इत्तेफाक शायरी |एक खूबसूरत इत्तेफाक -भी-कभी ज़िन्दगी में कुछ ऐसे मोड़ आते हैं, जब दो दिल बिना किसी योजना के एक साथ होते हैं। जैसे भाग्य ने उन्हें मिलाने के लिए अपना जादू चला दिया हो। यह वह इत्तेफाक है, जब दो लोग एक ही रास्ते पर चलते हुए बिना किसी कारण के एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं। ऐसे रिश्ते में कोई उम्मीद नहीं होती, बस इत्तेफाक होता है, और वह हमेशा के लिए यादगार बन जाता है।इत्तेफाक एक ऐसा अनोखा पल होता है, जब हमारी ज़िन्दगी की राहें खुद ही एक-दूसरे से मिल जाती हैं। यह एक प्रकार का संयोग है, जब हम कभी सोच भी नहीं सकते कि हमारी ज़िन्दगी में क्या होने वाला है। और फिर एक दिन, एक ऐसा पल आता है, जब हम महसूस करते हैं कि यह सब कुछ इत्तेफाक ही तो था। इसी सुंदर विचार को प्रस्तुत करती है ये शायरी।
एक खूबसूरत इत्तेफाक
इत्तेफाक शायरी
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इत्तेफाक पर शायरी रेख़्ता
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एक खूबसूरत इत्तेफाक

1.
मुझे यकीन था कि तुझसे कभी नहीं मिलेगें हम,
पर इत्तेफाक ने ही हमें एक-दूसरे से मिलवा दिया।
Mujhe yakeen tha ki tujhse kabhi nahi milenge hum,
Par ittefaq ne hi humein ek doosre se milwa diya.
2.
कभी सोचा ही नहीं था कि ये सफर तय करेंगे,
इत्तेफाक था कि हमने एक-दूसरे का साथ पाया।
Kabhi socha hi nahi tha ki ye safar tay karenge,
Ittefaq tha ki humne ek doosre ka saath paya.
3.
जो लोग नहीं मिल सकते थे कभी,
इत्तेफाक ने उन्हे एक पल में एक-दूसरे से मिलवा दिया।
Jo log nahi mil sakte the kabhi,
Ittefaq ne unhe ek pal mein ek doosre se milwa diya.
4.
हमारी राहें अलग-अलग थीं,
पर इत्तेफाक ने हमें एक साथ ला खड़ा किया।
Hamari raahen alag-alag thi,
Par ittefaq ne humein ek saath la khada kiya.
5.
तुझसे मिलने का इत्तेफाक इतना प्यारा था,
जैसे तारे रात में कभी खो जाते नहीं।
Tujhse milne ka ittefaq itna pyaara tha,
Jaise taare raat mein kabhi kho jaate nahi.
6.
कभी सोचा भी नहीं था, हम मिलेंगे इस राह पर,
इत्तेफाक ने हमें साथ चलने का मौका दिया।
7.
ये तो था बस एक इत्तेफाक, जो हमारी मुलाकात का कारण बना,
नहीं तो हमारी दुनिया एक-दूसरे से कभी न मिलती।
8.
दिल में कई अरमान थे, पर इत्तेफाक ने उन्हें सच कर दिखाया,
हम दोनों की राहें एक हो गईं, जैसे कभी दूर नहीं थीं।
9.
क्या ही अजीब है ये इत्तेफाक, जो दिलों को जोड़ देता है,
हम कभी न मिले होते, अगर तक़दीर ने अपना हाथ न बढ़ाया होता।
10.
वो पल भी इत्तेफाक ही था, जब तुम मेरे पास आए,
ना जाने कितने दिनों से दिल तुम्हें ढूंढ़ रहा था।
11.
हमारे मिलने का तरीका कुछ खास था,
इत्तेफाक ने इसे इस तरह से सजाया था।
12.
कभी-कभी हमें लगता है कि किस्मत हमारी तरफ नहीं थी,
पर इत्तेफाक ने साबित कर दिया कि कुछ भी असंभव नहीं।
13.
क्या ही सुंदर है ये इत्तेफाक, जो हमें साथ लाया,
ना जाने क्या जादू था उस पल में, जब तुम्हारी धड़कन मेरी धड़कन से मिल गई।
14.
हमें कभी यकीन नहीं था कि हम मिलेंगे,
पर इत्तेफाक ने हमें एक-दूसरे से परिचित कराया।
15.
इत्तेफाक कभी हमारी ज़िन्दगी के रास्ते बदल देता है,
हमें वही मिलता है, जो हमें कभी नहीं सोचा था।
16.
हमेशा लगता था कि ये सफर अकेले ही तय करेंगे,
इत्तेफाक ने हमें एक-दूसरे का साथी बना दिया।
17.
कभी नहीं सोचा था कि हम एक-दूसरे के होंगे,
पर इत्तेफाक ने इस सपने को हकीकत में बदल दिया।
18.
वो मुलाकात, वो पल, इत्तेफाक का करिश्मा था,
जिसने हमारे दिलों को एक-दूसरे के करीब ला दिया।
19.
जब हम दोनों मिले, यह सिर्फ इत्तेफाक था,
लेकिन अब लगता है, जैसे ये हमारी किस्मत थी।
20.
हमारे रास्ते कभी नहीं मिलते, अगर इत्तेफाक साथ न होता,
ये मिलन था एक ख़ास संयोग, जो हमें हमेशा के लिए जोड़ गया।
21.
