadein bhi kaayam rakhte hain.
33.
हमारे पास सिर्फ़ शराफ़त का बटवा है,
मगर दिल को छू लेने का हुनर भी है।
वक़्त आने पर हमारी आवाज़ भी सुन लोगे,
क्योंकि हमारे सब्र का कोई अंत नहीं है।
Hamare paas sirf sharafat ka batwa hai,
magar dil ko chhu lene ka hunar bhi hai.
Waqt aane par hamari awaaz bhi sun loge,
kyunki hamare sabr ka koi ant nahi hai.
34.
चुप रहकर भी कह देते हैं वो सब,
जो कुछ लोग चिल्लाकर भी नहीं कह पाते।
हमारी शराफ़त हमारी पहचान है,
जो इसे समझता है, वही हमारे करीब आता है।
Chup rehkar bhi keh dete hain wo sab,
jo kuch log chillakar bhi nahi keh paate.
Hamari sharafat hamari pehchan hai,
jo ise samajhta hai, wahi hamare kareeb aata hai.
35.
हमारे दिल में मोहब्बत है शराफ़त की,
इसीलिए किसी को नीचे नहीं दिखाते।
पर हद में रहना भी हमारी आदत है,
जो इससे बाहर जाए, वो अपना ही नुक़सान उठाते हैं।
Hamare dil mein mohabbat hai sharafat ki,
isi liye kisi ko neeche nahi dikhate.
Par had mein rehna bhi hamari aadat hai,
jo isse bahar jaaye, wo apna hi nuksaaan uthate hain.
36.
हमारी शराफ़त एक आईना है,
जो सच्चाई को बिना ढके सामने लाती है।
कभी इस आईने को चकनाचूर मत करना,
क्योंकि इसकी चमक और हमारे सब्र में फर्क नहीं है।
Hamari sharafat ek aaina hai,
jo sachchai ko bina dhake saamne laati hai.
Kabhi is aaine ko chaknaachoor mat karna,
kyunki iski chamak aur hamare sabr mein fark nahi hai.
37.
जो हमारी शराफ़त की कदर नहीं करता,
वो खुद अपना ही हक खो देता है।
दिल में जगह बनाना कोई आसान नहीं,
शराफ़त से जीते हुए दिलों का कोई मोल नहीं।
Jo hamari sharafat ki kadar nahi karta,
wo khud apna hi haq kho deta hai.
Dil mein jagah banana koi aasan nahi,
sharafat se jeete hue dilon ka koi mol nahi.
38.
हमारी दुनिया में हर कोई शामिल नहीं होता,
हमारी शराफ़त से वो लोग भी घबराते हैं।
जो हदें पार करते हैं, वो अपना रास्ता लें,
हमारे दायरे में सब्र भी है और गरूर भी।
Hamari duniya mein har koi shaamil nahi hota,
hamari sharafat se wo log bhi ghabraate hain.
Jo hadein paar karte hain, wo apna raasta lein,
hamare daayare mein sabr bhi hai aur guroor bhi.
39.
हमारी शराफ़त के पन्नों में झूठ नहीं होता,
जो सच्चा है, वही दिल के करीब आता है।
इज्ज़त से जीना हमारे लिए ज़रूरी है,
इसलिए ये किसी से मांगते नहीं, खुद हासिल करते हैं।
Hamari sharafat ke pannoon mein jhooth nahi hota,
jo saccha hai, wahi dil ke kareeb aata hai.
Izzat se jeena hamare liye zaroori hai,
isliye ye kisi se maangte nahi, khud haasil karte hain.
40.
हमें शराफ़त ने हर खुशी से रूबरू कराया,
पर किसी को निचा दिखाने का शौक नहीं।
दिल में फासले रखने की आदत नहीं,
हमारा अदब ही हमारी दुनिया बनाता है।
Humein sharafat ne har khushi se rubaru karaya,
par kisi ko nicha dikhane ka shauk nahi.
Dil mein faasle rakhne ki aadat nahi,
hamara adab hi hamari duniya banata hai.
शरीफ शायरी इन हिन्दी
41.
शराफ़त में हमारी पहचान है, हदें लांघने की आदत नहीं।
42.
इज्जत देना जानते हैं, पर खुद की शराफ़त को बेमोल नहीं होने देते।
43.
हमारी खामोशी भी शराफ़त की कहानी कह जाती है।
44.
जो हमें सही समझेगा, वही हमारे करीब आएगा।
45.
हमारी तहज़ीब की चमक, सबकी नजरों में अलग ही छवि रखती है।
46.
हमारे सब्र को कमजोरी मत समझना, ये हमारी शराफ़त का गहना है।
47.
जो हमारी शराफ़त को आज़माना चाहे, वो अपनी हदों में रहना सीख ले।
48.
हमारी शराफ़त, हमारी ताकत है, इसे किसी पर भी ज़ाया नहीं करते।
49.
जुबान पर खामोशी है, मगर दिल में इज्ज़त और अदब की दुनिया बसती है।
50.
हमारी मोहब्बत में भी शराफ़त है, जो इसे समझे वही इस काबिल है।
51.
जो लोग हमें आदब से देखते हैं, वही दिल के करीब रहते हैं।
52.
शराफ़त से जीने का अंदाज़ हमारी शख्सियत का आईना है।
53.
हमारी जिंदगी में कुछ लोग नहीं, सिर्फ इज्ज़तदार रिश्ते रहते हैं।
54.
शराफ़त हमारा गुरूर नहीं, हमारी पहचान है।
55.
हमारी हदें समझ लेना, क्योंकि हमारी शराफ़त में सब्र भी है।
56.
जिन्हें हमारी शराफ़त नहीं समझ आती, उन्हें हमारी दोस्ती की कदर नहीं।
57.
जो इज्ज़त से बात करे, वही हमारे दिल का हमसफर बनता है।
58.
शराफ़त से जुड़ना चाहें, तो पहले अपनी नीयत साफ रखनी होगी।
59.
हमारी खामोशी हमारी इज्ज़त की दीवार है, इसे न तोड़ें।
60.
शराफ़त का मतलब यह नहीं कि हमें कुछ भी सहन कर लेंगे।
61.
जो दिल से पास हैं, वही हमारे शराफ़त के हकदार हैं।
62.
हमारे अदब की कीमत सिर्फ़ हमारे दिल में जगह पाने वाले जानते हैं।
63.
हमारी शराफ़त एक अमानत है, जो इसे समझे वही इसका मोल जानता है।
64.
हमारी आदत है सबको इज्ज़त देना, चाहे बदले में कुछ न मिले।
65.
हम शराफ़त में भी एटीट्यूड रखते हैं, ताकि अपनी हदें न भूलें।
66.
जो हमारी तहज़ीब को समझेगा, वही हमारी बात का मान रखेगा।
67.
हमारी शराफ़त में प्यार है, मगर खौफ भी बसा है।
68.
हमारी खामोशी हमारी ताकत है, जो इसे समझे वही करीब है।
69.
जिन्हें हमारी खामोशी समझ में आती है, वही हमारे दिल के करीब हैं।
70.
हमारे एटीट्यूड का जवाब सब्र है, ताकि शराफ़त बनी रहे।
faq शरीफ बदमाश शायरी

71.
लोग समझते हैं हमें मासूम
अरे हम शरीफ़ बदमाश हैं, हिसाब चुकता करने वाले
72.
शराफ़त से जीना आदत है हमारी,
पर कोई छेड़े तो सब पर हम है भारी
73.
दिल में नफ़रत नहीं पर जवाब देना जानते हैं,
हम शरीफ़ सही पर बदमाशी भी कर जाते हैं।
74.
हमारी ख़ामोशी को कमजोरी मत समझ लेना,
हम शरीफ़ हैं, मगर तूफ़ान भी बन जाना जानते हैं।
75.
नज़र झुकाना शराफ़त है हमारी,
और बदला लेना क़ाबिलियत हमारी।
76.
हम शरीफ़ सही मगर डरपोक नहीं,
सामने वाला बिगड़े तो हम भी शांत नहीं।
77.
ज़िंदगी शरीफ़ होकर गुज़ार दी हमने,
पर वक़्त आने पर बदमाशियाँ भी दिखा दी हमने।
78.
लोग कहते हैं शरीफ़ और बदमाश नहीं मिलते,
हमने दोनों को एक साथ जी लिया।
79.
शराफ़त से जीते हैं इसलिए ज़माना चुप है,
वरना बदमाशी पे आएं तो दुनिया रुक है।
80.
शरीफ़ होने का मतलब ये नहीं कि डरते हैं,
बस लड़ाई से दूर रहते हैं।
81.
हम शरीफ़ हैं पर खेल समझते हैं,
लोग क्या सोचते हैं, सब पहचानते हैं।
82.
हँसते चेहरों के पीछे राज़ बहुत हैं,
हम शरीफ़ हैं पर अंदाज़ बहुत हैं।
83.
लोग कहते हैं शरीफ़ दिखते हो,
हमने कहा – हाँ पर बदमाशी भी लिखते हो।
84.
हमारी शराफ़त की क़द्र करना सीख लो,
वरना बदमाशी का रंग गहरा है।
85.
हम शरीफ़ हैं, यही हमारी शान है,
पर बदमाशी भी हमारी पहचान है।
86.
लोग हमें शरीफ़ समझकर भूल करते हैं,
हमारे अंदाज़ से ही सब डरते हैं।
87.
हम शरीफ़ हैं, ये वक़्त का तक़ाज़ा है,
वरना हमारी आँखों में भी नशा है।
88.
शराफ़त से रहते हैं मगर हद तक ही,
हद पार हुई तो बदमाशी भी करेंगे दिल से।
89.
लोग शरीफ़ बनकर भी चाल चलते हैं,
हम शरीफ़ बदमाश हैं, दिल से खेलते हैं।
शराफ़त पर शायरी रेख़्ता

