New Desh Bhakti Shayari|सुविचार और प्रेरक संदेश देश प्रेम ही सच्चा प्रेम है-देश प्रेम यानी अपनी जन्म भूमि से प्रेम को शब्दों में ब्यान नहीं किया जा सकता। कौन है जिसका दिल अपने देश के प्यार में न धड़कता हो या यूँ कहें की अपने देश के प्रति सर श्रद्धा से न झुकता हो , देश से प्रेम सर्वोपरि है, आज देश के प्रति प्रेम पर में, अपनी लिखित कुछदेश भक्ति शायरी और , महान देश भक्तों के उच्च विचार लाइ हूँ महापुरुषों ने देश के प्रति उच्च विचारों जिया है ,इसलिए उनके विचारों को हमें आत्मसात करना चाहिए ,
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कवि गया प्रसाद शुक्ल ‘सनेही की पंक्तियाँ, –
जो भरा नहीं है भावों से,
बहती जिसमें रस-धार नहीं।
वह हृदय नहीं है पत्थर है,
जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं -कवि गया प्रसाद शुक् ‘सनेही
1-
देश हमारा जग से न्यारा,
मुझको अपनी जान से प्यारा
आओ देश को मिलकर सवारें,
देश पर अपना तन मन वारें||
2-
“ए वतन तेरे चरणों में
जन्मों जन्म जान लुटाते रहें
खुसियाँ हर पल मुसकाएं
खेत हमेशा लहराते रहें”
3-
” हे ❕ जननी जन्म भूमि
तेरे सपूत तुझ पर जो मिट गए
कुछ का नाम तो याद हमें है
कुछ तेरे कदमों मे गुप्त दान कर गए “
4-
“अडिग रहो तुम देश के हित में
जैसे गिरिराज सा ताज है
देश के रखवालों तुम पर
भारत माँ को नाज है ”
5-
“हिन्दुस्तान की माटी बीरों की थाती है
जाने इस देश के लिए कितने बीरों ने
जान की बाजी लगा दी है”
6-
“जैसे हवा से खुशबूदिशा दिशा
महकाती है
एसे मेरे वतन की माटी
शांति एकता का पैगाम फैलाती है”
7-
“जय हे ! जन्म भूमि करू अभिनंदन
तन मन तुझपर न्यौछायावर
जब जब तेरी माटी पुकारे करू
तुझपर तन मन धन न्यौछायावर”
8-
“एक हैं हम सब एक
हमारा संबिधान है
भाषा धर्म क्षेत्र में मत बाटो
एक हमारा हिन्दोस्तां है”
9-
“मानवता हो धर्म हमारा सेवा ही हो कर्म
एसा एक इतिहास रचें मिट जाए सब मर्म
अन्याय के आगे कभी तुम मत झुकना
न्याय के पथिक तुम कभी न रुकना”
10-
“देश की मिटटी कहे पुकार
अगर तुमको है देश से प्यार
कर्तब्य तुम्हारा कर पुकार
देश हित के पथ पर चल के देस लो सवांर “
11-
“कर चलें कुछ एसा देश सफल बने अपना
ज्ञान विज्ञान में देश सबसे प्रथम हो अपना
देश पर मर मिटने गए जो शहीद
पूरा हो जाए उनका सपना”
12-
“देश की खातिर जो मिटते हैं
सदा अजर अमर होते हैं
काम आए जो जिन्दगी देश हित में
उसी को जिन्दगी कहते हैं “
13-
देश से हम प्यार करते हैं
जिंदगी अपनी देश पे निसार करते हैं
मिट जाएंगे मर जाएंगे देश की लिए
देश से बढ़कर कुछ नहीं हमारे लिए
desh bhakti shayari 2 line
14-
वक़्त आने पर मेरे वतन दुनियां को दिखा देंगे
क्या होती है देश भक्ति शीस चढ़ा क्र बता देंगे

15-
मात्र भूमि की खातिर देश भक्तों की कुर्बानी मत भूलो
देश से बढ़कर कुछ और नहीं शहीदों से सीख लो
16-
अगर जिंदगी देश की सेवा में काम न आए
क्या मोल इस जीवनं का तुम जीवन क्या खाक जिए ??
17-
पूरब पशिचम उत्तर दक्षिण भारत के हर कोने से
बस एक ही गूंज उठे जय हिंद के नारों से
18-
मिटा सकता है भला कौन इस देश की शान
इसके खातिर हर पल रखते हैं हम हतेली पर जान