हमारी मुलाकात का तरीका और समय, दोनों ही इत्तेफाक थे,
लेकिन अब लगता है, जैसे हमारी कहानी पहले से लिखी हुई थी।
22.
ज़िन्दगी के रास्ते पर जब हम दोनों मिले,
इत्तेफाक ने हमें ऐसा मोड़ दिया, जो हमें कभी नहीं मिला था।
23.
तुमसे मिलने की उम्मीद कभी नहीं थी,
लेकिन इत्तेफाक ने मुझे वो खुशी दे दी, जो मैंने कभी सोची नहीं थी।
24.
हमारा मिलना जैसे इत्तेफाक का सबसे सुंदर तोहफा था,
जिसने दो अजनबियों को एक-दूसरे से गहरे रिश्ते में बांध दिया।
25.
इत्तेफाक का असर ही कुछ ऐसा होता है,
कभी-कभी हमें वो मिल जाता है, जो हम चाहते नहीं थे,
लेकिन वह हमें चाहिए होता है।
36.
इत्तेफाक ने हमें ऐसे मिले,
जैसे दो परछाइयाँ एक साथ चल रही हों।
37.
हमारी मुलाकात में कोई चमत्कार नहीं था,
बस इत्तेफाक था, जिसने हमें एक-दूसरे से जोड़ा।
38.
इत्तेफाक में कुछ खास होता है,
यह कभी हमें बिछड़ने का दुख देता है,
तो कभी हमसे वो मिलवाता है, जिसे हम कभी नहीं भुला पाते।
39.
मुझे यकीन नहीं था कि हम कभी मिलेंगे,
पर इत्तेफाक ने हमें उसी मोड़ पर मिलवा दिया,
जहाँ हमारे दिल जुड़ गए।
40.
इत्तेफाक का तो बस यही काम है,
वो हमें ऐसे समय पर मिलवाता है,
जब हम खुद भी नहीं जानते कि हम क्या चाहते हैं।
41.
इत्तेफाक ने हमें जिस दिन मिलवाया,
वो दिन मेरी ज़िन्दगी का सबसे खास दिन था।
42.
हम दोनों के रास्ते अलग थे,
पर इत्तेफाक ने हमें एक जगह ला खड़ा किया,
और अब हम कभी अलग नहीं हो सकते।
43.
इत्तेफाक का जादू ही कुछ ऐसा था,
हम दोनों एक-दूसरे के लिए बने थे,
और यह हम दोनों को ही तब समझ आया।
44.
इत्तेफाक ने हमारी मुलाकात को एक यादगार बना दिया,
जिसे हम हमेशा अपनी ज़िन्दगी के सबसे खूबसूरत पल के रूप में याद करेंगे।
45.
सिर्फ इत्तेफाक ही था, जिसने हमें इस लम्हे तक पहुँचाया,
वरना हम दोनों की दुनिया कभी एक नहीं होती।
46.
इत्तेफाक था कि तुम मिले और मैंने खुद को पा लिया,
तुमसे मिलने के बाद, मेरी दुनिया पूरी हो गई।
47.
कभी नहीं सोचा था कि हमारी राहें इस तरह जुड़ेंगी,
इत्तेफाक ने हमसे कहा, “तुम दोनों का मिलना तय था।”
48.
हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारी तक़दीर एक होगी,
पर इत्तेफाक ने हमारे बीच एक अनोखा रिश्ता बना दिया।
49.
तुमसे मिलना तो बस एक इत्तेफाक था,
लेकिन अब तुम्हारे बिना मेरा दिल कहीं नहीं लगता।
50.
कभी ये दिल किसी और को चाहता था,
पर इत्तेफाक ने तुम्हें मेरे पास भेजा और मेरी ज़िन्दगी संवर गई।
51.
इत्तेफाक ने हमें इतने करीब लाया,
कि अब हमारे बीच कोई दूरी नहीं रह सकती।
52.
जब हमारे रास्ते मिले, यह इत्तेफाक था,
लेकिन अब लगता है, कि हमारी ज़िन्दगी का यही था सही रास्ता।
53.
इत्तेफाक ने हमें एक साथ खड़ा किया,
जहां हमारी हंसी, हमारी बातों, और हमारी सोच एक हो गई।
54.
इत्तेफाक ने वह लम्हा दिया,
जब तुम्हारी मुस्कान मेरे चेहरे पर दिखी और दिल खुश हो गया।
55.
हमारे बीच का इत्तेफाक बहुत खास था,
जिसने हमें कभी नहीं भुलाए जाने वाले पल दिए।
56.
इत्तेफाक का ये सफर दिलचस्प था,
तुमसे मिलकर मेरी जिंदगी का हर पल खास था।
57.
हम कभी नहीं जानते थे कि हमारी राहें मिलेंगी,
पर इत्तेफाक ने हमें एक-दूसरे का हिस्सा बना दिया।
58.
कभी सोचा था कि हम दोनों मिलेंगे,
पर इत्तेफाक ने वो पल हमसे छीन लिया, और हम साथ हो गए।
59.
तुमसे मिलना एक संयोग था,
पर अब मुझे लगता है, कि यह हमारा अपना रास्ता था।
60.
इत्तेफाक का कुछ ऐसा असर था,
जो हमें जोड़ कर, हमारे दिलों को हमेशा के लिए एक कर दिया।
61.
हमारी मुलाकात इत्तेफाक नहीं, एक खूबसूरत किस्मत थी,
जो हमें एक-दूसरे से जोड़ने के लिए बनाई गई थी।
62.