90.
शराफ़त से जीना हमारी पहचान है,
वरना बदमाशी से जीना आसान है।
91.
हमारी शराफ़त को लोग कमज़ोरी समझते हैं,
वक़्त आने पर यही सोचने वाले पछताते हैं।
92.
शराफ़त का मज़ा ही कुछ और है,
सबके बीच रहकर भी अलग नूर है।
93.
हमारी शराफ़त ही हमारा गहना है,
वरना दिल में आग का दरिया बहना है।
94.
शराफ़त में भी एक अंदाज़ छुपा है,
हर चालाक को सही जवाब मिला है।
95.
शराफ़त हमारी आदत है,
पर इसका मतलब ये नहीं कि हमें कुछ आता नहीं।
96.
जो हमें शरीफ़ कहते हैं, वो सही हैं,
पर भूल जाते हैं कि हम काबिल भी हैं।
97.
शराफ़त का मतलब है दिल साफ़ रखना,
वरना सबको गिरा सकते हैं।
98.
हम शरीफ़ इसलिए हैं क्योंकि मोहब्बत को मानते हैं,
वरना बदमाश तो सब कहते हैं।
99.
शराफ़त की राह कठिन ज़रूर है,
पर इसी राह से असली इज़्ज़त मिलती है।
100.
शराफ़त का साथ हर कोई नहीं निभा पाता,
क्योंकि इसके लिए दिल साफ़ होना ज़रूरी है।
101.
हमारी शराफ़त का नाम मशहूर है,
वरना बदमाशी भी हमारे क़रीब है।
102.
जो शराफ़त को कमज़ोरी समझते हैं,
वो हमें समझ ही नहीं पाते हैं।
103.
शराफ़त का मतलब है दिल में प्यार,
वरना दुनिया में हर जगह है बवाल।
104.
हमारी शराफ़त हमें औरों से अलग करती है,
वरना हम भी हर चाल जानते हैं।
105.
शराफ़त एक ताक़त है,
जिसे हर कोई नहीं समझ पाता है।
106.
हम शरीफ़ हैं तो इसका मतलब ये नहीं कि डरते हैं,
हम बस झगड़े से बचते हैं।
107.
हमारी शराफ़त ही हमारी शान है,
वरना बदमाशी तो हमारी जान है।
108.
लोग शराफ़त पर हँसते हैं,
पर यही हँसी उनकी हार बनती है।
109.
हमारी शराफ़त हमारी पहचान है,
जिसे दुनिया सलाम करती है।
हम शरीफ़ क्या हुए शायरी

110.
हम शरीफ़ क्या हुए, लोग हमें कमज़ोर समझ बैठे,
पर हमारी ख़ामोशी को वो तूफ़ान नहीं पहचान पाए।
111.
हम शरीफ़ क्या हुए, लोग चालें चलने लगे,
अब वक़्त है कि उन्हें असली खेल दिखाएँ।
112.
हम शरीफ़ क्या हुए, हर कोई सर पर चढ़ने लगा,
अब उन्हें भी समझ आएगा असली मज़ा।
113.
हमारी शराफ़त का ग़लत फायदा मत लो,
हम शरीफ़ हैं पर हिसाब बराबर करना जानते हैं।
114.
हम शरीफ़ क्या हुए, लोगों ने हमें आज़माना शुरू कर दिया,
अब उन्हें दिखाएँगे कि हम भी बदला लेना जानते हैं।
115.
हम शरीफ़ सही, पर खेलना हमें भी आता है,
ज़रूरत पड़े तो हक़ लेना हमें भी आता है।
116.
हम शरीफ़ क्या हुए, लोग हमें मासूम समझ बैठे,
अरे हमारे अंदर भी चिंगारी जलती है।
117.
हमारी शराफ़त ही हमारी ताक़त है,
वरना बदमाशियाँ तो हमारी आदत है।
118.
हम शरीफ़ हैं, इसीलिए लोग सलाम करते हैं,
वरना डर से तो सब झुकते ही हैं।
119.
हम शरीफ़ क्या हुए, लोग हदें पार करने लगे,
अब हमें भी बदमाशी पर उतरना पड़ेगा।
120.
हमारी शराफ़त को कोई नाप नहीं सकता,
हम शरीफ़ हैं पर इरादे सख़्त रखते हैं।
121.
हम शरीफ़ क्या हुए, लोग हमें मज़ाक समझ बैठे,
अब उन्हें जवाब मिलेगा हमारे अंदाज़ से।
122.
हमारी शराफ़त हमें इज़्ज़त दिलाती है,
वरना बदमाशी तो हमें भी आती है।
123.
हम शरीफ़ सही, मगर डरपोक नहीं हैं,
जो सामने आए उसे जवाब देना जानते हैं।
124.
हम शरीफ़ क्या हुए, हर कोई आज़माने लगा,
अब उन्हें दिखाएँगे असली अंदाज़।
125.
हम शरीफ़ हैं, यही हमारी पहचान है,
वरना बदमाशी तो हमारी जान है।
126.
हम शरीफ़ क्या हुए, लोग हमें हल्का समझ बैठे,
अब वक़्त है कि उन्हें सच्चाई बताएँ।
127.
हमारी शराफ़त हमारी आदत है,
पर ग़लत करने वालों से बदला लेना हमारी फ़ितरत है।
128.
हम शरीफ़ सही मगर बेवक़ूफ़ नहीं,
जो आँख दिखाए उसे रास्ता दिखाना जानते हैं।
129.
हम शरीफ़ क्या हुए, दुनिया चालाक बन गई,
अब उन्हें हमारी बदमाशी भी याद रखनी होगी।
Sharif Shayari 2 Line

130.
शराफ़त हमारी आदत है,
वरना बदमाशी भी हमारी गजब है।
131.
शरीफ़ हैं हम, इसमें कोई शक़ नहीं,
पर मज़ाक सहें ये हमारी फ़ितरत नहीं।
132.
शराफ़त का लिबास पहनकर जीते हैं,
वरना सबको गिराना हमें भी आता है।
133.
हम शरीफ़ सही मगर चुप नहीं,
जो आँख दिखाए उसे छोड़ते नहीं।
134.
शराफ़त का मतलब डरपोक नहीं होता,
ये तो दिल की सफ़ाई का सबूत होता।
135.
हमारी शराफ़त को कमज़ोरी मत समझना,
हम शरीफ़ हैं मगर हिसाब बराबर करना जानते हैं।
136.
शराफ़त है हमारी सबसे बड़ी ताक़त,
जो हमें भीड़ से अलग करती है।
137.
हम शरीफ़ हैं, इसलिए दुनिया सलाम करती है,
वरना डर से झुकाना तो हमें भी आता है।
138.
शराफ़त से जीना हमारा उसूल है,
वरना बदमाशी भी हमारी मज़बूरी नहीं।
139.
हम शरीफ़ हैं मगर बेख़बर नहीं,
हर चालाक को पहचानते हैं।
140.
शराफ़त हमारी रूह में बसी है,
वरना बदमाशी तो हमारी नसों में भी है।
141.
हम शरीफ़ हैं, इसीलिए सब इज़्ज़त करते हैं,
वरना डर तो सबका दिल तोड़ देता है।
142.
शराफ़त हमारी पहचान है,
पर वक़्त आने पर बदमाशी भी आसान है।
143.
हम शरीफ़ सही मगर मज़ाक नहीं,
जो आज़माए उसे छोड़ते नहीं।
144.
शराफ़त हमारी ज़िंदगी का हिस्सा है,
पर बदला लेना भी हमें आता है।
145.
हम शरीफ़ हैं इसलिए शांत हैं,
वरना हमारी आँखों में भी तूफ़ान है।
146.
शराफ़त हमारी ताक़त है,
जिसे हर कोई समझ नहीं पाता है।
147.
हम शरीफ़ सही मगर लाचार नहीं,
जो हमें छेड़े वो कभी बेक़रार नहीं।
148.
शराफ़त का मतलब है दिल से सच्चा रहना,
वरना खेल तो सबको आना चाहिए।
149.
हम शरीफ़ हैं, यही हमारी शान है,
वरना बदमाशी तो हमारी जान है।
Attitude Shayari🔥 Copy

