Bejubaan Jaanavaron Kee Cheekh|बेज़ुबानों की चीखें और इंसान की चुप्पी

Bejubaan Jaanavaron Kee Cheekh|बेज़ुबानों की चीखें और इंसान की चुप्पी

Bejubaan Jaanavaron Kee Cheekh|बेज़ुबानों की चीखें और इंसान की चुप्पी-दोस्तों  यूँ  तो हम  खुद को  इंसान  कहते  हैं,लेकिन सबसे ज़्यादा हिंसा भी हमने ही की है।भोजन, भोग-विलास और परंपरा के नाम पर बेज़ुबान जानवरों पर रोज़ अपराध हो रहे हैं।यह पोस्ट शायरी नहीं, सच्चाई है —एक ऐसा सच जो इंसान को उसकी असली शक्ल दिखाता … Read more