कभी नहीं सोचा था कि हमारी मुलाकात होगी,
लेकिन इत्तेफाक ने हमें एक दूसरे से मिलवा दिया।
63.
वो पल, जब हम मिले थे, वह सिर्फ एक इत्तेफाक था,
लेकिन अब वह पल मेरी पूरी दुनिया बन चुका है।
64.
इत्तेफाक कभी हमें रास्ता बदलने को कहता है,
कभी किसी की ज़िन्दगी में आता है और एक नई कहानी लिखता है।
65.
हम दोनों का मिलना इत्तेफाक था,
लेकिन हमारे रिश्ते में जो गहराई है, वह हमारी मेहनत और सच्चाई है।

.66
तुझसे मिलना एक इत्तेफाक था,
लेकिन अब तुझसे दूर जाना नामुमकिन सा लगता है।
67.
तुझसे मिलकर लगा जैसे कोई ख़्वाब सच हो गया,
इत्तेफाक ने हमारी राहें जोड़ दीं, और दिलों को मिला दिया।
68.
तुझे जानना, तुझसे मिलना, ये सब इत्तेफाक था,
पर अब तुझसे दूर रहना, यह बिल्कुल भी आसान नहीं लगता।
69.
तुझे पाया तो लगा जैसे कुछ खोया नहीं,
इत्तेफाक ही था, जिसने मुझे तेरे पास लाकर खड़ा किया।
70.
इत्तेफाक ने हमें ऐसे मिलवाया,
कि अब तुझसे अलग होना मुझे कभी नहीं स्वीकार होगा।
71.
तुझसे मिलना एक जादू सा था,
इत्तेफाक ने हमें इस कदर करीब लाया,
कि अब हमारे बीच कोई दूरी नहीं हो सकती।
72.
तुझसे मिलने की ख़ुशी तो इत्तेफाक का हिस्सा थी,
लेकिन जो प्यार और दोस्ती है, वह हम दोनों का साझा है।
73.
तुझसे मिलना जैसे कोई ख़्वाब सच हो,
इत्तेफाक ने हमें एक-दूसरे का हिस्सा बना दिया।
74.
तुझसे मिलना एक इत्तेफाक था,
लेकिन तेरे बिना अब मेरी दुनिया अधूरी है।
75.
इत्तेफाक ने हमें एक-दूसरे से मिलवाया,
और अब हमारी ज़िन्दगी एक साथ इतनी खूबसूरत हो गई है।
❤️ इत्तेफाक शायरी

76
इत्तेफाक से ही सही, तुझसे मुलाकात हो गई,
वरना ये दिल तो खामोशियों में ही बात कर गया।
77
कभी-कभी इत्तेफाक भी किस्मत लिख देता है,
जो सोचो नहीं, वही दिल में बस जाता है।
78
इत्तेफाक से मिले थे, अब आदत बन गए,
तेरी यादों के हम क़ैदी बन गए।
79
कुछ इत्तेफाक यूं भी खास होते हैं,
जो अनजाने ही दिल के पास होते हैं।
80
तुमसे मिलना इत्तेफाक नहीं लगता,
ये दिल इसे अपना मुकद्दर समझता है।
81
इत्तेफाक ने जो मिलाया हमें,
वो रिश्ता अब दिल से निभाया हमने।
82
कभी राहों में यूं ही टकरा जाना,
शायद वही इत्तेफाक प्यार बन जाना।
83
इत्तेफाक की भी अपनी एक कहानी होती है,
जहाँ मुलाकातों में छुपी निशानी होती है।
84
वो इत्तेफाक ही था जो तुम मिल गए,
वरना हम तो खुद से ही बिछड़ गए थे।
85
इत्तेफाक से शुरू हुई थी बात,
अब दिल तक पहुंच गई हर मुलाकात।
86
किस्मत से ज्यादा इत्तेफाक पे भरोसा है,
क्योंकि वही हमें तुम तक लाया है।
87
इत्तेफाक का भी शुक्रिया करना चाहिए,
जो हमें हमारे अपने दिल से मिलवाता है।
88
इत्तेफाक से तुम मिले तो जाना,
दिल भी कभी बेवजह धड़कता है।
89
हर इत्तेफाक एक इशारा होता है,
जो दिल को किसी का सहारा होता है।
90
इत्तेफाक की राहों में चल पड़े,
और तुझ तक आकर ठहर गए।
91
वो एक इत्तेफाक ही काफी था,
जो तुझे मेरी ज़िंदगी में लाया।
92
इत्तेफाक से जो रिश्ता बना,
वो अब दिल की जरूरत बन गया।
93
कभी-कभी इत्तेफाक भी सच्चे लगते हैं,
जब उसमें तुम्हारे जैसे लोग मिलते हैं।
94
इत्तेफाक से मिली मुस्कान,
अब हर दिन की पहचान बन गई।
95
तुमसे मिलना इत्तेफाक था,
तुमसे मोहब्बत मेरी कहानी बन गई।
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96
इत्तेफाक से तेरी राह में आ गए,
वरना हम भी खामोश सफ़र में थे।
97
तेरी मुलाकात इत्तेफाक सही,
मगर असर उसका हमेशा रहेगा।
98
इत्तेफाक की उस शाम ने,
दिल को तेरे नाम कर दिया।
99
वो इत्तेफाक ही था शायद,
जो तुझे अपना बना गया।
100
तेरी एक झलक इत्तेफाक में मिली,
और हम उम्र भर के लिए खो गए।
101
इत्तेफाक का भी अपना नसीब होता है,
जो हर किसी को नहीं मिलता।
102
तेरे बिना भी जी लेते हम,
अगर वो इत्तेफाक न हुआ होता।
103
इत्तेफाक से शुरू हुआ था सिलसिला,
अब मोहब्बत तक पहुंच गया।
104
तेरी यादें भी इत्तेफाक सी हैं,