150.
Attitude हमारा जबरदस्त है,
लोग जलते हैं क्योंकि उनमें दम कम है।
151.
हम वहाँ खड़े होते हैं जहाँ लोग झुकते हैं,
Attitude हमारा वहीँ से दिखते हैं।
152.
हमारा Attitude हमारी पहचान है,
जो भीड़े वो खुद हैरान है।
153.
हम ख़ामोश सही मगर कमज़ोर नहीं,
हमारे Attitude से दुश्मन भी दूर नहीं।
154.
Attitude हमारा सबसे बड़ा हथियार है,
दुनिया देखे तो सब लाचार है।
155.
हमारे Attitude का नशा सब पर चढ़ता है,
जो पास आए वही डरकर हटता है।
156.
हमारा अंदाज़ ही हमारी ताक़त है,
Attitude से ही हमारी शान है।
157.
हमारा Attitude इतना साफ़ है,
कि सामने वाला खुद ही माफ़ है।
158.
हम वहाँ बोलते हैं जहाँ सब चुप होते हैं,
हमारा Attitude वहीं दिखते हैं।
159.
Attitude हमारा है, घमंड नहीं,
पर सामने वाला अपनी हद भूले तो कम नहीं।
160.
हमारा Attitude भी हमारी तरह खास है,
लोग कॉपी करते हैं मगर पास नहीं।
161.
Attitude हमारा दिल से आता है,
ये सबको जलाता है।
162.
हम Attitude में रहते हैं,
इसलिए दुश्मन भी डरते हैं।
163.
हमारा Attitude हमारी आदत है,
जिससे हमारी शराफ़त भी क़ायम है।
164.
Attitude हमारा इतना ज़ोरदार है,
कि सामने वाला खुद बेकार है।
165.
हम वहाँ चलते हैं जहाँ सब रुक जाते हैं,
हमारा Attitude वहीं काम आता है।
166.
Attitude हमारा अलग अंदाज़ है,
जो हमें बनाता है सबसे खास है।
167.
हम Attitude से जीते हैं,
इसलिए सब हमें देखते हैं।
168.
हमारा Attitude हमारी जान है,
इसी से हमारी पहचान है।
169.
Attitude हमारा हर वक़्त चालू है,
इसी से हमारी दुनिया मालूम है।
एटीट्यूड शरीफ शायरी

170.
मेरे एटीट्यूड की आग से लोग जलते हैं,
वरना हम तो दिल से सबसे मिलते हैं।
171.
एटीट्यूड मेरा गहना है,
जिससे मेरी पहचान बनती है।
172.
लोग कहते हैं तेरे लहज़े में नशा है,
मैंने कहा – ये तो मेरा एटीट्यूड ही खास है।
173.
एटीट्यूड मेरा इतना प्यारा है,
कि दुश्मन भी कहे – ये सितारा है।
174.
हमारा एटीट्यूड ही हमारी पहचान है,
वरना शराफ़त से भी लोग परेशान हैं।
175.
एटीट्यूड हमारा इतना बेख़ौफ़ है,
कि सामने वाला खुद ही ख़ामोश है।
176.
हमारा एटीट्यूड हवा की तरह है,
हर जगह फैल जाता है।
177.
लोग जलते हैं हमारे अंदाज़ से,
क्योंकि हमारा एटीट्यूड है सबसे खास से।
178.
एटीट्यूड हमारी नसों में दौड़ता है,
यही हमें सबसे अलग करता है।
179.
हमारा एटीट्यूड ही हमारी पहचान है,
जो सामने आए वही हैरान है।
180.
एटीट्यूड हमारा सच है,
बाक़ी सब बस दिखावा है।
181.
हमारा एटीट्यूड ही हमारी ताक़त है,
जिससे सबकी हालत है।
182.
एटीट्यूड हमारा साफ़ और सच्चा है,
यही हमें सबसे अच्छा है।
183.
हमारे एटीट्यूड की बिजली गिरती है,
जो देखे वही डरकर सिमटती है।
184.
एटीट्यूड हमारा ग़ुस्सा नहीं है,
ये तो हमारी रूह की ख़ास निशानी है।
185.
हमारा एटीट्यूड हमारी आदत है,
जो हमें सबसे जुदा बनाता है।
186.
एटीट्यूड हमारा हर जगह चमकता है,
इसी से हमारा नाम दमकता है।
187.
हमारे एटीट्यूड से जलना सबकी फितरत है,
वरना हमसे प्यार करना सबकी हसरत है।
188.
एटीट्यूड हमारा इज़्ज़त की तरह है,
जो कमाए वो ही इसे पाता है।
189.
हमारा एटीट्यूड हमारी दुनिया है,
जो हमें सबसे ख़ास बनाता है।
🔥 शरीफ दिल की शायरी | सच्चे लोगों के जज़्बात

190.
हम शरीफ थे इसलिए चुप रहे,
वरना जवाब देना हमें भी आता था।
Hum shareef the isliye chup rahe,
Varna jawaab dena humein bhi aata tha.
191.
शराफत में जो सुकून है,
वो चालाकी में कहां मिलता है।
Sharafat mein jo sukoon hai,
Wo chalaki mein kahan milta hai.
192.
हमने सच्चाई से रिश्ता निभाया,
और लोगों ने हमें कमजोर समझ लिया।
Humne sachchai se rishta nibhaya,
Aur logon ne humein kamzor samajh liya.
193.
शरीफ होना आसान नहीं,
हर दर्द को मुस्कुराकर सहना पड़ता है।
Shareef hona aasan nahi,
Har dard ko muskurakar sehna padta hai.
194.
हमारी शराफत ही हमारी पहचान है,
वरना हमें भी बदलना आता है।
Hamari sharafat hi hamari pehchaan hai,
Varna humein bhi badalna aata hai.
195.
हम बुरे नहीं हैं,
बस शरीफ हैं इस दुनिया में।
Hum bure nahi hain,
Bas shareef hain is duniya mein.
196.
शराफत का फायदा उठाया सबने,
और हमने चुप रहना सीख लिया।
Sharafat ka fayda uthaya sabne,
Aur humne chup rehna seekh liya.
197.
हमारी खामोशी को कमजोरी मत समझो,
शरीफ लोग हर बात पर बोलते नहीं।
Hamari khamoshi ko kamzori mat samjho,
Shareef log har baat par bolte nahi.
198.
शरीफ दिल हर किसी को अपना समझता है,
यही उसकी सबसे बड़ी गलती है।
Shareef dil har kisi ko apna samajhta hai,
Yahi uski sabse badi galti hai.
199.
हम बदलना नहीं चाहते,
क्योंकि शराफत हमें पसंद है।
Hum badalna nahi chahte,
Kyunki sharafat humein pasand hai.
200.
शरीफ लोग कम मिलते हैं,
इसलिए उनकी कद्र नहीं होती।
Shareef log kam milte hain,
Isliye unki kadar nahi hoti.
201.
हमने दिल से निभाया हर रिश्ता,
और लोगों ने फायदा उठा लिया।
Humne dil se nibhaya har rishta,
Aur logon ne fayda utha liya.
202.
शरीफ होना हमारी कमजोरी नहीं,
ये हमारी ताकत है।
Shareef hona hamari kamzori nahi,
Ye hamari taakat hai.
203.
हमारी सादगी ही हमारी पहचान है,
जो हर किसी को समझ नहीं आती।
Hamari saadgi hi hamari pehchaan hai,
Jo har kisi ko samajh nahi aati.
204.
शरीफ लोग दिल से सोचते हैं,
इसलिए अक्सर दुखी रहते हैं।
Shareef log dil se sochte hain,
Isliye aksar dukhi rehte hain.
205.
हमारी नीयत साफ थी,
इसलिए हम हार गए।
Hamari niyat saaf thi,
Isliye hum haar gaye.
206.
शरीफ दिल हर बार टूटता है,
क्योंकि वो सच्चा होता है।
Shareef dil har baar tootta hai,
Kyunki wo sachcha hota hai.
207.
हमने कभी गलत नहीं किया,
बस सही लोग नहीं मिले।
Humne kabhi galat nahi kiya,
Bas sahi log nahi mile.
208.
शराफत में जीना मुश्किल है,
पर यही असली सुकून है।
Sharafat mein jeena mushkil hai,
Par yahi asli sukoon hai.
209.
हम शरीफ हैं इसलिए चुप हैं,
वरना सच्चाई सबको पता है।
Hum shareef hain isliye chup hain,
Varna sachchai sabko pata hai.
🔥 सादगी भरी मोहब्बत शायरी

