कभी जो दिल से सोचते थे, आज दिमाग से जीते हैं…

अब emotions नहीं रहते, बस self-control रह गया है…

दिल टूट चुका है, इसलिए अब फर्क नहीं पड़ता…

जिसने दर्द दिया, अब उससे कोई उम्मीद नहीं…

अब हम बदल चुके हैं, पहले जैसे नहीं रहे…

अब किसी के लिए नहीं रुकते, जो अपना है वही साथ है…

Cold heart बन चुका है दिल, अब असर नहीं होता किसी बात का…

अब अकेलापन भी अच्छा लगता है, कम से कम धोखा तो नहीं…

अब अकेलापन भी अच्छा लगता है, कम से कम धोखा तो नहीं…

दिल नहीं अब दिमाग चलता है, यही हमारी ताकत है…

अब कोई फर्क नहीं पड़ता, कौन अपना है कौन पराया…

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अब हम strong बन चुके हैं, टूटकर भी संभलना सीख लिया है…