🙏 गुरु तेग बहादुर जी को नमन

धर्म, सत्य और बलिदान के प्रतीक वे थे

1621 में जन्म अमृतसर की पावन भूमि पर

नाम रखा गया — गुरु तेग बहादुर

Fill in some text

“तेग” यानी तलवार, “बहादुर” यानी शूरवीर

बचपन से ही धर्म रक्षा का संस्कार पाया

सत्य के मार्ग पर कभी समझौता नहीं किया

उनकी वाणी में करुणा और शौर्य एक साथ

वे गुरु हरगोबिंद साहिब जी के पुत्र थे

अन्याय के खिलाफ निडर होकर खड़े रहे

अन्याय के खिलाफ निडर होकर खड़े रहे

उन्होंने सिख धर्म की मर्यादा को ऊँचा किया