कभी भी आ जाती हैं।
105
इत्तेफाक में छुपा था एक राज,
जो दिल ने तुझमें ढूंढ लिया।
106
तेरे साथ का हर लम्हा,
इत्तेफाक से ज्यादा खास है।
107
इत्तेफाक भी कभी-कभी करामात बन जाता है,
जब तुझसे मुलाकात हो जाती है।
108
इत्तेफाक से जो मिला,
वो दिल से कभी नहीं गया।
109
तेरी बातों में वो असर है,
जैसे इत्तेफाक में कोई जादू हो।
110
इत्तेफाक से आई थी तू,
अब किस्मत बनकर रह गई।
111
इत्तेफाक का शुक्र है,
जो तुझसे मिला गया।
112
तेरी यादें भी इत्तेफाक सी हैं,
बिना बताए दिल में उतर जाती हैं।
113
इत्तेफाक ने जो रास्ता दिखाया,
दिल उसी पर चल पड़ा।
114
तेरी मुस्कान इत्तेफाक नहीं,
मेरे दिल की ज़रूरत है।
115
इत्तेफाक से मिला प्यार,
अब मेरी पहचान बन गया।
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116
इत्तेफाक से मिली ये खुशी,
अब हर पल की आदत बन गई।
117
तुमसे मिलना इत्तेफाक था,
पर चाहना मेरी मर्जी थी।
118
इत्तेफाक ने जो कहानी लिखी,
दिल ने उसे अपना लिया।
119
कभी यूं ही मिल जाना,
शायद वही इत्तेफाक होता है।
120
इत्तेफाक में भी प्यार छुपा होता है,
बस उसे समझने वाला चाहिए।
121
तुम इत्तेफाक से मिले,
और ज़िंदगी का हिस्सा बन गए।
122
इत्तेफाक ने जो दिया,
वो किस्मत भी नहीं दे पाई।
123
कभी-कभी इत्तेफाक भी जरूरी होता है,
दिल को खुश करने के लिए।
124
इत्तेफाक की वो घड़ी,
आज भी यादों में बसती है।
125
तुमसे मिलना इत्तेफाक था,
पर अब तुम मेरी जरूरत हो।
126
इत्तेफाक का रिश्ता,
दिल से ज्यादा मजबूत होता है।
127
इत्तेफाक ने हमें मिलाया,
दिल ने हमें जोड़ा।
128
वो एक इत्तेफाक ही था,
जो तुझे करीब ले आया।
129
इत्तेफाक भी कभी-कभी,
जिंदगी बदल देता है।
130
तुमसे मुलाकात इत्तेफाक सही,
पर मोहब्बत सच्ची है।
131
इत्तेफाक ने जो राह दिखाई,
दिल उसी पर चल पड़ा।
132
तुम इत्तेफाक नहीं,
मेरी किस्मत हो।
133
इत्तेफाक से मिली मुस्कान,
दिल की पहचान बन गई।
134
इत्तेफाक का खेल भी अजीब है,
जो दूर हैं, उन्हें पास कर देता है।
135
इत्तेफाक से शुरू हुआ प्यार,
अब दिल की दुनिया बन गया।
💬 ittefaq shayari in english

136
It was just a coincidence, we met that day,
But now my heart refuses to stay away.
137
We met by chance, no plan, no sign,
Yet somehow your heart became mine.
138
A random meeting, a simple glance,
Turned into love just by chance.
139
Ittefaq brought you into my life,
And turned my silence into light.
140
We were strangers in a random place,
Now I see home in your face.
141
Coincidences don’t just happen, they mean,
Something deeper lies in between.
142
That one accidental hello,
Became the reason I glow.
143
Fate didn’t plan, nor did we try,
Still love found us passing by.
144
It was just a moment, a passing view,
But somehow it led me to you.
145
A coincidence wrote our story so true,
Every line somehow led to you.
146
No promises, no plans were made,
Yet love in our hearts quietly stayed.
147
We met without a reason why,
But now I can’t say goodbye.
148
A simple ittefaq changed my way,
Now you’re the reason I pray.
149
We didn’t search, we didn’t chase,
Still love found us face to face.
150
That random meeting wasn’t so small,
It changed my life, it changed it all.
151
Ittefaq made our paths collide,
Now I walk with you by my side.
152
A moment of chance, a spark so bright,
Turned my darkness into light.
153
We met like strangers passing through,
Now my every thought belongs to you.
154
That coincidence still feels divine,
As if you were always meant to be mine.
155
It was never just a random day,
It was love finding its way.