19-
इस देश की पावन भूमि को हम बार बार प्रणाम करें
आओ इसके खातिर जिए और मरें
20-
इस लहराते तिरंगे के आदि से अंत तक लहराने की आरजू है
इस देश की माटी मे जन्म लेने और फ़ना होने की जुस्तजू है
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21-
जय जन्म भूमि करू अभिनंदन तन मन तुझपर न्यौछायावर
जब जब तेरी माटी पुकारे करू तन मन धन न्यौछायावर
22-
छोरी ✔✔हम तेरे दीवाने नां हैं ✔✔
हम जिसके दीवाने हैं वो मेरी भारत माँ है

23-
इस दिल में मेरा देश बस्ता है
किसी फालतू बातों के लिए वक़्त कहाँ है ?
24-
तिरंगा से बढ़कर कोई रंग नही हमको प्यारा
अपना प्यारा तिरंगा सारे जहाँ से न्यारा
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25-
उन्हें यह फ़िक्र है हरदम, नयी तर्ज़-ए-ज़फ़ा क्या है?
हमें यह शौक है देखें, सितम की इन्तहा क्या है?

26-
दहर से क्यों ख़फ़ा रहें, चर्ख का क्या ग़िला करें।
सारा जहाँ अदू सही, आओ! मुक़ाबला करें॥
27-
मेरा रँग दे बसन्ती चोला, मेरा रँग दे।
मेरा रँग दे बसन्ती चोला। माय रँग दे बसन्ती चोला॥ भगत सिहं ||
28-
वतन पर मिटने वालों का तुम कर्ज चूका सकते नही
देश के रखवाले भगतसिह को हम भुला सकते नही

29-
अपने तो यही असली हीरो हैं
इनके आगे सब जीरो हैं

30-
बनाना है जीवन का आदर्श तो इनको बनाओ
देश प्रेम क्या होता है इनके जीवन से सीखो
31-
कौन कहता है कि बड़ा करने को
जिन्दगी बड़ी होनी चाहिए
अपने वीर भगतसिह जी से सीखो
23 की उम्र में देश पर फना हो गए

32-
सिहों में जो सिहं है
वो अपने प्यारे भगत सिहं हैं🙏🙏🌹🌹
33
ए मेरी कलम तू बीर भगत सिहं का
गुण गान कहाँ कर पाएगी ???
उनकी महानता लिखने को
वो लफ्ज कहाँ से लाएगी ???
देश भक्तों के सुविचार
34-
“तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा” || सुभाष चन्द्र बोस ||

35-
ये हमारा कर्तब्य है किहम अपनी स्वतन्त्रता का मोल अपने खून से चुकाएं हमें अपने बलिदान और परिश्रम से जो आजादी मिले
हमारे अंदर उसकी रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए|| सुभाष चन्द्र बोस ||
35-
. “स्वतंत्रता दी नहीं जाती, ली जाती है।”| सुभाष चन्द्र बोस ||

३६-
“मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक चोट ब्रिटिश साम्राज्य के क़फन की कील बनेगी।” लाला लाजपतराय

37-
‘राजनीतिक प्रभुत्व आर्थिक शोषण की ओर ले जाता है। आर्थिक शोषण पीड़ा, बीमारी और गंदगी की ओर ले जाता है और ये चीजें धरती के विनीततम लोगों को सक्रिय या निष्क्रिय बगावत की ओर धकेलती हैं और जनता में आज़ादी की चाह पैदा करती हैं।
38-
मैं आज़ाद था, हूँ और रहूँगा ये फिरंगी मुझे मरने के बाद ही मुझे छू पाएंगे “

39-
“तुम्हारा नाम क्या है?”
“मेरा नाम आज़ाद है।”
“तुम्हारे पिता का क्या नाम है?”
“मेरे पिता का नाम स्वाधीन है।”
“तुम्हारा घर कहाँ पर है?”
“मेरा घर जेलखाना है।”

४०-
‘मैं ब्रिटिश साम्राज्य का नाश चाहता हूँ’ || रामप्रसाद बिस्मिल||

41
मालिक तेरी रजा रहे और तू ही तू रहे।
बाकी न मैं रहूँ न मेरी आरजू रहे।।
जब तक कि तन में जान रगों में लहू रहे।
तेरा ही ज़िक्र या तेरी ही जुस्तजू रहे।। || रामप्रसाद बिस्मिल||

