“आँखें जो सब कह जाएं”

“नज़रों में छुपा दर्द

आँखों की खामोश बातें : जो लफ्ज़ कभी कह न सके…

“तेरी आँखों में जो बात थी, वो लफ्ज़ों में कहाँ

“आँखें सब कुछ कह जाती हैं,

“कुछ दर्द आँखों में छुपे रहते हैं, जो कोई सम“कुछ दर्द आँखों में छुपे रहते हैं, जो कोई समझ नहीं पाता…” झ नहीं पाता…”

“आँखों में आँसू थे, पर होंठों ने मुस्कुराना सीखा…

“तेरी एक नज़र ने, मेरी पूरी दुनिया बदल दी…”

“आँखें झूठ नहीं बोलती,

“तेरी आँखों का असर ऐसा था, कि मैं खुद को भूल गया…”

“नज़रें मिली तो लगा, जैसे वक्त रुक गया…”

“तेरी आँखों में जो सुकून था, वो कहीं और नहीं मिला…