📜 इत्तेफाक पर शायरी रेख़्ता

156
इत्तेफाक से जो तुम मिले,
ज़िंदगी को एक मतलब मिल गया।
157
वो मुलाक़ात भी अजीब थी,
इत्तेफाक में भी नसीब थी।
158
इत्तेफाक की उस महफ़िल में,
दिल ने तुझे अपना कह दिया।
159
यूँ ही नहीं मिला कोई राह में,
इत्तेफाक में भी राज़ छुपा होता है।
160
वो एक लम्हा इत्तेफाक का,
उम्र भर का एहसास बन गया।
161
इत्तेफाक ने जो मिलाया हमें,
वो रिश्ता मुक़द्दर बन गया।
162
कभी-कभी इत्तेफाक भी,
इश्क़ की शुरुआत होता है।
163
वो इत्तेफाक नहीं था शायद,
जो दिल तेरे नाम हो गया।
164
राहों में यूँ ही टकरा जाना,
इत्तेफाक नहीं, इशारा था।
165
इत्तेफाक में भी साज़िश थी,
दिल को तुझसे जोड़ने की।
166
तुमसे मिलना यूँ ही नहीं था,
इत्तेफाक भी खास होता है।
167
इत्तेफाक की उस शाम ने,
दिल को तेरी आदत बना दिया।
168
वो लम्हा आज भी याद है,
जब इत्तेफाक ने हमें मिलाया था।
169
इत्तेफाक से जो रिश्ता बना,
वो दिल में हमेशा बसा।
170
इत्तेफाक की बातें अजीब होती हैं,
जो दूर हैं, उन्हें करीब करती हैं।
171
इत्तेफाक का खेल भी गहरा है,
जो खोया था, वही मिला है।
172
इत्तेफाक से शुरू हुई कहानी,
अब मोहब्बत की ज़ुबानी।
173
वो एक नजर इत्तेफाक में मिली,
और दिल हमेशा के लिए जुड़ गया।
174
इत्तेफाक का वो पल खास था,
जिसने तुझे मेरे पास किया।
175
इत्तेफाक भी कभी-कभी,
खुदा का पैग़ाम लगता है।
🌿 ittefaq shayari on life

176
ज़िंदगी में हर इत्तेफाक कुछ सिखाता है,
हर मोड़ हमें खुद से मिलवाता है।
177
हर मुलाकात इत्तेफाक नहीं होती,
कुछ में जिंदगी की सच्चाई होती है।
178
इत्तेफाक से जो मिलता है,
वही अक्सर सबसे खास होता है।
179
ज़िंदगी का हर इत्तेफाक,
एक नया रास्ता दिखाता है।
180
कभी हार, कभी जीत का एहसास,
सब इत्तेफाक में छुपा होता है।
181
इत्तेफाक हमें वहीं ले जाता है,
जहाँ हमें होना चाहिए।
182
ज़िंदगी में जो होता है,
वो सब इत्तेफाक नहीं होता।
183
हर इत्तेफाक एक सीख है,
जो हमें मजबूत बनाता है।
184
इत्तेफाक से मिले लोग,
कभी-कभी ज़िंदगी बदल देते हैं।
185
ज़िंदगी के खेल में इत्तेफाक भी जरूरी है,
यही तो हर कहानी को पूरा करता है।
186
इत्तेफाक हमें गिराता भी है,
और उठना भी सिखाता है।
187
हर मोड़ पर एक इत्तेफाक खड़ा है,
बस समझने की देर है।
188
इत्तेफाक से मिली राहें,
अक्सर मंज़िल तक ले जाती हैं।
189
ज़िंदगी के इत्तेफाक,
कभी दर्द तो कभी सुकून देते हैं।
190
इत्तेफाक में छुपा होता है,
किस्मत का असली राज़।
191
हर दिन एक नया इत्तेफाक है,
जो कुछ नया सिखाता है।
192
इत्तेफाक से जो खोया,
वो कभी सीख बन गया।
193
ज़िंदगी में कुछ भी बेवजह नहीं,
हर इत्तेफाक की वजह होती है।
194
इत्तेफाक हमें जोड़ता भी है,
और कभी तोड़ता भी है।
FAQ
इत्तेफाक से हुई मुलाकात शायरी
💔 2. इत्तेफाक से टूटा दिल शायरी
🌧️ 3. इत्तेफाक और यादें शायरी
💞 4. इत्तेफाक और अधूरी मोहब्बत
🌌 5. किस्मत vs इत्तेफाक शायरी
💫💔 इत्तेफाक से हुई मुलाकात शायरी

195
कभी सोचा भी नहीं था जो रास्ते मिलेंगे
ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत पल बनेंगे
Kabhi socha bhi nahi tha jo raaste milenge
zindagi ka sabse khoobsurat pal banenge
196
नज़रें मिली तो दिल ने इशारा समझ लिया
ये इत्तेफाक नहीं, खुदा का सहारा समझ लिया
Nazrein mili to dil ne ishara samajh liya
Ye ittefaq nahi, khuda ka sahara samajh liya
197
अजनबी थे फिर भी अपने से लगने लगे
इत्तेफाक से दिल के करीब आने लगे
Ajnabi the phir bhi apne se lagne lage
Ittefaq se dil ke kareeb aane lage
198
वो मुलाकात इत्तेफाक नहीं रह गई
मेरी हर सुबह की शुरुआत बन गई
Wo mulakat ittefaq nahi reh gayi
Meri har subah ki shuruaat ban gayi
199
न जाने कौन सा मोड़ था वो
जहाँ तुम इत्तेफाक से मिल गए थे
Na jaane kaun sa mod tha wo
Jahan tum ittefaq se mil gaye the
200
राहें अलग थीं पर दिल मिल गया
इत्तेफाक से एक सफर खिल गया
Rahein alag thi par dil mil gaya
Ittefaq se ek safar khil gaya
201