210.
सादगी में जो प्यार होता है,
वो दिखावे में कभी नहीं मिलता।
Saadgi mein jo pyaar hota hai,
Wo dikhave mein kabhi nahi milta.
211.
हमने सादगी से चाहा था उसे,
और वो दिखावे में खो गया।
Humne saadgi se chaha tha use,
Aur wo dikhave mein kho gaya.
212.
सच्चा प्यार शोर नहीं करता,
वो खामोशी में भी महसूस होता है।
Sachcha pyaar shor nahi karta,
Wo khamoshi mein bhi mehsoos hota hai.
213.
हमारी मोहब्बत सादगी भरी थी,
इसलिए उसे समझ नहीं आई।
Hamari mohabbat saadgi bhari thi,
Isliye use samajh nahi aayi.
214.
सादगी में भी गहराई होती है,
बस देखने वाली नजर चाहिए।
Saadgi mein bhi gehraayi hoti hai,
Bas dekhne wali nazar chahiye.
215.
हमने दिल से चाहा था,
और उसने खेल समझ लिया।
Humne dil se chaha tha,
Aur usne khel samajh liya.
216.
सादगी से निभाए रिश्ते,
सबसे लंबे चलते हैं।
Saadgi se nibhaye rishte,
Sabse lambe chalte hain.
217.
हमारी मोहब्बत में दिखावा नहीं था,
बस सच्चाई ही सच्चाई थी।
Hamari mohabbat mein dikhawa nahi tha,
Bas sachchai hi sachchai thi.
218.
सादगी भरा प्यार ही सच्चा होता है,
बाकी सब बस एक खेल है।
Saadgi bhara pyaar hi sachcha hota hai,
Baaki sab bas ek khel hai.
219.
हमने मोहब्बत को आसान समझा,
पर लोगों ने उसे जटिल बना दिया।
Humne mohabbat ko aasan samjha,
Par logon ne use jatil bana diya.
220.
सादगी में जो सुकून है,
वो कहीं और नहीं मिलता।
Saadgi mein jo sukoon hai,
Wo kahin aur nahi milta.
221.
हमारी मोहब्बत में शोर नहीं था,
इसलिए शायद वो नजरअंदाज हो गई।
Hamari mohabbat mein shor nahi tha,
Isliye shayad wo nazarandaaz ho gayi.
222.
सच्चा प्यार जताया नहीं जाता,
बस महसूस किया जाता है।
Sachcha pyaar jataya nahi jaata,
Bas mehsoos kiya jaata hai.
223.
हमने सादगी में दिल दिया था,
और उसने खेल समझ लिया।
Humne saadgi mein dil diya tha,
Aur usne khel samajh liya.
224.
सादगी में भी एक अलग नशा है,
जो हर किसी को समझ नहीं आता।
Saadgi mein bhi ek alag nasha hai,
Jo har kisi ko samajh nahi aata.
225.
हमारी मोहब्बत सच्ची थी,
इसलिए अधूरी रह गई।
Hamari mohabbat sachchi thi,
Isliye adhoori reh gayi.
226.
सादगी से जीना आसान है,
बस लोग इसे समझ नहीं पाते।
Saadgi se jeena aasan hai,
Bas log ise samajh nahi paate.
227.
हमने प्यार में दिखावा नहीं किया,
इसलिए शायद हार गए।
Humne pyaar mein dikhawa nahi kiya,
Isliye shayad haar gaye.
228.
सादगी भरा दिल जल्दी टूटता है,
क्योंकि वो सच्चा होता है।
Saadgi bhara dil jaldi tootta hai,
Kyunki wo sachcha hota hai.
229.
हमने सादगी को चुना,
और लोगों ने हमें छोड़ दिया।
Humne saadgi ko chuna,
Aur logon ne humein chhod diya.
🔥 खामोशी में दर्द शायरी

230.
हमारी खामोशी ही हमारा दर्द है,
जो किसी को दिखाई नहीं देता।
Hamari khamoshi hi hamara dard hai,
Jo kisi ko dikhayi nahi deta.
231.
खामोश रहकर भी बहुत कुछ कहा है,
बस समझने वाला चाहिए।
Khamosh rehkar bhi bahut kuch kaha hai,
Bas samajhne wala chahiye.
232.
हम चुप रहे हर दर्द में,
और लोगों ने हमें मजबूत समझ लिया।
Hum chup rahe har dard mein,
Aur logon ne humein majboot samajh liya.
233.
खामोशी में भी आवाज होती है,
बस सुनने वाला चाहिए।
Khamoshi mein bhi awaaz hoti hai,
Bas sunne wala chahiye.
234.
हमारी खामोशी ने सब कह दिया,
जो शब्द नहीं कह पाए।
Hamari khamoshi ne sab keh diya,
Jo shabd nahi keh paaye.
235.
दर्द छुपाना आसान नहीं,
पर खामोशी सब सह लेती है।
Dard chhupana aasan nahi,
Par khamoshi sab seh leti hai.
236.
हम चुप हैं इसका मतलब ये नहीं,
कि हमें दर्द नहीं होता।
Hum chup hain iska matlab ye nahi,
Ki humein dard nahi hota.
237.
खामोशी सबसे बड़ा जवाब है,
जब शब्द खत्म हो जाते हैं।
Khamoshi sabse bada jawaab hai,
Jab shabd khatam ho jaate hain.
238.
हमने दर्द को खामोशी में बदल दिया,
ताकि कोई समझ ना सके।
Humne dard ko khamoshi mein badal diya,
Taaki koi samajh na sake.
239.
खामोशी में जीना सीख लिया है,
क्योंकि बोलने से कुछ नहीं बदलता।
Khamoshi mein jeena seekh liya hai,
Kyunki bolne se kuch nahi badalta.
240.
हमारी खामोशी ही हमारी ताकत है,
जो हर दर्द को सह लेती है।
Hamari khamoshi hi hamari taakat hai,
Jo har dard ko seh leti hai.
241.
दर्द की आवाज नहीं होती,
ये खामोशी में ही महसूस होता है।
Dard ki awaaz nahi hoti,
Ye khamoshi mein hi mehsoos hota hai.
242.
हमने सब कुछ सह लिया,
बस खामोशी को अपना लिया।
Humne sab kuch seh liya,
Bas khamoshi ko apna liya.
243.
खामोशी में छुपा दर्द,
सबसे ज्यादा तकलीफ देता है।
Khamoshi mein chhupa dard,
Sabse zyada takleef deta hai.
244.
हम चुप रहे क्योंकि,
शब्द भी साथ छोड़ गए थे।
Hum chup rahe kyunki,
Shabd bhi saath chhod gaye the.
245.
खामोशी ही अब सहारा है,
जब कोई साथ नहीं होता।
Khamoshi hi ab sahaara hai,
Jab koi saath nahi hota.
246.
हमारी खामोशी को समझो,
इसमें बहुत दर्द छुपा है।
Hamari khamoshi ko samjho,
Isme bahut dard chhupa hai.
247.
खामोशी में भी टूट जाते हैं लोग,
जब दर्द हद से बढ़ जाता है।
Khamoshi mein bhi toot jaate hain log,
Jab dard had se badh jaata hai.
248.
हमने खामोशी को चुना,
क्योंकि शब्द धोखा दे गए।
Humne khamoshi ko chuna,
Kyunki shabd dhokha de gaye.
249.
अब खामोशी ही जवाब है,
हर उस सवाल का जो दिल में है।
Ab khamoshi hi jawaab hai,
Har us sawaal ka jo dil mein hai.
🔥 दिल की सच्चाई शायरी