42-
“शक्ति के अभाव में विश्वास व्यर्थ है। विश्वास और शक्ति, दोनों किसी महान काम को करने के लिए आवश्यक हैं।”||सरदार वल्लभ भाई पटेल||

43-
“ऐसे बच्चे जो मुझे अपना साथ दे सकते हैं, उनके साथ अक्सर मैं हंसी-मजाक करता हूँ। जब तक एक इंसान अपने अन्दर के बच्चे को बचाए रख सकता है तभी तक जीवन उस अंधकारमयी छाया से दूर रह सकता है जो इंसान के माथे पर चिंता की रेखाएं छोड़ जाती है।”||सरदार वल्लभ भाई पटेल||
44-
“यहाँ तक कि यदि हम हज़ारों की दौलत गवां दें, और हमारा जीवन बलिदान हो जाए, हमें मुस्कुराते रहना चाहिए और ईश्वर एवं सत्य में विश्वास रखकर प्रसन्न रहना चाहिए।”||सरदार वल्लभ भाई पटेल||
45-
“मनुष्य को ठंडा रहना चाहिए, क्रोध नहीं करना चाहिए। लोहा भले ही गर्म हो जाए, हथौड़े को तो ठंडा ही रहना चाहिए अन्यथा वह स्वयं अपना हत्था जला डालेगा। कोई भी राज्य प्रजा पर कितना ही गर्म क्यों न हो जाये, अंत में तो उसे ठंडा होना ही पड़ेगा।”||सरदार वल्लभ भाई पटेल||
46-
“इस मिट्टी में कुछ अनूठा है, जो कई बाधाओं के बावजूद हमेशा महान आत्माओं का निवास रहा है।”|सरदार वल्लभ भाई पटेल||

47-
“स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर ही रहूंगा!”|| बाल गंगाधर तिलक ||

48-
“ईश्वर कठिन परिश्रम करने वालों के लिए ही अवतार लेते है ना की आलसी व्यक्तियों के लिए, इस लिए कार्य करना आरंभ करें।”|| बाल गंगाधर तिलक ||
49-
. “आप केवल कर्म करते जाइए, उसके नतीजों पर लक्ष्य मत दीजिये।”|| बाल गंगाधर तिलक ||
50
. “जीवन एक ताश के खेल की तरह है, सही पत्तों का चयन हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन ताश के पत्तों के साथ अच्छा खेलना हमारी सफलता को निर्धारित करता है।”|| बाल गंगाधर तिलक ||
51-
“जो लोग शासन करते हैं, उन्हें यह देखना चाहिए कि लोग प्रशासन के प्रति कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। अंततः, लोग अंतिम मध्यस्थ हैं.” || लाल बहादुर शास्त्री||