ना नाम पता था ना कोई रिश्ता
फिर भी दिल तुमसे जुड़ गया
Na naam pata tha na koi rishta
Phir bhi dil tumse jud gaya
202
इत्तेफाक से जो मुस्कान मिली
वो ज़िंदगी की पहचान बन गई
Ittefaq se jo muskaan mili
Woh zindagi ki pehchaan ban gayi
203
तेरी एक झलक इत्तेफाक थी
पर दिल की आदत बन गई
Teri ek jhalak ittefaq thi
Par dil ki aadat ban gayi
204
मुलाकात छोटी थी पर असर गहरा था
इत्तेफाक में भी कोई पहरा था
Mulakat chhoti thi par asar gehra tha
Ittefaq mein bhi koi pehra tha
205
तुम मिले तो लगा सब सही है
इत्तेफाक नहीं, ये तो नसीब की रही है
Tum mile to laga sab sahi hai
Ittefaq nahi, ye to naseeb ki rahi hai
206
वो पल बस गुजर गया था
पर दिल वहीं ठहर गया था
Wo pal bas guzar gaya tha
Par dil wahin thehar gaya tha
207
इत्तेफाक से तुम करीब आए
और हम खुद से दूर हो गए
Ittefaq se tum kareeb aaye
Aur hum khud se door ho gaye
208
एक अजनबी से मोहब्बत हो गई
इत्तेफाक से कहानी शुरू हो गई
Ek ajnabi se mohabbat ho gayi
Ittefaq se kahani shuru ho gayi
209
तुम मिले तो लगा किस्मत हँस दी
इत्तेफाक ने पूरी दुनिया बदल दी
Tum mile to laga kismat hans di
Ittefaq ne poori duniya badal di
210
ना चाहा था फिर भी मिल गए
इत्तेफाक से दिल में बस गए
Na chaha tha phir bhi mil gaye
Ittefaq se dil mein bas gaye
211
तेरी बातों में कुछ तो खास था
इत्तेफाक नहीं, कोई एहसास था
Teri baaton mein kuch to khaas tha
Ittefaq nahi, koi ehsaas tha
212
वो पहली मुलाकात याद बन गई
इत्तेफाक से पूरी कायनात बन गई
Wo pehli mulakat yaad ban gayi
Ittefaq se poori kaaynaat ban gayi
213
तुमसे मिलना इत्तेफाक था शायद
पर दिल का फैसला बन गया
Tumse milna ittefaq tha shayad
Par dil ka faisla ban gaya
214
एक अनजानी सी खुशी मिल गई
इत्तेफाक से ज़िंदगी खिल गई
Ek anjaani si khushi mil gayi
Ittefaq se zindagi khil gayi
215
वो मुलाकात बस एक इत्तेफाक थी
पर मेरी दुनिया की शुरुआत थी
Wo mulakat bas ek ittefaq thi
Par meri duniya ki shuruaat thi
💔 इत्तेफाक से टूटा दिल शायरी

216
मिलना इत्तेफाक था, बिछड़ना भी
दिल टूटना भी किस्मत में लिखा था
Milna ittefaq tha, bichhadna bhi
Dil tootna bhi kismat mein likha tha
217
वो मिला भी तो इत्तेफाक से
और छोड़ भी गया इत्तेफाक से
Wo mila bhi to ittefaq se
Aur chhod bhi gaya ittefaq se
218
दिल लगाया था इत्तेफाक समझकर
टूट गया वो भी मज़ाक समझकर
Dil lagaya tha ittefaq samajhkar
Toot gaya wo bhi mazaak samajhkar
219
ना वो अपना था ना रिश्ता था
फिर भी दिल इत्तेफाक से टूटा था
Na wo apna tha na rishta tha
Phir bhi dil ittefaq se toota tha
220
मुलाकात इत्तेफाक थी पर दर्द सच्चा था
दिल टूटने का एहसास गहरा था
Mulakat ittefaq thi par dard saccha tha
Dil tootne ka ehsaas gehra tha
221
तुम गए तो सब इत्तेफाक लगने लगा
हर खुशी अब धोखा लगने लगा
Tum gaye to sab ittefaq lagne laga
Har khushi ab dhokha lagne laga
222
दिल इत्तेफाक से जुड़ा था तुमसे
इत्तेफाक से ही टूट भी गया
Dil ittefaq se juda tha tumse
Ittefaq se hi toot bhi gaya
223
वो रिश्ता कभी समझ ही नहीं आया
बस इत्तेफाक में टूटता गया
Wo rishta kabhi samajh hi nahi aaya
Bas ittefaq mein tootta gaya
224
मोहब्बत इत्तेफाक थी या सजा
दिल अब तक समझ नहीं पाया
Mohabbat ittefaq thi ya saza
Dil ab tak samajh nahi paaya
225
तुम मिले तो इत्तेफाक लगा
तुम गए तो सब खत्म लगा
Tum mile to ittefaq laga
Tum gaye to sab khatam laga
226
ना शिकवा है ना शिकायत
बस इत्तेफाक ने दिल तोड़ दिया
Na shikwa hai na shikayat
Bas ittefaq ne dil tod diya
227
इत्तेफाक से जो मिला था
वो इत्तेफाक से ही चला गया
Ittefaq se jo mila tha
Wo ittefaq se hi chala gaya
228
दिल लगा तो इत्तेफाक लगा था
टूटा तो हकीकत बन गया
Dil laga to ittefaq laga tha
Toota to haqeeqat ban gaya
229