250.
दिल की सच्चाई छुपती नहीं,
वक्त झूट से पर्दा हटाता है।
Dil ki sachchai chhupti nahi,
Bas waqt uska parda hataata hai.
251.
हमने दिल से चाहा था,
इसलिए दर्द भी सच्चा मिला।
Humne dil se chaha tha,
Isliye dard bhi sachcha mila.
252.
दिल की बात हर कोई नहीं समझता,
इसके लिए सच्चा दिल चाहिए।
Dil ki baat har koi nahi samajhta,
Iske liye sachcha dil chahiye.
253.
हमारी सच्चाई ही हमारी पहचान है,
भले ही लोग इसे समझें या नहीं।
Hamari sachchai hi hamari pehchaan hai,
Bhale hi log ise samjhein ya nahi.
254.
दिल की सच्चाई हमेशा जीतती है,
बस वक्त लगता है।
Dil ki sachchai hamesha jeetti hai,
Bas waqt lagta hai.
255.
हम झूठ नहीं बोलते,
क्योंकि दिल सच्चा है।
Hum jhooth nahi bolte,
Kyunki dil sachcha hai.
256.
दिल की सच्चाई हर बार हारती है,
इस दुनिया में दिखावा जीतता है।
Dil ki sachchai har baar haarti hai,
Is duniya mein dikhawa jeetta hai.
257.
हमारी सच्चाई ही हमारी कमजोरी बनी,
जिसका फायदा सबने उठाया।
Hamari sachchai hi hamari kamzori bani,
Jiska fayda sabne uthaya.
258.
दिल से जीना आसान नहीं,
क्योंकि यहां लोग समझते नहीं।
Dil se jeena aasan nahi,
Kyunki yahan log samajhte nahi.
259.
हमने सच को चुना,
और दुनिया ने हमें छोड़ दिया।
Humne sach ko chuna,
Aur duniya ne humein chhod diya.
260.
दिल की सच्चाई को समझो,
इसमें कोई दिखावा नहीं होता।
Dil ki sachchai ko samjho,
Isme koi dikhawa nahi hota.
261.
हमने दिल से निभाया,
इसलिए दर्द भी गहरा मिला।
Humne dil se nibhaya,
Isliye dard bhi gehra mila.
262.
सच्चा दिल हर बार टूटता है,
क्योंकि वो झूठ नहीं जानता।
Sachcha dil har baar tootta hai,
Kyunki wo jhooth nahi jaanta.
263.
दिल की सच्चाई को मत परखो,
ये शब्दों में नहीं होती।
Dil ki sachchai ko mat parkho,
Ye shabdon mein nahi hoti.
264.
हमारी सच्चाई ही हमारी हार बनी,
पर हमें अफसोस नहीं।
Hamari sachchai hi hamari haar bani,
Par humein afsos nahi.
265.
दिल से जीने वालों की,
दुनिया में कद्र नहीं होती।
Dil se jeene walon ki,
Duniya mein kadar nahi hoti.
266.
हमने सच कहा हर बार,
और लोग दूर होते गए।
Humne sach kaha har baar,
Aur log door hote gaye.
267.
दिल की सच्चाई सबसे अलग होती है,
जो हर किसी को समझ नहीं आती।
Dil ki sachchai sabse alag hoti hai,
Jo har kisi ko samajh nahi aati.
268.
हम सच्चे थे इसलिए अकेले रह गए,
वरना झूठ बोलना हमें भी आता था।
Hum sachche the isliye akele reh gaye,
Varna jhooth bolna humein bhi aata tha.
269.
दिल की सच्चाई कभी बदलती नहीं,
बस लोग उसे नजरअंदाज कर देते हैं।
Dil ki sachchai kabhi badalti nahi,
Bas log use nazarandaaz kar dete hain.
💔 शरीफ दिल की शायरी

270.
शरीफ दिल था मेरा, इसलिए टूट गया,
लोगों ने खेल समझा, मैं सच मान बैठा।
Sharif dil tha mera, isliye toot gaya,
logon ne khel samjha, main sach maan baitha.
271.
हम शरीफ थे, इसलिए चुप रहे,
वरना जवाब देने की कमी नहीं थी।
Hum sharif the, isliye chup rahe,
warna jawab dene ki kami nahi thi.
272.
शरीफ दिल हर बार हार जाता है,
क्योंकि वो किसी को दुख देना नहीं जानता।
Sharif dil har baar haar jata hai,
kyunki wo kisi ko dukh dena nahi jaanta.
273.
दिल साफ था, इसलिए धोखा मिला,
वरना चालाकी में हम भी पीछे नहीं थे।
Dil saaf tha, isliye dhokha mila,
warna chalaki mein hum bhi peeche nahi the.
274.
शरीफ दिल की यही कहानी है,
सबको खुश रखो, खुद रोते रहो।
Sharif dil ki yahi kahani hai,
sabko khush rakho, khud rote raho.
275.
हमारी शराफत ही हमारी हार बन गई,
वरना हम भी खेल बदल देते।
Hamari sharafat hi hamari haar ban gayi,
warna hum bhi khel badal dete.
276.
शरीफ दिल को लोग समझ नहीं पाते,
क्योंकि वो दिखावे में यकीन नहीं करता।
Sharif dil ko log samajh nahi paate,
kyunki wo dikhave mein yakeen nahi karta.
277.
दिल से अच्छे थे, इसलिए ठुकरा दिए गए,
आजकल चालाक लोग ही पसंद आते हैं।
Dil se acche the, isliye thukra diye gaye,
aajkal chalak log hi pasand aate hain.
278.
शरीफ दिल हमेशा सच्चा होता है,
बस दुनिया झूठी होती है।
Sharif dil hamesha sachha hota hai,
bas duniya jhoothi hoti hai.
279.
हमने दिल दिया, उन्होंने दर्द दिया,
बस यही शरीफ दिल की किस्मत है।
Humne dil diya, unhone dard diya,
bas yahi sharif dil ki kismat hai.
280.
शरीफ दिल को हर कोई आजमाता है,
जैसे वो खिलौना हो।
Sharif dil ko har koi aazmata hai,
jaise wo khilona ho.
281.
दिल अच्छा होना ही गुनाह बन गया,
अब लोग चालाकी को पसंद करते हैं।
Dil accha hona hi gunah ban gaya,
ab log chalaki ko pasand karte hain.
282.
शरीफ दिल को समझना आसान नहीं,
वो दर्द में भी मुस्कुराता है।
Sharif dil ko samajhna aasaan nahi,
wo dard mein bhi muskurata hai.
283.
हम शरीफ क्या बने,
लोग हमें कमजोर समझने लगे।
Hum sharif kya bane,
log hume kamzor samajhne lage.
284.
दिल साफ था, इसलिए हार गए,
वरना जीतना हमें भी आता था।
Dil saaf tha, isliye haar gaye,
warna jeetna hume bhi aata tha.
285.
शरीफ दिल की यही पहचान है,
दूसरों को हँसाना, खुद रोना।
Sharif dil ki yahi pehchan hai,
dusron ko hasana, khud rona.
286.
हमारी खामोशी ही हमारी सजा बन गई,
लोग हमें समझ ही नहीं पाए।
Hamari khamoshi hi hamari saza ban gayi,
log hume samajh hi nahi paaye.
287.
शरीफ दिल हर बार टूटता है,
फिर भी किसी से शिकायत नहीं करता।
Sharif dil har baar tootta hai,
phir bhi kisi se shikayat nahi karta.
288.
हमने भरोसा किया,
और यही हमारी सबसे बड़ी गलती थी।
Humne bharosa kiya,
aur yahi hamari sabse badi galti thi.
289.
शरीफ दिल को हर बार दर्द ही मिलता है,
फिर भी वो प्यार करना नहीं छोड़ता।
Sharif dil ko har baar dard hi milta hai,
😔 शरीफ इंसान का दर्द शायरी