52-
जो शाशन करते हैं उन्हें देखना चाहिए कि लोग प्रशाशन पर किस तरह प्रतिक्रिया करते हैं। अंततः, जनता ही मुखिया होती है।| लाल बहादुर शास्त्री||
53-
हम सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि समस्त विश्व के लिए शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते हैं।।| लाल बहादुर शास्त्री||
54-
यदि मैं एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग-अलग होते। मैं धर्म के लिए जान तक दे दूंगा। लेकिन यह मेरा नीजी मामला है। राज्य का इससे कुछ लेना देना नहीं है। राष्ट्र धर्मनिरपेक्ष कल्याण, स्वास्थ्य, संचार, विदेशी संबंधो, मुद्रा इत्यादि का ध्यान रखेगा, लेकिन मेरे या आपके धर्म का नहीं। वो सबका निजी मामला है।
55-
देश पर मिटना और देश ]के लिए मरजाना
देश के दीवानों से सीखो देश भक्ति का होना
56. Desh Bhakti Shayari 2 Line
56
देश के लिए जान भी कुर्बान कर देंगे,
हम हर वक़्त तिरंगे को सम्मान देंगे।
Desh ke liye jaan bhi kurbaan kar denge,
Hum har waqt tirange ko samman denge.
57
खून बहाने का हौसला हम रखते हैं,
अपने देश के लिए जीने का तरीका हम रखते हैं।
Khoon bahaane ka hausla hum rakhte hain,
Apne desh ke liye jeene ka tareeka hum rakhte hain.
58
वो खून के छींटे, जो तिरंगे पे थे,
उनका जज़्बा आज भी हर दिल में है।
Woh khoon ke chheente, jo tirange pe the,
Unka jazba aaj bhi har dil mein hai.
59
धड़कन में हमारे भारत की शान बसी है,
रग-रग में हमारे देशभक्ति की जान बसी है।
Dhadkan mein humare Bharat ki shaan basi hai,
Rag-rag mein humare deshbhakti ki jaan basi hai.
60
माँ की ममता, देश का प्रेम हमें प्यारा है,
हर शहादत पर हमारा देश और भी प्यारा है।
Maa ki mamta, desh ka prem humein pyaara hai,
Har shahadat par hamara desh aur bhi pyaara hai.
61
राष्ट्र के लिए जो बलिदान दे जाता है,
उसका नाम हर दिल में अमर हो जाता है।
Rashtra ke liye jo balidaan de jaata hai,
Uska naam har dil mein amar ho jaata hai.
62
देश का रुख अगर कोई बिगाड़े,
हम उसकी ज़ुबान को काट देंगे।
Desh ka rukh agar koi bigaade,
Hum uski zubaan ko kaat denge.
63
वतन के लिए अपना जीवन समर्पित करेंगे,
हम हर कीमत पर देश को सम्मान देंगे।
Vatan ke liye apna jeevan samarpit karenge,
Hum har keemat par desh ko samman denge.
64
देश के लिए सबसे बड़ा बलिदान होता है,
अपने देश को छोड़कर और कुछ भी नहीं होता है।
Desh ke liye sabse bada balidaan hota hai,
Apne desh ko chhodkar aur kuch bhi nahi hota hai.
65
हमारी क़ुर्बानी से ही ये देश आगे बढ़ेगा,
हमारा हर खून इसी ज़मीन पर बह रहा है।
Hamari qurbani se hi yeh desh aage badhega,
Hamara har khoon is zameen par beh raha hai.
57. दिल को छू जाने वाली देशभक्ति शायरी
66
हम जो कहते हैं वो करके दिखाते हैं,
देशभक्ति के जज्बे को हम सच्चा बनाते हैं।
Hum jo kehte hain wo karke dikhate hain,
Deshbhakti ke jazbe ko hum sachcha banaate hain.
67
हमारा खून, हमारी मिट्टी का हिस्सा है,
हमारी आवाज़ में देश का जज़्बा है।
Hamara khoon, hamari mitti ka hissa hai,
Hamari awaaz mein desh ka jazba hai.
68
माँ के गर्भ से लेकर तिरंगे तक,
हमारी पूरी ज़िन्दगी सिर्फ देश के नाम है।
Maa ke garbh se lekar tirange tak,
Hamari poori zindagi sirf desh ke naam hai.
69
वो हर रात की नींद में, जो तिरंगा लहराता है,
वो हर दिन की शायरी हमारे दिल में गूंजता है।
Woh har raat ki neend mein, jo tiranga lehraata hai,
Woh har din ki shayari hamare dil mein goonjta hai.
70