वो रिश्ता इत्तेफाक था शायद
जो सबसे बड़ा दर्द दे गया
Wo rishta ittefaq tha shayad
Jo sabse bada dard de gaya
230
इत्तेफाक ने सिखा दिया हमें
दिल लगाना आसान नहीं होता
Ittefaq ne sikha diya humein
Dil lagana aasaan nahi hota
🌧️ इत्तेफाक और यादें शायरी

231
तेरी यादें भी अजीब इत्तेफाक हैं
जब न चाहूँ तभी सबसे ज्यादा आती हैं
Teri yaadein bhi ajeeb ittefaq hain
Jab n chahun tabhi sabse zyada aati hain
232
वो पल इत्तेफाक बनकर रह गया
और यादों में हमेशा के लिए बस गया
Wo pal ittefaq bankar reh gaya
Aur yaadon mein hamesha ke liye bas gaya
233
यादें भी अब इत्तेफाक सी लगती हैं
कभी हँसाती हैं कभी रुलाती हैं
Yaadein bhi ab ittefaq si lagti hain
Kabhi hansati hain kabhi rulati hain
234
तेरी याद का आना इत्तेफाक नहीं
ये दिल की आदत बन चुकी है
Teri yaad ka aana ittefaq nahi
Ye dil ki aadat ban chuki hai
235
हर याद तुझसे जुड़ी इत्तेफाक है
जो दिल को हर रोज़ छू जाती है
Har yaad tujhse judi ittefaq hai
Jo dil ko har roz chhoo jaati hai
236
इत्तेफाक से याद आ जाना
अब रोज़ की कहानी बन गई है
Ittefaq se yaad aa jana
Ab roz ki kahani ban gayi hai
237
तेरी यादें इत्तेफाक नहीं रहीं
ये तो अब मेरी दुनिया बन गई
Teri yaadein ittefaq nahi rahi
Ye to ab meri duniya ban gayi
238
कभी इत्तेफाक से तू याद आ जाता है
और दिल फिर से टूट जाता है
Kabhi ittefaq se tu yaad aa jata hai
Aur dil phir se toot jata hai
239
यादों का इत्तेफाक गहरा है
हर पल तेरा ही चेहरा है
Yaadon ka ittefaq gehra hai
Har pal tera hi chehra hai
240
इत्तेफाक से जो यादें मिली थीं
अब वही जीने का सहारा हैं
Ittefaq se jo yaadein mili thi
Ab wahi jeene ka sahara hain
241
तेरी यादें इत्तेफाक बनकर आईं
और दिल को फिर से हिला गईं
Teri yaadein ittefaq bankar aayi
Aur dil ko phir se hila gayi
242
हर याद में तेरा इत्तेफाक छुपा है
जो आज भी मुझे रुला देता है
Har yaad mein tera ittefaq chhupa hai
Jo aaj bhi mujhe rula deta hai
243
इत्तेफाक से यादें बन जाती हैं
और दिल में घर कर जाती हैं
Ittefaq se yaadein ban jaati hain
Aur dil mein ghar kar jaati hain
244
तेरी याद का इत्तेफाक ऐसा है
जो कभी खत्म नहीं होता
Teri yaad ka ittefaq aisa hai
Jo kabhi khatam nahi hota
245
यादें इत्तेफाक नहीं थीं शायद
वो तो दिल का हिस्सा थीं
Yaadein ittefaq nahi thi shayad
Wo to dil ka hissa thi
246
इत्तेफाक से जो यादें मिलीं
वो आज तक साथ हैं
Ittefaq se jo yaadein mili
Wo aaj tak saath hain
247
तेरी यादों का इत्तेफाक गजब है
हर दिन ताज़ा हो जाती हैं
Teri yaadon ka ittefaq gajab hai
Har din taaza ho jaati hain
248
यादें इत्तेफाक से नहीं जातीं
ये दिल से जुड़ी रहती हैं
Yaadein ittefaq se nahi jaati
Ye dil se judi rehti hain
249
तेरी याद इत्तेफाक नहीं रही
अब मेरी आदत बन गई
Teri yaad ittefaq nahi rahi
Ab meri aadat ban gayi
250
इत्तेफाक से आई यादें भी
अब ज़िंदगी का हिस्सा हैं
Ittefaq se aayi yaadein bhi
Ab zindagi ka hissa hain
💞 इत्तेफाक और अधूरी मोहब्बत

251
मोहब्बत इत्तेफाक से शुरू हुई
और अधूरी कहानी बन गई
Mohabbat ittefaq se shuru hui
Aur adhoori kahani ban gayi
252
इत्तेफाक से जो दिल मिला था
वो अधूरा रह गया हमेशा
Ittefaq se jo dil mila tha
Wo adhoora reh gaya hamesha
253
ना हम पूरे हुए ना वो
इत्तेफाक में मोहब्बत अधूरी रही
Na hum poore hue na wo
Ittefaq mein mohabbat adhoori rahi
254
मिलना इत्तेफाक था शायद
पर साथ किस्मत में नहीं था
Milna ittefaq tha shayad
Par saath kismat mein nahi tha
255
इत्तेफाक से शुरू हुई कहानी
अधूरी ही रह गई
Ittefaq se shuru hui kahani
Adhoori hi reh gayi
256
मोहब्बत इत्तेफाक थी या सपना
जो पूरा कभी नहीं हुआ
Mohabbat ittefaq thi ya sapna
Jo poora kabhi nahi hua
257
दिल इत्तेफाक से जुड़ा था
और अधूरा रह गया