290.
शरीफ इंसान हर किसी को अपना समझता है,
और यही उसकी सबसे बड़ी गलती होती है।
Sharif insaan har kisi ko apna samajhta hai,
aur yahi uski sabse badi galti hoti hai.
291.
शरीफ होने की कीमत बहुत भारी होती है,
हर कोई दिल दुखाकर चला जाता है।
Sharif hone ki keemat bahut bhaari hoti hai,
har koi dil dukhakar chala jata hai.
292.
हम शरीफ थे, इसलिए झुकते रहे,
लोग इसे हमारी कमजोरी समझ बैठे।
Hum sharif the, isliye jhukte rahe,
log ise hamari kamzori samajh baithe.
293.
शरीफ इंसान की जिंदगी आसान नहीं होती,
हर मोड़ पर उसे ही समझौता करना पड़ता है।
Sharif insaan ki zindagi aasaan nahi hoti,
har mod par use hi samjhauta karna padta hai.
294.
दिल साफ था, इसलिए लोग इस्तेमाल कर गए।
Dil saaf tha, isliye log istemal kar gaye.
295.
शरीफ इंसान कभी किसी को दुख नहीं देता,
इसलिए उसे ही सबसे ज्यादा दुख मिलता है।
Sharif insaan kabhi kisi ko dukh nahi deta,
isliye use hi sabse zyada dukh milta hai.
296.
हमारी सच्चाई ही हमारी सजा बन गई।
Hamari sachchai hi hamari saza ban gayi.
297.
शरीफ लोग हमेशा अकेले रह जाते हैं,
क्योंकि वो दिल से रिश्ते निभाते हैं।
Sharif log hamesha akele reh jaate hain,
kyunki wo dil se rishte nibhate hain.
298.
हर कोई फायदा उठाकर चला गया,
और हम शरीफ बनकर देखते रह गए।
Har koi fayda uthakar chala gaya,
aur hum sharif bankar dekhte reh gaye.
299.
शरीफ इंसान की खामोशी भी दर्द होती है।
Sharif insaan ki khamoshi bhi dard hoti hai.
300.
हमने सबको अपना समझा,
पर किसी ने हमें अपना नहीं समझा।
Humne sabko apna samjha,
par kisi ne hume apna nahi samjha.
301.
शरीफ इंसान हर बार टूटता है,
फिर भी मुस्कुराना नहीं छोड़ता।
Sharif insaan har baar tootta hai,
phir bhi muskurana nahi chhodta.
302.
लोग कहते हैं बदल जाओ,
पर शरीफ इंसान बदल नहीं पाता।
Log kehte hain badal jao,
par sharif insaan badal nahi paata.
303.
हमारी शराफत ही हमारी हार है।
Hamari sharafat hi hamari haar hai.
304.
शरीफ इंसान हर किसी पर भरोसा कर लेता है,
और हर बार टूट जाता है।
Sharif insaan har kisi par bharosa kar leta hai,
aur har baar toot jata hai.
305.
हम चुप रहे, क्योंकि हम शरीफ थे।
Hum chup rahe, kyunki hum sharif the.
306.
शरीफ इंसान की यही पहचान है,
दर्द में भी दूसरों का ख्याल रखना।
Sharif insaan ki yahi pehchan hai,
dard mein bhi dusron ka khayal rakhna.
307.
हमारी खामोशी को लोग कमजोरी समझ बैठे।
Hamari khamoshi ko log kamzori samajh baithe.
308.
शरीफ इंसान हर बार हार जाता है,
क्योंकि वो गलत रास्ता नहीं चुनता।
Sharif insaan har baar haar jata hai,
kyunki wo galat raasta nahi chunta.
309.
दिल साफ रखना ही हमारी गलती बन गई।
Dil saaf rakhna hi hamari galti ban gayi.
💔 शरीफ लोग क्यों हार जाते हैं शायरी

310.
शरीफ लोग इसलिए हार जाते हैं,
क्योंकि वो चालाकी नहीं जानते।
Sharif log isliye haar jaate hain,
kyunki wo chalaki nahi jaante.
311.
हर बार सच हार जाता है,
और झूठ जीत जाता है।
Har baar sach haar jata hai,
aur jhooth jeet jata hai.
312.
शरीफ लोग लड़ते नहीं,
इसलिए हार जाते हैं।
Sharif log ladte nahi,
isliye haar jaate hain.
313.
जो दिल से सच्चे होते हैं,
वही सबसे ज्यादा टूटते हैं।
Jo dil se sachhe hote hain,
wahi sabse zyada tootte hain.
314.
शरीफ लोग जवाब नहीं देते,
इसलिए लोग उन्हें दबा देते हैं।
Sharif log jawab nahi dete,
isliye log unhe daba dete hain.
315.
सच्चाई हमेशा हारती है,
क्योंकि झूठ ज्यादा ताकतवर होता है।
Sachchai hamesha haarti hai,
kyunki jhooth zyada taqatwar hota hai.
316.
शरीफ लोग किसी का दिल नहीं दुखाते,
इसलिए खुद ही दुख सहते हैं।
Sharif log kisi ka dil nahi dukhate,
isliye khud hi dukh sahte hain.
317.
हम शरीफ थे, इसलिए हार गए।
Hum sharif the, isliye haar gaye.
318.
जो चालाक होते हैं वही जीतते हैं।
Jo chalak hote hain wahi jeette hain.
319.
शरीफ लोग खुद से ज्यादा दूसरों को सोचते हैं।
Sharif log khud se zyada dusron ko sochte hain.
320.
दिल से अच्छे होना ही हार की वजह है।
Dil se acche hona hi haar ki wajah hai.
321.
शरीफ लोग कभी बदला नहीं लेते।
Sharif log kabhi badla nahi lete.
322.
हर कोई उन्हें इस्तेमाल कर जाता है।
Har koi unhe istemal kar jata hai.
323.
शरीफ लोग चुप रहकर हार जाते हैं।
Sharif log chup rehkar haar jaate hain.
324.
उनकी खामोशी ही उनकी हार बन जाती है।
Unki khamoshi hi unki haar ban jati hai.
325.
शरीफ लोग लड़ना नहीं जानते।
Sharif log ladna nahi jaante.
326.
इसलिए दुनिया उन्हें हरा देती है।
Isliye duniya unhe hara deti hai.
327.
सच्चे लोग हमेशा अकेले रह जाते हैं।
Sachhe log hamesha akele reh jaate hain.
328.
शरीफ लोग दिल से जीते हैं,
और दुनिया दिमाग से।
Sharif log dil se jeete hain,
aur duniya dimaag se.
329.
यही वजह है कि शरीफ लोग हार जाते हैं।
Yahi wajah hai ki sharif log haar jaate hain.
👦 शरीफ लड़के की शायरी

330.
शरीफ लड़के दिल से प्यार करते हैं,
दिमाग से खेलना नहीं जानते।
Sharif ladke dil se pyaar karte hain,
dimaag se khelna nahi jaante.
331.
हम शरीफ थे, इसलिए सच्चे थे,
और इसी वजह से अकेले रह गए।
Hum sharif the, isliye sachhe the,
aur isi wajah se akele reh gaye.
332.
शरीफ लड़के धोखा नहीं देते।
Sharif ladke dhokha nahi dete.
333.
इसलिए उन्हें ही धोखा मिलता है।
Isliye unhe hi dhokha milta hai.
334.
हमारी सादगी ही हमारी कमजोरी बन गई।
Hamari saadgi hi hamari kamzori ban gayi.
335.
शरीफ लड़के हर रिश्ता निभाते हैं।
Sharif ladke har rishta nibhate hain.
336.
पर कोई उनका नहीं होता।
Par koi unka nahi hota.
337.
दिल साफ था, इसलिए हार गए।
Dil saaf tha, isliye haar gaye.
338.
शरीफ लड़के ज्यादा उम्मीद नहीं रखते।
Sharif ladke zyada umeed nahi rakhte.
339.
पर दिल से जुड़ जाते हैं।
Par dil se jud jaate hain.
340.
हमारी खामोशी को कमजोरी समझ लिया गया।
Hamari khamoshi ko kamzori samajh liya gaya.
341.
शरीफ लड़के दिखावा नहीं करते।
Sharif ladke dikhawa nahi karte.
342.
इसलिए लोग उन्हें समझ नहीं पाते।
Isliye log unhe samajh nahi paate.
343.
हम सच्चे थे, इसलिए हार गए।
Hum sachhe the, isliye haar gaye.
344.
शरीफ लड़के दर्द छुपा लेते हैं।
Sharif ladke dard chhupa lete hain.
345.
पर दिल से टूट जाते हैं।
Par dil se toot jaate hain.
346.
हमारी सच्चाई ही हमारी गलती थी।
Hamari sachchai hi hamari galti thi.
347.
शरीफ लड़के कभी खेल नहीं खेलते।
Sharif ladke kabhi khel nahi khelte.
348.
इसलिए जिंदगी उनसे खेल जाती है।
Isliye zindagi unse khel jaati hai.
349.
हम शरीफ थे, इसलिए हार गए।
Hum sharif the, isliye haar gaye.
👧 शरीफ लड़की की मजबूरी शायरी