कभी झुकते नहीं, कभी डरते नहीं,
हम देश के लिए हर वक्त लड़ते रहते हैं।
Kabhi jhukte nahi, kabhi darte nahi,
Hum desh ke liye har waqt ladte rehte hain.
71
धरती से लेकर आसमान तक,
हर जगह हमें देश का आशीर्वाद मिलता है।
Dharti se lekar aasmaan tak,
Har jagah humein desh ka aashirvaad milta hai.
72
देशभक्ति की शेरों जैसी ताकत होती है,
हमारी आवाज़ में हमेशा वही शब्द होती है।
Deshbhakti ki sheron jaisi taqat hoti hai,
Hamari awaaz mein hamesha wahi shabd hoti hai.
73
हमेशा देश के लिए आवाज उठाते हैं,
हमारे दिल में सिर्फ देशभक्ति के ख्वाब पलते हैं।
Hamesha desh ke liye awaaz uthate hain,
Hamare dil mein sirf deshbhakti ke khwaab palte hain.
74
रखते हैं दिल में हम एक भारतीय का सपना,
जिसमें केवल देश के विकास का रास्ता।
Rakhte hain dil mein hum ek Bhartiya ka sapna,
Jismein keval desh ke vikas ka rasta.
58. Army Desh Bhakti Shayari
75
हमारी सेना देश के लिए सबसे बड़ी ताकत है,
हर सैनिक में देशभक्ति का जज़्बा सबसे अलग है।
Hamari sena desh ke liye sabse badi taqat hai,
Har sainik mein deshbhakti ka jazba sabse alag hai.
76
सैनिक हमारे लिए एक प्रेरणा है,
देश की सुरक्षा में उनकी ताकत है।
Sainik hamare liye ek prerna hai,
Desh ki suraksha mein unki taqat hai.
77
सैन्य की शक्ति से डरते हैं दुश्मन,
हमारी सेना हर बार जीतती है।
Sainya ki shakti se darte hain dushman,
Hamari sena har baar jeetati hai.
78
फौलादी सिपाही हैं, जो देश के लिए मरते हैं,
हमेशा सिर झुकाकर देश को सलाम करते हैं।
Faulaadi sipahi hain, jo desh ke liye marte hain,
Hamesha sir jhukakar desh ko salaam karte hain.
79
भारत की सेना सबसे सशक्त है,
उनकी वीरता और शौर्य से हम सभी को प्रेरणा मिलती है।
Bharat ki sena sabse sashakt hai,
Unki veerta aur shaurya se hum sabhi ko prerna milti hai.
80
हमारी सेना सिर्फ दुश्मनों से नहीं डरती,
वो हमेशा अपने देश के लिए लड़ेगी।
Hamari sena sirf dushmanon se nahi darte,
Woh hamesha apne desh ke liye ladenge.
81
सैनिकों की मेहनत और बलिदान से देश की धरती पवित्र होती है,
उनकी जान की कीमत से ज्यादा कुछ नहीं होता है।
Sainiko ki mehnat aur balidan se desh ki dharti pavitra hoti hai,
Unki jaan ki keemat se zyada kuch nahi hota hai.
82
हमारी सेना में जो ताकत है,
उससे हर दिल में देशभक्ति का जुनून है।
Hamari sena mein jo taqat hai,
Usse har dil mein deshbhakti ka junoon hai.
83
सैनिकों का हौंसला हमारे दिलों में बसता है,
वो हमें हर रोज़ प्रेरित करते हैं, संघर्ष के रास्ते पर।
Sainiko ka hausla hamare dilon mein basta hai,
Woh humein har roz prerit karte hain, sangharsh ke raste par.
59. Motivational Desh Bhakti Shayari
84
सपने बड़े देखो, लक्ष्य ऊंचा रखो,
देश की सेवा में खुद को समर्पित करो।
Sapne bade dekho, lakshya ooncha rakho,
Desh ki seva mein khud ko samarpit karo.
85
अगर तुम्हारे मन में साहस है, तो तुम्हारे कदम कभी नहीं रुकेंगे,
देशभक्ति की राह पर तुम्हें हर रुकावट पार करनी पड़ेगी।
Agar tumhare mann mein saahas hai, to tumhare kadam kabhi nahi rukenge,
Deshbhakti ki raah par tumhe har rukavat paar karni padegi.
86
अगर तुम हार से डरते हो, तो कभी जीत नहीं सकते,
देश के लिए हर दर्द को मुस्कुरा कर सहना होता है।
Agar tum haar se darte ho, to kabhi jeet nahi sakte,
Desh ke liye har dard ko muskara kar sehna hota hai.
87
हमेशा अपने दिल की सुनो और देश की सेवा करो,