Dil ittefaq se juda tha
Aur adhoora reh gaya
258
वो रिश्ता इत्तेफाक था
जो कभी पूरा नहीं हुआ
Wo rishta ittefaq tha
Jo kabhi poora nahi hua
259
अधूरी मोहब्बत का दर्द
इत्तेफाक से गहरा था
Adhoori mohabbat ka dard
Ittefaq se gehra tha
260
इत्तेफाक से मिले थे हम
पर साथ अधूरा रह गया
Ittefaq se mile the hum
Par saath adhoora reh gaya
261
मोहब्बत शुरू इत्तेफाक से हुई
पर खत्म तक नहीं पहुंची
Mohabbat shuru ittefaq se hui
Par khatam tak nahi pahunchi
262
दिल मिला तो इत्तेफाक लगा
पर अधूरा रह गया सब कुछ
Dil mila to ittefaq laga
Par adhoora reh gaya sab kuch
263
ना तेरा हुआ ना मेरा
इत्तेफाक में अधूरापन रह गया
Na tera hua na mera
Ittefaq mein adhoorapan reh gaya
264
इत्तेफाक से जो मिला था
वो अधूरा ही चला गया
Ittefaq se jo mila tha
Wo adhoora hi chala gaya
265
मोहब्बत इत्तेफाक थी शायद
जो कभी पूरी नहीं हुई
Mohabbat ittefaq thi shayad
Jo kabhi poori nahi hui
266
अधूरी मोहब्बत का दर्द
इत्तेफाक से जुड़ा है
Adhoori mohabbat ka dard
Ittefaq se juda hai
267
तुम मिले भी इत्तेफाक से
और खो भी इत्तेफाक से
Tum mile bhi ittefaq se
Aur kho bhi ittefaq se
268
मोहब्बत अधूरी रह गई
इत्तेफाक की गलती नहीं थी
Mohabbat adhoori reh gayi
Ittefaq ki galti nahi thi
269
दिल इत्तेफाक से टूटा था
और अधूरा रह गया
Dil ittefaq se toota tha
Aur adhoora reh gaya
270
इत्तेफाक से शुरू हुआ प्यार
अधूरी याद बन गया
Ittefaq se shuru hua pyar
Adhoori yaad ban gaya
🌌 किस्मत vs इत्तेफाक शायरी

271
ये मोहबत्त किस्मत थी या इत्तेफाक
समझ आज तक नहीं आया
Ye kismat thi ya ittefaq
Samajh aaj tak nahi aaya
272
कभी लगता किस्मत थी
कभी इत्तेफाक लगता है
Kabhi lagta kismat thi
Kabhi ittefaq lagta hai
273
जो मिला वो इत्तेफाक था
या किस्मत का खेल था
Jo mila wo ittefaq tha
Ya kismat ka khel tha
274
किस्मत और इत्तेफाक के बीच
दिल हमेशा उलझा रहा
Kismat aur ittefaq ke beech
Dil hamesha uljha raha
275
इत्तेफाक से मिले थे हम
या किस्मत ने मिलाया था
Ittefaq se mile the hum
Ya kismat ne milaya tha
276
हर मुलाकात सवाल छोड़ गई
किस्मत या इत्तेफाक था
Har mulakat sawal chhod gayi
Kismat ya ittefaq tha
277
कभी इत्तेफाक लगता है
कभी किस्मत हँसती है
Kabhi ittefaq lagta hai
Kabhi kismat hansti hai
278
दिल समझ नहीं पाया कभी
किस्मत बड़ी थी या इत्तेफाक
Dil samajh nahi paaya kabhi
Kismat badi thi ya ittefaq
279
जो मिला इत्तेफाक था
या किस्मत का इशारा था
Jo mila ittefaq tha
Ya kismat ka ishaara tha
280
किस्मत ने खेल खेला था
या इत्तेफाक ने मिलाया था
Kismat ne khel khela tha
Ya ittefaq ne milaya tha
281
हर रिश्ता इत्तेफाक लगता है
या किस्मत की कहानी
Har rishta ittefaq lagta hai
Ya kismat ki kahani
282
कभी किस्मत जीत जाती है
कभी इत्तेफाक बदल जाता है
Kabhi kismat jeet jaati hai
Kabhi ittefaq badal jaata hai
283
मिलना इत्तेफाक था शायद
पर किस्मत का हिस्सा भी था
Milna ittefaq tha shayad
Par kismat ka hissa bhi tha
284
किस्मत और इत्तेफाक दोनों
दिल को उलझा देते हैं
Kismat aur ittefaq dono
Dil ko uljha dete hain
285
जो मिला वो समझ नहीं आया
किस्मत थी या इत्तेफाक
Jo mila wo samajh nahi aaya
Kismat thi ya ittefaq
286
हर कहानी में सवाल है
किस्मत या इत्तेफाक का
Har kahani mein sawal hai
Kismat ya ittefaq ka
287
दिल कहता इत्तेफाक था
दिमाग कहता किस्मत थी
Dil kehta ittefaq tha
Dimaag kehta kismat thi
288
जो भी था खूबसूरत था
किस्मत या इत्तेफाक
Jo bhi tha khoobsurat tha
Kismat ya ittefaq
289
मिलना भी इत्तेफाक था
और खोना भी किस्मत थी
Milna bhi ittefaq tha
Aur khona bhi kismat thi
290
किस्मत और इत्तेफाक की लड़ाई में
दिल हमेशा हार गया
Kismat aur ittefaq ki ladai mein
Dil hamesha haar gaya
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