"राष्ट्रीय प्रेस दिवस की अहमिय
"प्रेस की स्वतंत्रता: लोकतंत्र का आधार"
सच की आवाज़ को सलाम!
जहाँ प्रेस स्वतंत्र है,
वहीं समाज मज़बूत है।
सच बोलना आसान नहीं…
पर ज़रूरी है।
पत्रकार वो नहीं जो ख़बर लिखे… वो है जो सच्चाई जगाए।
प्रेस डरती नहीं—
सच दिखाती है।
प्रेस डरती नहीं—
सच दिखाती है।
हर ख़बर के पीछे
एक जिम्मेदारी होती है।
“सत्ता को आईना दिखाना”
यही है असली पत्रकारिता।
“सत्ता को आईना दिखाना”
यही है असली पत्रकारिता।
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नहीं—
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