रास्ता कठिन होगा, लेकिन सफल होने का रास्ता यही है।
Hamesha apne dil ki suno aur desh ki seva karo,
Raasta kathin hoga, lekin safal hone ka raasta yehi hai.
88
जिसे डर नहीं, वही सच्चा देशभक्त है,
उसका हौसला हर मुश्किल को पार करता है।
Jise dar nahi, wahi sachcha deshbhakt hai,
Uska hausla har mushkil ko paar karta hai.
89
देशभक्ति केवल शब्दों से नहीं,
बल्कि एक जुनून और कर्म से होती है।
Deshbhakti keval shabdon se nahi,
Balki ek junoon aur karm se hoti hai.
90
आओ, सब मिलकर देश के लिए काम करें,
हमें अपने राष्ट्र के विकास में योगदान देना है।
Aao, sab milkar desh ke liye kaam karein,
Humein apne rashtra ke vikas mein yogdan dena hai.
91
अपने कर्मों से देश की सेवा करो,
हमेशा देश के प्रति सच्चे और ईमानदार रहो।
Apne karmon se desh ki seva karo,
Hamesha desh ke prati sachche aur imaandaar raho.
92
अगर एक देशभक्त का दिल नफरत से दूर हो,
तो वह देश हर मुश्किल से जूझ कर जीत सकता है।
Agar ek deshbhakt ka dil nafrat se door ho,
To woh desh har mushkil se joojh kar jeet sakta hai.
93
हमारा वतन, हमारी शान है,
उसकी रक्षा करना हमारा काम है।
Hamara watan, hamari shaan hai,
Uski raksha karna hamara kaam hai.
60. Desh Bhakti Shayari 4 Line
94
हमारी शहादत से देश का फर्ज पूरा हुआ,
हर खून की बूंद से यह धरती सवर गई,
हमारी मिट्टी ने नई राह दिखाई,
हमारी शहादत ने इसे स्वराज में बदला।
Hamari shahadat se desh ka farz poora hua,
Har khoon ki boond se yeh dharti suwar gayi,
Hamari mitti ne nai raah dikhayi,
Hamari shahadat ne ise swaraj mein badla.
95
खुद से बढ़कर देश की बात है,
उसकी सलामती में ही हमारी जात है,
हमसे हमारी जान लीजिये,
लेकिन देश की शान को हम छोड़ेंगे नहीं।
Khud se badhkar desh ki baat hai,
Uski salaamti mein hi hamari jaat hai,
Humse hamari jaan leejiyega,
Lekin desh ki shaan ko hum chhodenge nahi.
96
भारत माँ की शहादत को हर कोई सलाम करे,
जो हमारे लिए अपने प्राणों की आहुति दे,
उनके बलिदान के लिए हमारे दिल हमेशा ताज होंगे,
हमारी देशभक्ति में हमेशा वही जोश होगा।
Bharat maa ki shahadat ko har koi salaam kare,
Jo humare liye apne pranon ki aahuti de,
Unke balidan ke liye hamare dil hamesha taaz honge,
Hamari deshbhakti mein hamesha wohi josh hoga.
97
हमारी ताकत हमारे दिलों में बसी है,
हमारे मन में यह देशभक्ति की भावना है,
हमारे कदमों में इतिहास लिखा है,
हमारा प्यार हमारे राष्ट्र के लिए अनमोल है।
Hamari taqat hamare dilon mein basi hai,
Hamare mann mein yeh deshbhakti ki bhavana hai,
Hamare kadmon mein itihaas likha hai,
Hamara pyaar hamare rashtra ke liye anmol hai.
98
हर कदम पर हमारी आज़ादी का नाम है,
हमारे जीवन की दिशा अब देश के नाम है,
हमेशा फहराएगा तिरंगा हमारा,
हमारी आत्मा में हमेशा सिर्फ देश का ही काम है।
Har kadam par hamari azaadi ka naam hai,
Hamare jeevan ki disha ab desh ke naam hai,
Hamesha pharaayega tiranga hamara,
Hamari aatma mein hamesha sirf desh ka hi kaam hai.
99
सच्चे देशभक्त कभी हारते नहीं हैं,
उनकी उम्मीद और हौसला कभी टूटता नहीं है,
जो चाहे वो रास्ता बनाते हैं,
अपने खून से इस धरा को संवारते हैं।
Sachche deshbhakt kabhi haarte nahi hain,
Unki ummid aur hausla kabhi toot’ta nahi hai,
Jo chahe woh raasta banate hain,
Apne khoon se is dhara ko sanwaarte hain.
100
देश के प्रति हमारा फर्ज कभी खत्म नहीं होता,
हमेशा अपनी मातृभूमि के लिए काम करना है,
