पहली बार दिल धड़का… कुछ अलग सा लगा ❤️

ना चेहरा साफ दिखा, पर एहसास गहरा था

हर बार वही ख्याल, दिल उसी तरफ भागा 💓

समझ नहीं आया, ये इश्क़ था या धड़कन का खेल…

धीरे-धीरे आदत बनी, हर धड़कन में वो शामिल 💕

अब हाल ये था… दिल मेरा, पर सुनता उसका था 💔

कहना बहुत कुछ था, पर धड़कन ही बोलती रही…

एक दिन हिम्मत की, दिल ने इकरार कर दिया ❤️

वो मुस्कुराया… धड़कन और तेज़ हो गई 💓🔥

पर किस्मत को कुछ और मंज़ूर था… वो दूर चला गया 💔

अब भी दिल धड़कता है, पर नाम उसी का लेता है…

कुछ कहानियाँ अधूरी नहीं होती… बस धड़कनों में जीती हैं ❤️