350.
शरीफ लड़की हर दर्द सह लेती है,
बस किसी से कहती नहीं।
Sharif ladki har dard seh leti hai,
bas kisi se kehti nahi.
351.
उसकी चुप्पी उसकी मजबूरी थी।
Uski chuppi uski majboori thi.
352.
लोग उसे कमजोरी समझ बैठे।
Log use kamzori samajh baithe.
353.
शरीफ लड़की अपने आंसू छुपा लेती है।
Sharif ladki apne aansu chhupa leti hai.
354.
पर दिल अंदर से टूट जाता है।
Par dil andar se toot jata hai.
355.
वो सबकी खुशी के लिए जीती है।
Wo sabki khushi ke liye jeeti hai.
356.
और खुद ही रोती है।
Aur khud hi roti hai.
357.
शरीफ लड़की हर बात सह जाती है।
Sharif ladki har baat seh jaati hai.
358.
पर किसी से शिकायत नहीं करती।
Par kisi se shikayat nahi karti.
359.
उसकी सादगी ही उसकी कमजोरी है।
Uski saadgi hi uski kamzori hai.
360.
लोग उसे समझ नहीं पाते।
Log use samajh nahi paate.
361.
शरीफ लड़की दिल से जुड़ती है।
Sharif ladki dil se judti hai.
362.
इसलिए जल्दी टूट जाती है।
Isliye jaldi toot jaati hai.
363.
वो खुद से ज्यादा दूसरों को सोचती है।
Wo khud se zyada dusron ko sochti hai.
364.
और यही उसकी मजबूरी बन जाती है।
Aur yahi uski majboori ban jati hai.
365.
शरीफ लड़की हर दर्द छुपा लेती है।
Sharif ladki har dard chhupa leti hai.
366.
पर मुस्कुराना नहीं छोड़ती।
Par muskurana nahi chhodti.
367.
वो टूटकर भी संभल जाती है।
Wo tootkar bhi sambhal jaati hai.
368.
पर किसी को दिखाती नहीं।
Par kisi ko dikhati nahi.
369.
यही उसकी सबसे बड़ी मजबूरी है।
Yahi uski sabse badi majboori hai.
शरीफ लोग हमेशा धोखा क्यों खाते हैं शायरी

351.
शरीफ थे इसलिए हर बार हार गए,
धोखा देने वाले ही आखिर जीत गए।
Sharif the isliye har baar haar gaye,
dhokha dene wale hi aakhir jeet gaye.
352.
दिल साफ रखा, यही सबसे बड़ी भूल थी,
लोगों ने उसी का फायदा उठाया।
Dil saaf rakha, yahi sabse badi bhool thi,
logon ne usi ka fayda uthaya.
353.
हम भरोसा करते रहे, वो खेल खेलते रहे,
और हम शरीफ बनकर हारते रहे।
Hum bharosa karte rahe, wo khel khelte rahe,
aur hum sharif bankar haarte rahe.
354.
शरीफ होना इस दुनिया में गुनाह सा है,
इसलिए हर शरीफ इंसान तबाह सा है।
Sharif hona is duniya me gunaah sa hai,
isliye har sharif insaan tabah sa hai.
355.
धोखा हमें नहीं, हमारी सादगी को मिला,
लोगों ने उसे कमजोरी समझ लिया।
Dhokha hume nahi, hamari saadgi ko mila,
logon ne use kamzori samajh liya.
356.
हमने दिल से निभाया, उन्होंने दिमाग से खेला,
और जीत हमेशा चालाकों की हुई।
Humne dil se nibhaya, unhone dimaag se khela,
aur jeet hamesha chaalak ki hui.
357.
शरीफ लोग सवाल नहीं करते,
इसलिए लोग जवाब देना भूल जाते हैं।
Sharif log sawaal nahi karte,
isliye log jawaab dena bhool jaate hain.
358.
हम सच्चे थे, इसलिए टूट गए,
वो झूठे थे, इसलिए बच गए।
Hum sacche the, isliye toot gaye,
wo jhoothe the, isliye bach gaye.
359.
दिल से अच्छा होना भी सजा बन जाता है,
जब सामने वाला इंसान नहीं होता।
Dil se accha hona bhi saja ban jata hai,
jab saamne wala insaan nahi hota.
360.
शरीफ लोग बस इस्तेमाल हो जाते हैं,
और फिर भूल दिए जाते हैं।
Sharif log bas istemaal ho jaate hain,
aur phir bhool diye jaate hain.
शरीफ इंसान की सच्चाई शायरी

361.
शरीफ इंसान झूठ नहीं बोलता,
बस चुप रहकर सब सह लेता है।
Sharif insaan jhooth nahi bolta,
bas chup rehkar sab seh leta hai.
362.
उसकी सच्चाई उसकी कमजोरी बन जाती है,
जब लोग उसे समझ नहीं पाते।
Uski sachchai uski kamzori ban jaati hai,
jab log use samajh nahi paate.
363.
शरीफ इंसान दिखावा नहीं करता,
इसलिए अक्सर अकेला रह जाता है।
Sharif insaan dikhawa nahi karta,
isliye aksar akela reh jata hai.
364.
वो दिल से साफ होता है,
इसलिए दुनिया उसे गंदा कह देती है।
Wo dil se saaf hota hai,
isliye duniya use ganda keh deti hai.
365.
शरीफ इंसान का सच भी झूठ लगता है,
जब लोग पहले ही फैसला कर लेते हैं।
Sharif insaan ka sach bhi jhooth lagta hai,
jab log pehle hi faisla kar lete hain.
366.
वो किसी का बुरा नहीं चाहता,
पर दुनिया उसका बुरा चाहती है।
Wo kisi ka bura nahi chahta,
par duniya uska bura chahti hai.
367.
सच्चाई की कीमत बहुत भारी होती है,
हर कोई इसे चुका नहीं पाता।
Sachchai ki keemat bahut bhaari hoti hai,
har koi ise chuka nahi paata.
368.
शरीफ इंसान का दिल सबसे साफ होता है,
बस लोग उसे पढ़ नहीं पाते।
Sharif insaan ka dil sabse saaf hota hai,
bas log use padh nahi paate.
369.
वो चुप रहता है, इसलिए गलत समझा जाता है,
पर सच हमेशा उसके साथ होता है।
Wo chup rehta hai, isliye galat samjha jata hai,
par sach hamesha uske saath hota hai.
370.
शरीफ इंसान का सबसे बड़ा सच यही है,
कि वो खुद से कभी झूठ नहीं बोलता।
Sharif insaan ka sabse bada sach yahi hai,
ki wo khud se kabhi jhooth nahi bolta.
शरीफ होना कमजोरी है शायरी

371.
शरीफ होना कमजोरी नहीं था,
पर लोगों ने इसे मजाक बना दिया।
Sharif hona kamzori nahi tha,
par logon ne ise mjak bana diya.
372.
हम अच्छे थे, इसलिए दबा दिए गए,
वरना गलत लोग कब के गिर चुके होते।
Hum acche the, isliye daba diye gaye,
warna galat log kab ke gir chuke hote.
373.
कमजोरी नहीं थी हमारी सादगी,
बस दुनिया बहुत चालाक थी।
Kamzori nahi thi hamari saadgi,
bas duniya bahut chaalak thi.
374.
शरीफ लोग लड़ना नहीं जानते,
इसलिए हार जाते हैं।
Sharif log ladna nahi jaante,
isliye haar jaate hain.
375.
हमने झुकना सीखा,
और लोगों ने हमें झुका दिया।
Humne jhukna seekha,
aur logon ne hume jhuka diya.
376.
कमजोर वो नहीं जो चुप है,
कमजोर वो है जो सच से डरता है।
Kamzor wo nahi jo chup hai,
kamzor wo hai jo sach se darta hai.
377.
शरीफ होना आसान नहीं,
हर रोज खुद को समझाना पड़ता है।
Sharif hona aasaan nahi,
har roz khud ko samjhana padta hai.
378.
हमने दिल से जीना चुना,
और लोगों ने हमें कमजोर समझ लिया।
Humne dil se jeena chuna,
aur logon ne hume kamzor samajh liya.
379.
कमजोरी नहीं थी हमारी अच्छाई,
बस लोग उसकी कद्र नहीं कर पाए।
Kamzori nahi thi hamari acchai,
bas log uski kadar nahi kar paaye.
380.
शरीफ होना इस दौर में मुश्किल है,
क्योंकि सच अब भारी लगता है।
Sharif hona is daur me mushkil hai,
kyunki sach ab bhaari lagta hai.
शरीफ बनकर क्या मिला शायरी
381.
शरीफ बनकर क्या मिला हमें,
बस दर्द और तन्हाई मिली।
Sharif bankar kya mila hume,
bas dard aur tanhaai mili.
382.
हम अच्छे बने रहे,
और लोग हमें बेवकूफ समझते रहे।
Hum acche bane rahe,
aur log hume bewakoof samajhte rahe.
383.
शरीफी का इनाम यही मिला,
जिसे चाहा वही दूर चला गया।
Sharifi ka inaam yahi mila,
jise chaha wahi door chala gaya.
384.
हमने दिल से निभाया,
और बदले में सिर्फ दर्द पाया।
Humne dil se nibhaya,
aur badle me sirf dard paaya.
385.
शरीफ बनकर बस इतना सीखा,
कि लोग अच्छे नहीं होते।
Sharif bankar bas itna seekha,
ki log acche nahi hote.
386.
हमने खुद को बदलना नहीं चाहा,
और दुनिया ने हमें बदल दिया।
Humne khud ko badalna nahi chaha,
aur duniya ne hume badal diya.
387.
शरीफी का रास्ता कठिन था,
पर हमने फिर भी छोड़ा नहीं।
Sharifi ka raasta kathin tha,
par humne phir bhi chhoda nahi.
388.
क्या मिला शरीफ बनकर,
बस हर किसी की नजरों में हल्के हो गए।
Kya mila sharif bankar,
bas har kisi ki nazron me halke ho gaye.
389.
हमने सच्चाई चुनी,
और अकेले रह गए।
Humne sachchai chuni,
aur akele reh gaye.
390.
शरीफ बनकर यही समझ आया,
कि दुनिया दिल से नहीं, दिमाग से चलती है।
Sharif bankar yahi samajh aaya,
ki duniya dil se nahi, dimaag se chalti hai.
शरीफ बनकर क्या मिला शायरी