वो नहीं समझ सकते हमारे जज़्बे को,
हमेशा अपने राष्ट्र को सर्वोच्च मानना है।
Desh ke prati hamara farz kabhi khatam nahi hota,
Hamesha apni maatri bhoomi ke liye kaam karna hai,
Woh nahi samajh sakte hamare jazbe ko,
Hamesha apne rashtra ko sarvottam maanana hai.
Desh Bhakti Shayari PDF in Hindi
101
देशभक्ति का रंग है हर दिल में बसा,
हमेशा इसका जज़्बा साथ चलता है।
Deshbhakti ka rang hai har dil mein basa,
Hamesha iska jazba saath chalta hai.
102
माँ के चरणों में बसी है यह धरती,
इसकी खुशहाली में बसी है हमारी समृद्धि।
Maa ke charno mein basi hai yeh dharti,
Iski khushhaali mein basi hai humari samruddhi.
103
तेरा मेरा जो रिश्ता है, वो देश से जुड़ा है,
आज़ादी के लिए जो बलिदान था, वो कभी भूला नहीं है।
Tera mera jo rishta hai, wo desh se juda hai,
Azadi ke liye jo balidaan tha, wo kabhi bhoola nahi hai.
104
जब तक एक सशक्त राष्ट्र का सपना नहीं हो,
तब तक हम सच्ची देशभक्ति को समझ नहीं सकते।
Jab tak ek sashakt rashtra ka sapna nahi ho,
Tab tak hum sachchi deshbhakti ko samajh nahi sakte.
105
हमारी शहादत से देश को गौरव मिल रहा है,
हर बार तिरंगा लहराते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं।
Hamari shahadat se desh ko gaurav mil raha hai,
Har baar tiranga lehrate hue hum aage badh rahe hain.
106
मातृभूमि के लिए जान की बाज़ी लगा देते हैं,
हम हर मुश्किल में देश का साथ निभाते हैं।
Matrbhoomi ke liye jaan ki baazi laga dete hain,
Hum har mushkil mein desh ka saath nibhaate hain.
107
देश के लिए कोई भी बलिदान छोटा नहीं होता,
हर शहीद के योगदान से यह देश बढ़ता ही जाता है।
Desh ke liye koi bhi balidan chhota nahi hota,
Har shaheed ke yogdan se yeh desh badhta hi jaata hai.
108
तिरंगे की शान में जान भी कुर्बान है,
हम हर पल अपने देश के लिए तैयार हैं।
Tirange ki shaan mein jaan bhi kurbaan hai,
Hum har pal apne desh ke liye tayar hain.
109
हर कदम पर हमारी आज़ादी का शौर्य है,
हमारी हर धड़कन में देश का गौरव है।
Har kadam par hamari azaadi ka shaurya hai,
Hamari har dhadkan mein desh ka gaurav hai.
110
देश के प्रति हमारा प्यार हर दिन बढ़ता है,
हमारे सपने देश की तरक्की से जुड़ते हैं।
Desh ke prati hamara pyaar har din badhta hai,
Hamare sapne desh ki tarakki se judte hain.
देश भक्ति शायरी दो लाइन Attitude
111
हमारी धड़कन में बसी है सिर्फ तिरंगे की शान,
देश के लिए जीते हैं, और मरते हैं देश के लिए जान।
Hamari dhadkan mein basi hai sirf tirange ki shaan,
Desh ke liye jeete hain, aur marte hain desh ke liye jaan.
112
देश से बढ़कर कुछ भी नहीं, यही हमारा नारा है,
हमेशा देशभक्ति का सच्चा जज़्बा हमारी तक़दीर है।
Desh se badhkar kuch bhi nahi, yahi hamara naara hai,
Hamesha deshbhakti ka sachcha jazba hamari taqdeer hai.
113
कभी डरते नहीं, कभी हारते नहीं,
हमारे हौसले की आवाज़ से ही तिरंगा फहरता है।
Kabhi darte nahi, kabhi haarte nahi,
Hamare hausle ki awaaz se hi tiranga pherta hai.
114
हमारे पास सिर्फ एक सपना है,
भारत को हर मामले में सबसे ऊपर देखना है।
Hamare paas sirf ek sapna hai,
Bharat ko har maamle mein sabse upar dekhna hai.
115
देशभक्ति की भावना अब खून में समा गई है,
हम हर पल अपने देश के लिए जीते हैं।
Deshbhakti ki bhavna ab khoon mein sama gayi hai,
Hum har pal apne desh ke liye jeete hain.
116
हमसे लड़ने वाले हर दुश्मन का खात्मा तय है,
