National Pollution Control Day
हवा ज़हरीली क्यों?
प्रकृति दर्द में है…
और हम चुप हैं।
प्रदूषण अब समस्या नहीं,
खतरा है।
हवा में ज़हर,
हमारी ही देन है।
हर सांस में धुआँ,
दोष सिर्फ मौसम का नहीं।
धरती का बोझ
अब असहनीय हो चुका है।
जनसंख्या बढ़ती गई,
प्रकृति सिकुड़ती गई।
नदियाँ गंदी हमने कीं,
फिर बोले—पानी क्यों खराब?
पेड़ काटकर पूछा—
“गर्मी इतनी क्यों?”
यह विनाश प्राकृतिक नहीं,
मानव-निर्मित है।
हर शहर धुएँ में डूबा,
पर हम अनजान।
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Delhi—दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में।
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