391.
शरीफ बनकर हर दर्द छुपाया हमने,
लोगों ने कमजोर समझा हमें
392.
सीधा बनकर क्या पाया इस जमाने में,
हर कोई खेल गया मेरे ही बहाने में।
393.
शराफत का नकाब ओढ़े रहे उम्र भर,
बदले में मिला बस तंज और ज़हर।
394.
हम शरीफ क्या बने, लोग चढ़ बैठे सर पर,
अब बदल गए तो कहते हैं बिगड़ गए इस डगर पर।
395.
सीधी राह चले तो ठोकरें ही मिली,
थोड़ा टेढ़े हुए तो दुनिया ही बदल चली।
396.
शरीफ बनकर हर बार हार ही मिली,
जितना झुके, उतनी ही मार ही मिली।
397.
साफ दिल रखा, यही गलती कर दी,
हर किसी ने अपनी मर्जी भर ली।
398.
शराफत की कीमत यहां कोई नहीं जानता,
जो जितना चालाक, वही ज्यादा पहचान पाता।
399.
हमने ईमानदारी से रिश्ते निभाए,
उन्होंने चालाकी से खेल दिखाए।
400.
शरीफ थे इसलिए चुप रहे हर बार,
वरना जवाब देना भी आता था हमें हर वार।
401.
सीधापन हमारा गुनाह बन गया,
हर कोई हमसे बेवजह खफा बन गया।
402.
शरीफ बनकर बस दिल ही टूटे हैं,
बाकी तो सब अपने मतलब में लूटे हैं।
403.
हमारी खामोशी को लोग कमजोरी समझ बैठे,
शरीफ थे इसलिए सब हक से हमें रौंद बैठे।
404.
शराफत की राह में कांटे ही कांटे मिले,
फूलों का वादा था, मगर धोखे ही मिले।
405.
हम सीधे थे, इसलिए ठगे गए,
जो टेढ़े थे, वही आगे बढ़े गए।
406.
शरीफ बनकर हर रिश्ता निभाया,
बदले में हर किसी ने हमें ही आजमाया।
407.
दिल साफ था, इसलिए दर्द मिला,
अगर चालाक होते तो शायद सुकून मिला।
408.
शराफत का फायदा हर कोई उठा गया,
हम देखते रहे, और वक्त गुजरता गया।
409.
सीधे इंसान की कोई कीमत नहीं यहां,
हर कोई बस चालाकी में ही बसा।
410.
अब शराफत छोड़ दी है हमने भी,
क्योंकि इस दुनिया ने सिखा दी है चालाकी भी।
💔 Sad Sharif Shayari

411.
हम शरीफ थे, इसलिए चुप रह गए
वो बदनाम करते रहे, हम सहते रहे
Hum sharif the, isliye chup reh gaye
Wo badnaam karte rahe, hum sahte rahe
शराफत ने हमें हर मोड़ पर रुलाया है,
दिल साफ रखा, बस यही कसूर पाया है।
Sharafat ne hume har mod par rulaya hai,
Dil saaf rakha, bas yahi kasoor paaya hai.
413.
हमने कभी किसी का दिल नहीं दुखाया,
फिर भी जिंदगी ने हमें ही सताया।
Humne kabhi kisi ka dil nahi dukhaya,
Phir bhi zindagi ne hume hi sataya.
414.
शरीफ बनकर जीना आसान नहीं होता,
हर कोई यहाँ सच्चे दिल को पहचान नहीं पाता।
Sharif bankar jeena aasan nahi hota,
Har koi yahan sacche dil ko pehchaan nahi paata.
415.
हमारी खामोशी को कमजोरी समझ लिया गया,
शराफत का फायदा हर किसी ने उठा लिया।
Hamari khamoshi ko kamzori samajh liya gaya,
Sharafat ka fayda har kisi ne utha liya.
416.
शराफत में जीते रहे, खुद को खोते रहे,
लोग हंसते रहे, हम अंदर ही रोते रहे।
Sharafat me jeete rahe, khud ko khote rahe,
Log hanste rahe, hum andar hi rote rahe.
417.
हमने तो हमेशा सच्चाई का साथ दिया,
पर हर बार बदले में दर्द ही लिया।
Humne to hamesha sachchai ka saath diya,
Par har baar badle me dard hi liya.
418.
शरीफ थे इसलिए किसी से लड़ ना सके,
दिल टूटा मगर किसी को बता ना सके।
Sharif the isliye kisi se lad na sake,
Dil toota magar kisi ko bata na sake.
419.
हमारी सादगी ने हमें ही रुला दिया,
हर किसी ने हमें अपना बनाकर भुला दिया।
Hamari saadgi ne hume hi rula diya,
Har kisi ne hume apna banakar bhula diya.
420.
शराफत का रास्ता हमेशा अकेला होता है,
यहाँ हर कोई बस अपना ही मेला होता है।
Sharafat ka rasta hamesha akela hota hai,
Yahan har koi bas apna hi mela hota hai.
421.
हम शरीफ क्या बने, लोग हमें कमजोर समझ बैठे,
हम चुप क्या रहे, लोग हमें बेगैरत समझ बैठे।
Hum sharif kya bane, log hume kamzor samajh baithe,
Hum chup kya rahe, log hume begairat samajh baithe.
422.
शराफत की कीमत हमने दर्द से चुकाई है,
हर मुस्कान के पीछे एक तन्हाई है।
Sharafat ki keemat humne dard se chukai hai,
Har muskaan ke peeche ek tanhaai hai.
423.
हमने किसी से कुछ नहीं छीना,
फिर भी हर किसी ने हमें ही अधूरा जीना सिखा दिया।
Humne kisi se kuch nahi cheena,
Phir bhi har kisi ne hume hi adhoora jeena sikha diya.
424.
शरीफ दिल अक्सर टूट जाते हैं,
क्योंकि वो हर किसी पर भरोसा कर जाते हैं।
Sharif dil aksar toot jaate hain,
Kyunki wo har kisi par bharosa kar jaate hain.
425.
हमारी अच्छाई ही हमारी हार बन गई,
शराफत हमारी सबसे बड़ी सज़ा बन गई।
Hamari achchai hi hamari haar ban gayi,
Sharafat hamari sabse badi saza ban gayi.
426.
हमने तो बस प्यार से बात की,
लोगों ने इसे हमारी औकात समझ ली।
Humne to bas pyaar se baat ki,
Logon ne ise hamari aukaat samajh li.
427.
शराफत में जीकर हमने सब खो दिया,
खुद को भी और अपनों को भी खो दिया।
Sharafat me jee kar humne sab kho diya,
Khud ko bhi aur apno ko bhi kho diya.
428.
हम शरीफ थे इसलिए झुकते रहे,
लोग हमें तोड़ते रहे, हम टूटते रहे।
Hum sharif the isliye jhukte rahe,
Log hume todte rahe, hum toot-te rahe.
429.
दिल साफ था इसलिए धोखा खा गए,
हम शरीफ थे इसलिए सबके काम आ गए।
Dil saaf tha isliye dhokha kha gaye,
Hum sharif the isliye sabke kaam aa gaye.
430.
शराफत का ये अंजाम मिला हमें,
हर किसी ने इस्तेमाल किया हमें।
Sharafat ka ye anjaam mila hume,
Har kisi ne istemaal kiya hume.
शरीफों की सराफ्त