हमारे खून में यही स्वाभाविक शक्ति है।
Humse ladne wale har dushman ka khatma tay hai,
Hamare khoon mein yeh swabhavik shakti hai.
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देश के लिए मरने वाले कभी हारते नहीं,
उनकी शहादत में ही भारत की असली ताकत है।
Desh ke liye marne wale kabhi haarte nahi,
Unki shahadat mein hi Bharat ki asli taqat hai.
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सिर्फ तिरंगा हमें जीतने की राह दिखाता है,
हमारा जज़्बा उस पर लिखी शायरी से सच्चा है।
Sirf tiranga humein jeetne ki raah dikhata hai,
Hamara jazba us par likhi shayari se sachcha hai.
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हमारा क़दम क़दम पर देश का हक है,
हमेशा इस धरती पर जीत हमारी है।
Hamara kadam kadam par desh ka hak hai,
Hamesha is dharti par jeet hamari hai.
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देश के लिए हर संघर्ष को जज़्बा बनाओ,
जो अपनी शहादत को सच्ची उम्मीद बनाओ।
Desh ke liye har sangharsh ko jazba banao,
Jo apni shahadat ko sachchi ummid banao.
देश प्रेम है तो 26 जनवरी पर जरुर पढ़िए
देश भक्तों के लिए कविता – श्रद्धा सुमन🌹🌹🙏🙏
श्रद्धा सुमन करें अर्पण
आजादी के दीवानों को
तन मन धन किया अर्पण
ऐसे वीर परवानों को
देश रहे खुशहाल हर पल
देश की खातिर मिट गए सब
देश को ही माना सबने रब
सर श्रधा से झुक जाता याद आते जब जब
न दौलत की चाह थी न सोहरत की चाह
आजादी की खातिर चुनी बलिदान की राह
बीर सपूतों ने न्यौछावर किया खुद को निसकाम
कैसे भुलाए बैठे हैं हम उनका बलिदान
मेरा रंग दे बसंती चोला यही गीत उनका
देख वतन की गुलामी खून खौल उठा जिनका
जिनके लहू से सिचा यह हमन वतन उनका
कैसे हम चुका पाएंगे ऋण उनका
सोये काँटों पर हमारे आज की खातिर भूखे प्यासे
पद पानी रोटी त्यागी आजादी के प्यासे
लूट रहे सब आज देश को मिलजुलकर
शहीदों का त्याग तपस्या बलिदान भूलकर [[दिल से ]]
देश भक्ति पर मेरी कविता -“पाने को आजादी का दिन “
दोस्तों ये कविता मेरी उनआजादी के दीवानों के लिए है जिन्हुने देश को आजाद करने को जाने कितनी कुर्वानी थीं ,अपना सर्वस्व देश को देंने वाले आजादी के वीरों को श्रधान्जली देती हुई ये कविता जिसका शीर्षक है “पाने को आजादी का दिन “
“पाने को आजादी का दिन
जाने कितने बलिदान हुए
माताओं ने अपने लाल के खातिर
जाने कितने आश्रु व्हाए
जाने कितनी बहनो से भाई बिछुड़े
जाने कितनी सुहागिनो ने सुहागलुटाए
धरती को बिछोना बनाया
और अंबर को ओढ़ा
कितनी रातें भूखे सोये
पानी को जी भर तड़पे
पाने को आजादी का दिन
जाने कितने बलिदान हुए
धूप गर्मी सर्दी नही देखी
देश के खातिर खुदगर्जी नही देखी
नंगे पांव और कपड़े नही देखे
लाठी गोली तन पर झेले
पाने को आजादी का दिन
जाने कितने बलिदान हुए
देश के खातिर मौत से खेले
कितनी मुश्किल से पाई ये आजादी
सोच रहे आज हम नादान
याद कर कर दिया ऊँचा काम
पाने को आजादी का दिन जाने
कितन बलिदान हुए
नही हो सकते हम उनके
ऋण से जभी उऋण
चूका नही सकते उनके बलिदानों का ऋण
बेकारी बेबसी लाचारी के लिए आहुति
कदापि उन बीरों ने नही दी
देश को धर्म मजहब क्षेत्रवाद मे बाटो
ये उनका सपना नही
वोट बेचो और खरीदो ये
तो स्वतन्त्रता का मोल नही
घूस खोरी कामचोरी
आजादी की निशानी नही
सुनो देश के सभी देशवासियों
वीरों कि सच्ची श्रधांजलि यही
देश को सबल और मजबूत बनाए
देश से भृष्टाचार मिटाएं
गरीबी अशिक्षा मिटाए
प्रजा तन्त्र मजबूत बनाएं
भेदभाव मन से मिटाए
देश की संस्कृति बचाए
भारत का गौरब बढाए
देश को समृद्ध बनाए
तिरंगे को शीश झुकाए
वीरों को सच्ची श्रधांजलि देवें”



